जयपुर में जिला कलक्टर संदेश नायक के निर्देशानुसार बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में अतिरिक्त जिला कलक्टर (उत्तर) राजेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में जिले में संचालित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों और योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी प्रथम डॉ. रवि शेखावत, द्वितीय डॉ. मनीष मित्तल सहित चिकित्सा विभाग के अधिकारी और संबंधित विभागों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

बैठक में मौसमी बीमारियों की रोकथाम को लेकर चिकित्सा संस्थानों में साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। अतिरिक्त जिला कलक्टर ने चिकित्सा स्टाफ की 24 घंटे तैनाती रखने, नियमित रूप से एंटीलार्वा गतिविधियां संचालित करने, निरंतर फॉगिंग और आईईएसी गतिविधियां कराने तथा सप्ताह में एक दिन ड्राई डे मनाने के निर्देश दिए। उन्होंने इन सभी गतिविधियों की प्रविष्टि मरुधर एप पर किए जाने के भी निर्देश दिए। साथ ही हरियालो राजस्थान अभियान के तहत चिकित्सा संस्थानों में पौधरोपण कराने के निर्देश भी दिए गए।

हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (एचआरपी) अभियान की समीक्षा के दौरान गंभीरता के साथ कार्य करने पर जोर दिया गया। जुलाई और अगस्त में संभावित प्रसव को ध्यान में रखते हुए सीएचओ, एएनएम और आशा सहयोगिनी को नियमित एएनसी संपर्क सुनिश्चित करने के लिए पाबंद किए जाने के निर्देश दिए गए।

एचपीवी टीकाकरण की समीक्षा के दौरान टीकाकरण अभियान को अपेक्षित गति से संचालित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में सम्पूर्ण टीकाकरण की भी समीक्षा की गई और छूटे हुए टीकाकरण को पूरा करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। इसके अलावा ओजस और लाडो प्रोत्साहन योजना की लंबित प्रकरणों को समाप्त करने के निर्देश दिए गए। अतिरिक्त जिला कलक्टर ने लाडो प्रोत्साहन योजना और जननी सुरक्षा योजना के भुगतान पूर्ण करने, आभा आईडी से जुड़े कार्यों को पूरा करने, पीएमजेएवाई कार्ड बनाने तथा ई-केवाईसी कराने के भी निर्देश दिए।

बैठक में मुख्यमंत्री निःशुल्क दवा योजना, एनसीडी, एएनसी, परिवार कल्याण, मां योजना, मां वाऊचर योजना, संस्थागत प्रसव, पीसीपीएनडीटी योजना, आरबीएसके योजना और टीबी मुक्त भारत अभियान की भी समीक्षा की गई। विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए, ताकि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं का संचालन निर्धारित मानकों के अनुरूप सुनिश्चित किया जा सके।

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