जयपुर: अरावली की छाती चीरने वाले माफियाओं पर जिला प्रशासन का वज्रपात, पांच दिनों में 50 वाहन जब्त कर वसूला भारी जुर्माना

जयपुर। राजस्थान की हृदयस्थली जयपुर में अरावली पर्वतमाला की वादियों को अवैध खनन के दंश से मुक्त कराने के लिए जिला प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी और निर्णायक घेराबंदी शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की मंशा के अनुरूप अरावली की पारिस्थितिकी को बचाने के संकल्प के साथ जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के नेतृत्व में प्रशासन ने भू-माफियाओं के खिलाफ एक ऐसा कड़ा प्रहार किया है, जिसने खनन माफियाओं के तंत्र को झकझोर कर रख दिया है। पिछले पांच दिनों से जिले के विभिन्न अंचलों में जारी इस विशेष संयुक्त अभियान ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अरावली के संरक्षण के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

इस सुनियोजित कार्रवाई की कमान संभालते हुए जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के सख्त निर्देशों पर खनिज विभाग, पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीमों ने जिले के संवेदनशील इलाकों में एक साथ दबिश दी। अभियान की सफलता की पुष्टि करते हुए खनि अभियंता श्री श्याम चौधरी ने बताया कि इस सघन तलाशी और छापेमारी के दौरान अवैध खनन में लिप्त भारी मशीनरी और परिवहन के साधनों को रंगे हाथों पकड़ा गया। प्रशासन की इस कार्रवाई में कुल 50 वाहनों को सीज किया गया है, जिनमें जमीन का सीना चीरने वाली 02 विशाल एक्सकेवेटर मशीनें, अवैध पत्थर ढोते 14 डंपर और 34 ट्रैक्टर-ट्रॉली शामिल हैं। इन सभी वाहनों को संबंधित थानों की सुपुर्दगी में देकर माफियाओं के आर्थिक आधार पर गहरी चोट की गई है।

दंडात्मक कार्रवाई का सिलसिला केवल जब्ती तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि प्रशासन ने इस दौरान राजस्व वसूली और कानूनी कार्रवाई के नए कीर्तिमान स्थापित किए। खनिज विभाग द्वारा कुल 46 प्रकरण दर्ज किए गए, जिसके परिणामस्वरूप दोषी पक्षों से 50 लाख 36 हजार रुपये की भारी-भरकम जुर्माना राशि वसूल कर राजकोष में जमा कराई गई। इसके अतिरिक्त, अवैध खनन की पुनरावृत्ति रोकने और कानून का भय कायम करने के उद्देश्य से 07 गंभीर मामलों में प्राथमिकी (FIR) भी दर्ज की गई है। इनमें शिवदासपुरा थाने में 01, कोटखावदा में 02, चाकसू में 03 और कानोता थाने में 01 मामला दर्ज कर अपराधियों के विरुद्ध कानूनी शिकंजा कस दिया गया है।

जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने इस सफल अभियान के बाद अधिकारियों को सख्त लहजे में हिदायत दी है कि अरावली के अस्तित्व को खतरा पहुँचाने वाली किसी भी गतिविधि को कतई सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई केवल एक शुरुआत है और आने वाले दिनों में यह संयुक्त अभियान और अधिक तीव्रता के साथ जारी रहेगा। प्रशासन का यह कदम न केवल पर्यावरण संतुलन बनाए रखने की दिशा में एक बड़ी जीत है, बल्कि यह उन तत्वों के लिए भी एक कड़ी चेतावनी है जो कानून की धज्जियां उड़ाकर प्राकृतिक संपदा का दोहन कर रहे हैं। इस कार्रवाई ने जयपुर के नागरिकों के बीच प्रशासन की सक्रियता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता की एक नई मिसाल पेश की है।

Pratahkal Bureau

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