जयपुर में 'दीपावली उत्सव' संपन्न, स्थानीय हस्तशिल्प को मिला बढ़ावा
22 गोदाम परिसर में आयोजित दो दिवसीय प्रदर्शनी में 80 से अधिक स्टॉल्स पर शिल्पकारों और बुनकरों के उत्पादों की हुई बंपर बिक्री।

जयपुर में स्थानीय हस्तशिल्प और हथकरघा उत्पादों की खरीदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित दो दिवसीय ‘दीपावली उत्सव’ का 23 अक्टूबर 2026 को उत्साहपूर्ण समापन हुआ। 22 गोदाम स्थित परिसर में आयोजित इस प्रदर्शनी में 2,500 से अधिक आगंतुकों ने हिस्सा लिया। वहीं, 80 से अधिक स्टॉल्स पर स्थानीय शिल्पकारों और बुनकरों के उत्पादों का प्रदर्शन एवं विक्रय किया गया। आयोजन के अंतिम दिन भी शहरवासियों में खासा उत्साह देखने को मिला और लोगों ने पारंपरिक एवं हस्तनिर्मित उत्पादों की जमकर खरीदारी की।
जिला उद्योग एवं वाणिज्य केन्द्र, जयपुर (शहर) की ओर से दीपावली के अवसर पर आयोजित इस प्रदर्शनी में जयपुर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के शिल्पकारों तथा बुनकरों द्वारा तैयार किए गए पारंपरिक उत्पाद आकर्षण का केंद्र रहे। बगरू एवं सांगानेरी ब्लॉक प्रिंट, बंधेज, विश्वप्रसिद्ध जयपुर ब्लू पॉटरी, कुंदन-मीनाकारी आभूषण, काष्ठ शिल्प, तारकशी कला, पारंपरिक चित्रकलाएं, मिट्टी के बर्तन, गृह सज्जा सामग्री और दीपावली पूजन सामग्री को आगंतुकों ने विशेष रूप से पसंद किया। उत्पादों में लोगों की रुचि और खरीदारी के प्रति उनके उत्साह ने स्थानीय हस्तशिल्प की लोकप्रियता को प्रदर्शित किया।
स्थानीय कारीगरों को मिला बाजार, ‘वोकल फॉर लोकल’ को प्रोत्साहन
‘दीपावली उत्सव’ का मुख्य उद्देश्य स्थानीय दस्तकारों एवं बुनकरों को प्रत्यक्ष बाजार उपलब्ध कराना, उनके उत्पादों को व्यापक पहचान दिलाना और उन्हें सीधे उपभोक्ताओं से जोड़ना था। इस पहल के माध्यम से पारंपरिक कलाओं के संरक्षण एवं संवर्धन के साथ स्थानीय कारीगरों की आजीविका को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास किया गया।
प्रदर्शनी में 2,500 से अधिक आगंतुकों की सहभागिता और स्थानीय उत्पादों की खरीदारी के प्रति उत्साह ने ‘वोकल फॉर लोकल’ एवं ‘आत्मनिर्भर भारत’ की भावना को मजबूती दी। दो दिवसीय आयोजन ने स्थानीय शिल्पकारों को अपनी कला, कौशल और रचनात्मकता प्रदर्शित करने के साथ ही उत्पादों के विपणन एवं बिक्री के लिए प्रभावी मंच उपलब्ध कराया।
आयोजन के प्रति आमजन की सकारात्मक प्रतिक्रिया ने स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने और स्थानीय शिल्प परंपराओं को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता को रेखांकित किया। जिला उद्योग एवं वाणिज्य केन्द्र, जयपुर (शहर) ने आयोजन को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी शिल्पकारों, बुनकरों और आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस तरह ‘दीपावली उत्सव’ स्थानीय उत्पादों को बाजार से जोड़ने और पारंपरिक हस्तशिल्प को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य के साथ संपन्न हुआ।

