जयपुर। राजस्थान की सियासत का पारा एक बार फिर परवान चढ़ने को है क्योंकि गुलाबी नगरी में 28 जनवरी 2026 से सोलहवीं राजस्थान विधानसभा के पंचम सत्र का बिगुल बजने जा रहा है। सदन के भीतर उठने वाले तीखे सवालों और ज्वलंत मुद्दों पर सरकार की घेराबंदी का जवाब देने के लिए जयपुर जिला प्रशासन ने अपनी कमर कस ली है। कलेक्ट्रेट के गलियारों में अब आम दिनों जैसी खामोशी नहीं, बल्कि एक युद्धस्तर की सक्रियता नजर आने वाली है, क्योंकि जिला कलेक्टर के निर्देशानुसार यहां एक अत्याधुनिक और मुस्तैद 'नियंत्रण कक्ष' की स्थापना कर दी गई है।

विधानसभा सत्र के दौरान विधायकों द्वारा पूछे जाने वाले तारांकित और अतारांकित प्रश्नों के साथ-साथ ध्यानाकर्षण प्रस्तावों और विशेष उल्लेखों का समयबद्ध जवाब तैयार करना प्रशासन के लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं होता। इसी चुनौती को देखते हुए कलेक्ट्रेट प्रशासन ने एक अभेद्य तंत्र विकसित किया है, जो सूचनाओं के आदान-प्रदान और राजकीय प्रत्युत्तरों को बिना किसी विलंब के विधानसभा की मेज तक पहुंचाएगा। इस पूरी व्यवस्था को चाक-चौबंद बनाने के लिए दो पारियों में संचालन का निर्णय लिया गया है, जो सुबह 8 बजे से शुरू होकर रात 10 बजे तक अनवरत जारी रहेगा। खास बात यह है कि लोकतंत्र के इस महापर्व के दौरान यह कंट्रोल रूम राजकीय अवकाश के दिनों में भी अपनी सेवाएं देता रहेगा, ताकि कोई भी महत्वपूर्ण सूचना समय की कमी के कारण अधूरी न रह जाए।

इस प्रशासनिक मोर्चेबंदी की कमान अनुभवी हाथों में सौंपी गई है। अतिरिक्त जिला कलक्टर (पूर्व) श्री नरेन्द्र कुमार वर्मा को इस नियंत्रण कक्ष का प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया गया है, जबकि संस्थापन अधिकारी श्री बाबूलाल मीणा सह-प्रभारी के रूप में व्यवस्थाओं को गति देंगे। इन दोनों वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में 12 कर्मठ अधिकारियों और कर्मचारियों की एक विशेष टीम तैनात की गई है, जो फाइलों और डिजिटल इनपुट्स के बीच सेतु का कार्य करेगी। किसी भी आपात सूचना या समन्वय के लिए मोबाइल नंबर 9785273342 और ई-मेल आईडी generalsectionjpr@gmail.com को सक्रिय कर दिया गया है, जो प्रशासन और सरकार के बीच संचार का मुख्य केंद्र होगा।

कार्यप्रणाली को इतना सुव्यवस्थित किया गया है कि जैसे ही कोई प्रश्न या प्रस्ताव नियंत्रण कक्ष में पहुंचेगा, उसे तुरंत रजिस्टर में दर्ज कर संबंधित शाखा को बिजली की गति से प्रेषित किया जाएगा। संबंधित शाखा प्रभारियों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर सटीक उत्तर तैयार कर प्रभारी अधिकारी को सौंपें। यह पूरी कवायद न केवल प्रशासनिक कुशलता को दर्शाती है, बल्कि सदन की गरिमा और जनहित के सवालों के प्रति जवाबदेही को भी सुनिश्चित करती है। जयपुर कलेक्ट्रेट की यह मुस्तैदी सत्र के दौरान होने वाली विधायी प्रक्रियाओं को एक नई ऊर्जा और सुगमता प्रदान करेगी, जिससे जनता की आवाज को सरकारी रिकॉर्ड में सही और समय पर स्थान मिल सके।

Pratahkal Bureau

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