जयपुर। राजस्थान सरकार की 'सहकार से समृद्धि' की संकल्पना को धरातल पर उतारने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में जयपुर जिला प्रशासन ने निर्णायक कदम उठाए हैं। गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला कलक्टर संदेश नायक की अध्यक्षता में आयोजित जिला सहकारिता विकास समिति की महत्वपूर्ण बैठक में जिले की सहकारी समितियों के कायाकल्प और किसानों के सशक्तिकरण को लेकर विस्तृत कार्ययोजना पर मुहर लगाई गई। जिला कलक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि राज्य सरकार की बजट घोषणा वर्ष 2026-27 की पालना में जिले की समस्त पैक्स विहीन ग्राम पंचायतों में अविलंब पैक्स का गठन सुनिश्चित किया जाए, ताकि सहकारिता का लाभ गांव-ढाणी तक पहुंच सके।

बैठक के दौरान कलक्टर ने जिले की सहकारी संरचना को आधुनिक बनाने पर विशेष बल देते हुए समस्त पैक्स समितियों के पूर्ण कम्प्यूटरीकरण के निर्देश दिए, जिससे इन्हें 'ई-पैक्स' के रूप में उन्नत कर पारदर्शिता और कार्यकुशलता को बढ़ाया जा सके। उन्होंने पैक्स समितियों के माध्यम से संचालित कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) और प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र (PMKSK) जैसी जनोपयोगी पहलों की बारीकी से समीक्षा की। नायक ने अधिकारियों को पाबंद किया कि इन सेवाओं के लिए मासिक लक्ष्य निर्धारित किए जाएं और एक समयबद्ध रणनीति के तहत इनकी शत-प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित की जाए।

रणनीतिक चर्चा के दौरान विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना के तहत निर्मित गोदामों की उपयोगिता पर भी विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। कलक्टर ने इन गोदामों के अधिकतम उपयोग और 'सहकार से समृद्धि' अभियान के विभिन्न बिंदुओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु संबंधित अधिकारियों को कड़े दिशा-निर्देश प्रदान किए। उन्होंने जोर देकर कहा कि सहकारी योजनाओं का लाभ केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि इनका सीधा लाभ अंतिम छोर पर बैठे किसानों और ग्रामीणों तक पहुंचे। इसके लिए उन्होंने निर्धारित लक्ष्यों की नियमित मॉनिटरिंग और जवाबदेही तय करने की बात कही। इस उच्च स्तरीय बैठक में अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (जयपुर उत्तर) मुकेश मूण्ड, द जयपुर सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड के प्रबंध निदेशक, उप रजिस्ट्रार सहकारी समितियां (शहर व ग्रामीण), नाबार्ड के डीडीएम सहित समिति के अन्य वरिष्ठ सदस्य उपस्थित रहे, जिन्होंने सहकारिता के इस महाभियान को गति देने का संकल्प दोहराया।

Pratahkal HQ

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