जयपुर जिला प्रशासन ने कोचिंग संस्थानों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य और पारदर्शी संचालन सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए 31 जुलाई 2026 तक ईज़ी एग्जिट नीति, मनोचिकित्सकों का विवरण और अग्नि सुरक्षा अनुपालना रिपोर्ट प्रस्तुत करना अनिवार्य कर दिया है। गुरुवार को जिला कलक्टर संदेश नायक की अध्यक्षता में जिला कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में जिले के कोचिंग संस्थानों के प्रतिनिधियों और संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ इन विषयों पर विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर जयपुर दक्षिण युगांतर शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे।

बैठक के दौरान जिला कलक्टर संदेश नायक ने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करना सभी कोचिंग संस्थानों की नैतिक एवं सामाजिक जिम्मेदारी है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी कोचिंग संस्थान 31 जुलाई 2026 तक अपनी प्रमाणित ईज़ी एग्जिट नीति जिला प्रशासन को उपलब्ध कराएं, ताकि आवश्यकता पड़ने पर विद्यार्थियों को संस्थान छोड़ने में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। साथ ही फीस संबंधी विवादों के त्वरित और पारदर्शी समाधान के लिए स्पष्ट एग्जिट नीति लिखित रूप में उपलब्ध कराना भी सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में यह निर्णय लिया गया कि सभी कोचिंग संस्थानों में अग्नि सुरक्षा, विद्युत सुरक्षा, भवन (स्ट्रक्चरल) सुरक्षा तथा छात्र-छात्राओं के मानसिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा से जुड़े विषयों पर नियमित प्रशिक्षण आयोजित किए जाएंगे। इसके लिए सार्वजनिक निर्माण विभाग, जयपुर विकास प्राधिकरण, नगर निगम और अग्निशमन विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टीम गठित कर प्रशिक्षण एवं निरीक्षण की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इसके अतिरिक्त जयपुर शहर के बाहरी क्षेत्रों में संचालित कोचिंग संस्थानों का भी अग्नि सुरक्षा ऑडिट कराया जाएगा।

जिला कलक्टर ने सभी कोचिंग संस्थानों को निर्देश दिए कि वे 31 जुलाई 2026 तक अपने यहां उपलब्ध अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की अनुपालना रिपोर्ट जिला प्रशासन को प्रस्तुत करें तथा सभी संबंधित कार्मिकों को अग्नि सुरक्षा का प्रशिक्षण दिलाना सुनिश्चित करें। इसके साथ ही प्रत्येक संस्थान में नियुक्त गेटकीपरों का प्रशिक्षण अनिवार्य रूप से कराने और 30 जुलाई 2026 तक प्रशिक्षण पूर्ण कर शपथ-पत्र जिला प्रशासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। जो संस्थान स्वयं प्रशिक्षण आयोजित करने में सक्षम नहीं होंगे, उनके लिए जिला प्रशासन निःशुल्क प्रशिक्षण की व्यवस्था करेगा।

विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रत्येक कोचिंग संस्थान में पर्याप्त संख्या में मनोचिकित्सक, मनोवैज्ञानिक और काउंसलर नियुक्त करने के निर्देश दिए गए। सभी संस्थानों को उनकी अद्यतन सूची और संपर्क विवरण 31 जुलाई 2026 तक जिला प्रशासन को उपलब्ध कराना होगा। साथ ही पीएचक्यू-9 जैसे मानसिक स्वास्थ्य मूल्यांकन तथा विद्यार्थियों के नियमित काउंसलिंग सत्र आयोजित करने पर विशेष बल दिया गया।

बैठक में प्रत्येक कोचिंग संस्थान में प्रभावी शिकायत निवारण तंत्र स्थापित करने, शिकायत अधिकारी नियुक्त करने तथा विद्यार्थियों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। इसके साथ ही परिसर में टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर प्रमुखता से प्रदर्शित किए जाएंगे, ताकि आवश्यकता पड़ने पर विद्यार्थी तत्काल सहायता प्राप्त कर सकें।

जिला कलक्टर ने सभी संस्थानों को निर्धारित आचार संहिता (कोड ऑफ कंडक्ट) का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए विद्यार्थियों के प्रति नैतिक एवं मानवीय दायित्वों का निर्वहन करने और सुरक्षित, सकारात्मक तथा तनावमुक्त शैक्षणिक वातावरण विकसित करने पर जोर दिया। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि ऑफलाइन अध्ययनरत विद्यार्थियों के ऑनलाइन माध्यम में तथा ऑनलाइन अध्ययनरत विद्यार्थियों के ऑफलाइन माध्यम में स्थानांतरण (स्विचिंग) के संबंध में प्रत्येक संस्थान स्पष्ट नीति तैयार कर 30 जुलाई 2026 तक जिला प्रशासन को उपलब्ध कराए।

बैठक के दौरान जिला कलक्टर ने नकल विरोधी अधिनियम के संबंध में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए, ताकि छात्र-छात्राओं को सही जानकारी मिल सके और वे किसी भी प्रकार की भ्रांतियों अथवा अफवाहों से प्रभावित न हों। इसके लिए प्रमुख स्थानों पर आवश्यक दिशा-निर्देश और सूचना सामग्री प्रदर्शित की जाएगी। अंत में उन्होंने सभी कोचिंग संस्थानों से शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों, सुरक्षा मानकों और नियामक प्रावधानों की समयबद्ध एवं पूर्ण अनुपालना सुनिश्चित करने का आह्वान करते हुए कहा कि विद्यार्थियों के हित सर्वोपरि हैं और सभी संस्थान सुरक्षित, पारदर्शी, उत्तरदायी तथा छात्र-केंद्रित शिक्षण वातावरण विकसित करने की दिशा में गंभीरता से कार्य करें।

Pratahkal Bureau

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