राजस्थान की धरा पर कृषि के आधुनिक कायाकल्प, तकनीकी समावेश और निवेश के नए क्षितिज खोलने के उद्देश्य से शुक्रवार को जयपुर में 'ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट (ग्राम)–2026' के कर्टेन रेज़र एवं ओरिएंटेशन वर्कशॉप का भव्य और सफल आयोजन किया गया। कृषि विभाग, राजस्थान तथा समिट पार्टनर फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस गरिमामयी कार्यक्रम का मुख्य फोकस कृषि में नवाचार, अत्याधुनिक तकनीक और उद्यमिता को बढ़ावा देने पर रहा। इस ऐतिहासिक अवसर पर माननीय मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 'ग्राम-2026' का आधिकारिक लोगो और ब्रोशर लॉन्च कर राज्य को आत्मनिर्भर एवं भविष्य उन्मुख कृषि अर्थव्यवस्था बनाने का शंखनाद किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार दीप प्रज्वलन और आत्मीय स्वागत के साथ हुआ। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मुख्य आतिथ्य में आयोजित इस कार्यशाला में 'गेस्ट ऑफ ऑनर' के रूप में कृषि एवं उद्यानिकी मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री जोराराम कुमावत और सहकारिता राज्य मंत्री गौतम कुमार ने शिरकत की। प्रशासनिक महकमे से मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास, अतिरिक्त मुख्य सचिव (जल संसाधन) श्री अभय कुमार, अतिरिक्त मुख्य सचिव (उद्योग) श्री शिखर अग्रवाल, प्रमुख शासन सचिव (कृषि) श्रीमती मंजू राजपाल एवं ईआईएमए एग्रीमेक एवं फार्म मैकेनाइजेशन कमेटी के अध्यक्ष व टीएएफई लिमिटेड के डायरेक्टर टी. आर. केसवन की उपस्थिति ने आयोजन की गंभीरता और महत्ता को रेखांकित किया।

संबोधन की श्रृंखला में कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार कृषि निवेश, निर्यात-उन्मुख उत्पादन और डिजिटल परिवर्तन हेतु पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने विशेष रूप से मोटे अनाज (मिलेट्स), बागवानी, प्रिसिजन फार्मिंग और जल संरक्षण तकनीकों पर बल देते हुए राजस्थान को वैश्विक कृषि व्यापार का केंद्र बनाने का विजन प्रस्तुत किया। इसी क्रम में 'ग्राम-2026' की विस्तृत रूपरेखा को प्रदर्शित करती एक विशेष फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया, जिसने उपस्थित नीति-निर्माताओं, उद्योग प्रतिनिधियों, स्टार्टअप्स और प्रगतिशील किसानों को भविष्य की संभावनाओं से रूबरू कराया। प्रमुख शासन सचिव श्रीमती मंजू राजपाल ने 'ग्राम 2026' को मुख्यमंत्री की दूरदृष्टि का परिणाम बताते हुए कहा कि यह मंच किसानों और एग्रीटेक कंपनियों के बीच सेतु बनेगा, जिससे निवेश और तकनीकी अपनाने की प्रक्रिया को नई गति मिलेगी।

कार्यशाला के दौरान दो महत्वपूर्ण ओरिएंटेशन सत्र आयोजित किए गए। प्रथम सत्र 'कृषि में नवाचार एवं उन्नत तकनीक' में कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने मुख्यमंत्री के विजन को साझा करते हुए बताया कि सरकार मधुमक्खी पालन, स्प्रिंकलर सिस्टम और एकीकृत कृषि के जरिए किसानों और विभाग के बीच के संवाद अंतराल को कम कर रही है। इस सत्र में प्रगतिशील किसान मोहनलाल मीणा ने खेती को व्यवसाय के रूप में अपनाने की वकालत की, जबकि 'अपना गोदाम' के सीईओ संजय अग्रवाल ने ऑनलाइन ट्रेडिंग और प्राइस लॉक सुविधा वाले ऐप के माध्यम से पारदर्शी बिक्री की जानकारी दी।

द्वितीय सत्र 'कृषि में उद्यमिता: एग्री स्टार्टअप, एनजीओ एवं एफपीओ की भूमिका' में नवाचारों पर विस्तृत चर्चा हुई। 'बेसिक फूड स्टूडियो' की सीईओ तनुश्री सिंह ने बाजार की मांग के अनुरूप इनोवेशन पर जोर दिया, वहीं 'फ्रेशेकार्ट्स' के राजेंद्र लोढ़ा ने स्टार्टअप्स के लिए सरकारी सुविधाओं की सराहना की। 'वर्डेंट इंपैक्ट' के मनीष कुमार ने युवा पीढ़ी को खेती से जोड़ने का आह्वान किया, जबकि एफईइस एनजीओ के शांतनु राय ने राजस्थान की जीडीपी में कृषि के 30 प्रतिशत योगदान का उल्लेख करते हुए सॉयल, ब्राउन और वॉटर क्रेडिट जैसे क्रांतिकारी कॉन्सेप्ट्स पेश किए। कार्यक्रम का समापन टी. आर. केसवन के उद्बोधन के साथ हुआ, जिन्होंने कृषि यंत्रीकरण को किसानों का मार्गदर्शक बताया। यह आयोजन राजस्थान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पटल पर एक सशक्त एग्रीटेक हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित हुआ है।

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