जयपुर के भट्टा बस्ती क्षेत्र में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर महानगर द्वितीय की त्वरित कार्रवाई से 2 बालिकाओं का बाल विवाह होने से रोक दिया गया। दोनों बालिकाओं का विवाह 24 जुलाई 2026 को प्रस्तावित था, जिसे कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से रुकवाया गया।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर महानगर द्वितीय को सूत्रों से सूचना प्राप्त हुई थी कि भट्टा बस्ती क्षेत्र में 2 बालिकाओं का बाल विवाह कराया जा रहा है। सूचना मिलते ही प्राधिकरण ने तत्काल प्रभाव से जिला बाल संरक्षण इकाई (डीसीपीयू) को जानकारी दी और उनकी सहायता से दोनों बालिकाओं की काउंसलिंग कराई गई।

काउंसलिंग के बाद भी बालिकाओं की माता बाल विवाह रोकने के लिए सहमत नहीं हुई। इसके बाद जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर महानगर द्वितीय की ओर से कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।

सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर महानगर द्वितीय पल्लवी शर्मा ने बताया कि माननीय राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की स्कीम आशा के तहत चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसेल द्वारा निषेधाज्ञा संबंधी कार्यवाही की गई। इस कार्यवाही के दौरान नोटिस जारी किए गए और इसके बाद बालिकाओं की माता को पाबंद किया गया।

माननीय राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर महानगर द्वितीय ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 जुलाई 2026 को प्रस्तावित दोनों बालिकाओं का बाल विवाह रुकवा दिया। इस कार्रवाई से बालिकाओं को कम उम्र में विवाह होने से बचाया गया और कानूनी प्रावधानों के तहत आवश्यक कदम उठाए गए।

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