जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर स्थित राजस्थान पुलिस अकादमी में गुरुवार को आयोजित राज्य स्तरीय पुलिस सम्मेलन केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि 'विकसित भारत' के संकल्प की सिद्धि में कानून-व्यवस्था की निर्णायक भूमिका को रेखांकित करने वाला एक ऐतिहासिक पड़ाव साबित हुआ। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने इस अवसर पर राष्ट्र सेवा के समर्पित भाव को सर्वोपरि रखते हुए पुलिसिंग को और अधिक मानवीय, तकनीकी रूप से सक्षम और संवेदनशील बनाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रदेश की कानून-व्यवस्था में पिछले दो वर्षों में जो उल्लेखनीय सुधार हुए हैं, वे आने वाले समय में राजस्थान को देश के सबसे सुरक्षित राज्यों की श्रेणी में अग्रणी रखेंगे।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने गर्व के साथ साझा किया कि राजस्थान पुलिस अकादमी को केंद्र सरकार के क्षमता संवर्धन आयोग द्वारा देश के उत्कृष्ट पुलिस प्रशिक्षण संस्थान का दर्जा दिया गया है, जो राजस्थान के लिए एक बड़ी राष्ट्रीय उपलब्धि है। उन्होंने औपनिवेशिक मानसिकता के पुराने कानूनों के स्थान पर केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीन नए कानूनों की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नई न्याय संहिता से अब 'दंड' के बजाय 'न्याय' की अवधारणा पुख्ता हो रही है। कानून-व्यवस्था में आए बदलावों का प्रमाण आंकड़ों में देते हुए उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 की तुलना में राज्य में अपराधों में 15 प्रतिशत की भारी कमी दर्ज की गई है। विशेषकर लूट के मामलों में 50 प्रतिशत, हत्या के मामलों में 25 प्रतिशत और अनुसूचित जाति-जनजाति के विरुद्ध अत्याचारों में 28 प्रतिशत की गिरावट शासन की जीरो टॉलरेंस नीति का परिणाम है।

भविष्य की पीढ़ी को कानून के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने एक अभिनव पहल का सुझाव देते हुए कहा कि आगामी 12 जनवरी को युवा दिवस के अवसर पर प्रदेश के विद्यार्थियों को पुलिस थानों की विजिट कराई जाए। इससे युवाओं में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ेगा और वे सड़क सुरक्षा, नशा मुक्ति और नए कानूनों के बारे में सीधे रूबरू हो सकेंगे। साइबर सुरक्षा और संगठित अपराधों पर प्रहार करते हुए उन्होंने सोशल मीडिया स्क्रीनिंग और डिजिटल अरेस्ट जैसे मामलों में त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि पुलिस के आधुनिकीकरण के लिए 200 करोड़ रुपये का फंड और 350 करोड़ रुपये की लागत से 'सरदार पटेल सेंटर फॉर साइबर कंट्रोल रूम' की स्थापना की जाएगी। साथ ही, पुलिस कल्याण को ध्यान में रखते हुए कांस्टेबल से लेकर निरीक्षक स्तर तक के भत्तों में बढ़ोतरी कर सरकार ने पुलिस बल के मनोबल को नई ऊर्जा प्रदान की है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ई-विजिटर्स पोर्टल, ई-जीरो एफआईआर का शुभारंभ और 'राजस्थान पुलिस प्राथमिकता-2026' पुस्तिका का विमोचन भी किया। गृह राज्य मंत्री श्री जवाहर सिंह बेढ़म ने मुख्यमंत्री के नेतृत्व में अपराधियों में व्याप्त भय और आमजन में बढ़े विश्वास की सराहना की। इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में महानिदेशक पुलिस श्री राजीव कुमार शर्मा, मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास, अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह श्री भास्कर ए. सावंत, महानिदेशक प्रशिक्षण एवं यातायात श्री अनिल पालीवाल और राजस्थान पुलिस अकादमी के निदेशक श्री संजीव कुमार नर्जरी सहित आला अधिकारियों ने सहभागिता की। यह सम्मेलन इस संदेश के साथ संपन्न हुआ कि राजस्थान पुलिस अब आधुनिक तकनीक, एआई और सामुदायिक पुलिसिंग के समन्वय से एक सुरक्षित और समृद्ध राजस्थान की नींव रखने के लिए पूरी तरह तैयार है।

Pratahkal Bureau

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