जयपुर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के 61वें प्रांत अधिवेशन का उद्घाटन समारोह सोमवार को राष्ट्रनिर्माण, युवाशक्ति और संगठनात्मक अनुशासन के संदेश के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में विकसित होने वाली राष्ट्रनिर्माण की भावना आगे चलकर धरातल पर साकार होती है और यही भावना एक सशक्त, समृद्ध एवं आत्मनिर्भर भारत की नींव बनती है।

मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि विद्यार्थी परिषद से निकले अनेक कार्यकर्ता आज देश के विभिन्न उच्च पदों पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। संगठन के भीतर मिलने वाले अनुशासन, कर्तव्यपरायणता और राष्ट्र प्रथम के संस्कार ही मजबूत राष्ट्र के निर्माण में निर्णायक भूमिका निभाते हैं। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे ‘युवा राष्ट्र प्रथम’ की भावना के साथ देशहित में सक्रिय भूमिका निभाएं।

जयपुर में आयोजित इस अधिवेशन में प्रदेश के 23 जिलों से 700 से अधिक कर्मयोगी विद्यार्थियों ने भाग लिया, जबकि एक हजार से अधिक शिक्षाविद् और विद्यार्थी आयोजन से जुड़े। मुख्यमंत्री ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद पिछले सात दशकों से भी अधिक समय से भारत की अखंडता, गरिमा और राष्ट्रभक्ति के संरक्षण में अतुलनीय योगदान दे रही है। जब भी किसी युवा संगठन की बात आती है, तो एबीवीपी का नाम सम्मान और गौरव के साथ लिया जाता है। उन्होंने 1970 में बांग्लादेशी घुसपैठ के विरोध में चले आंदोलन और विश्वविद्यालयों में स्वस्थ शैक्षणिक वातावरण के निर्माण जैसे अभियानों को परिषद की ऐतिहासिक भूमिका का उदाहरण बताया।

मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2014 के बाद देश में आए व्यापक परिवर्तनों का उल्लेख करते हुए कहा कि किसानों, महिलाओं, युवाओं और गरीब वर्ग के सशक्तीकरण के लिए कई ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अन्त्योदय के विचार को आगे बढ़ाते हुए राज्य सरकार अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

राजस्थान की सुरक्षा और जनसांख्यिकी संतुलन पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा घोषित हाई पावर्ड डेमोग्राफी मिशन और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के स्पष्ट रुख के अनुरूप राज्य में घुसपैठियों के विरुद्ध कार्रवाई शुरू कर दी गई है। उन्होंने दो टूक कहा कि राजस्थान में घुसपैठियों के लिए कोई जगह नहीं है। साथ ही, नई शिक्षा नीति को भारतीय ज्ञान परंपरा को सशक्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया, जिसमें भारतीय भाषाओं में पठन-पाठन को बढ़ावा दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उस दौर में युवाओं में निराशा, पेपरलीक और भ्रष्टाचार चरम पर था। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार ने दो वर्षों में वह कार्य कर दिखाए हैं, जो पिछली सरकार पांच वर्षों में भी नहीं कर सकी। पांच वर्षों में चार लाख सरकारी नौकरियों के वादे के तहत अब तक 92 हजार युवाओं को नियुक्ति दी जा चुकी है, जबकि 20 हजार नियुक्तियां अगले माह दी जाएंगी और डेढ़ लाख से अधिक प्रक्रियाधीन हैं।

प्रदेश के विकास कार्यों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने रामजल सेतु लिंक परियोजना, देवास परियोजना, यमुना जल समझौता, इंदिरा गांधी गंगनहर की मरम्मत और बिजली आपूर्ति सुधार जैसे निर्णयों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि 22 जिलों में किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराई जा रही है और राज्य को जल्द ही ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। राइजिंग राजस्थान जैसे आयोजनों से निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर सृजित हो रहे हैं, वहीं शीघ्र ही युवा पॉलिसी भी लागू की जाएगी।

शिक्षा और नवाचार के क्षेत्र में हुए कार्यों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि 33 जिलों में चयनित विद्यालयों और महाविद्यालयों में 65 आई-स्टार्ट लॉन्चपैड नेस्ट स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा 71 नए राजकीय महाविद्यालयों की स्थापना, स्नातकोत्तर स्तर पर 49 और स्नातक स्तर पर 58 महाविद्यालयों में नए विषयों की शुरुआत तथा 12 महाविद्यालयों में विज्ञान और 5 में वाणिज्य संकाय प्रारंभ किए गए हैं।

कार्यक्रम में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय सह-संगठन मंत्री श्री देवदत्त जोशी ने कहा कि परिषद केवल छात्र संगठन नहीं, बल्कि युवाओं को सकारात्मक दिशा देने वाला एक वैचारिक आंदोलन है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में 76 लाख से अधिक छात्र परिषद से जुड़े हैं और यह संख्या शीघ्र ही एक करोड़ तक पहुंचेगी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्रीय प्रचारक श्री निम्बाराम ने कहा कि संगठन की कार्यपद्धति और अनुशासन ‘छात्र शक्ति-राष्ट्र शक्ति’ के विचार को साकार करता है और युवाओं को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।

इस अवसर पर एबीवीपी के जयपुर प्रांत अध्यक्ष श्री जिनेश जैन सहित संगठन के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। यह अधिवेशन न केवल छात्र राजनीति, बल्कि युवाओं की भूमिका को राष्ट्रनिर्माण से जोड़ने का सशक्त मंच बनकर उभरा।

Pratahkal Newsroom

Pratahkal Newsroom

प्रातःकाल न्यूज़-रूम, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, समयबद्ध और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा न्यूज़-रूम राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story