जयपुर। राजस्थान की विकास यात्रा को एक नई ऊंचाई देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को राजधानी जयपुर स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय में 'राज उन्नति' की प्रथम ऐतिहासिक बैठक की अध्यक्षता की। एक कुशल रणनीतिकार की भूमिका निभाते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेश की प्रगति को रफ्तार देने के लिए 'प्रोएक्टिव एप्रोच' का मंत्र दिया और स्पष्ट किया कि जनहित के कार्यों में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने लगभग 2 हजार करोड़ रुपये की सात महत्वपूर्ण परियोजनाओं और दो बड़ी जन कल्याणकारी योजनाओं की गहन समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध क्रियान्वयन के कड़े निर्देश दिए। मुख्यमंत्री का तेवर उस वक्त और सख्त नजर आया जब उन्होंने अधिकारियों को दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि यदि विकास कार्यों में लापरवाही बरती गई, तो संबंधित कार्मिकों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने न केवल फाइलों का अवलोकन किया, बल्कि राजस्थान सम्पर्क हेल्पलाइन के जरिए परिवादियों से सीधा संवाद कर जमीनी हकीकत जानी। श्री शर्मा ने जिला कलक्टर्स को निर्देशित किया कि आमजन की समस्याओं का निस्तारण केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि उनका नियमित भौतिक सत्यापन भी किया जाए। उन्होंने लंबित प्रकरणों के लिए विशेष नोडल अधिकारी नियुक्त करने और सरकारी दफ्तरों में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर बल दिया। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना को लेकर अपनी महत्वाकांक्षी दृष्टि साझा करते हुए कहा कि राजस्थान को 150 यूनिट मुफ्त बिजली के लक्ष्य के साथ इस क्षेत्र में देश का सिरमौर बनाना है। इसके लिए उन्होंने ऊर्जा विभाग को आईईसी गतिविधियों के माध्यम से जनजागरूकता फैलाने और कैशलेस वैकल्पिक मॉडल पर त्वरित कार्य करने के निर्देश दिए।

जनसुविधाओं को लेकर मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता तब दिखी जब उन्होंने जयपुर के हीरापुरा बस टर्मिनल को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने और यात्रियों के लिए शेड, पेयजल एवं सुचारू यातायात प्रबंधन की समयसीमा तय की। साथ ही, अजमेर-चंदेरिया ब्रॉडगेज दोहरीकरण परियोजना के लिए अजमेर, ब्यावर, भीलवाड़ा और चित्तौड़गढ़ में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने विशेष योग्यजन और पालनहार योजना के लाभार्थियों के लिए घर जाकर सत्यापन करने का मानवीय दृष्टिकोण भी पेश किया। बैठक के अंत में मुख्यमंत्री ने श्रीगंगानगर, कोटा, अजमेर और भरतपुर सहित विभिन्न जिलों में सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट और बालिका सैनिक स्कूलों की स्थापना जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा कर यह सुनिश्चित किया कि 'राज उन्नति' पहल प्रदेश के सर्वांगीण विकास का सशक्त माध्यम बनेगी। इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास और मुख्यमंत्री कार्यालय के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अखिल अरोड़ा व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहे, जबकि पुलिस महानिदेशक श्री राजीव कुमार शर्मा सहित समस्त संभागीय आयुक्त एवं जिला कलक्टर्स वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।

Pratahkal Bureau

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