जयपुर: वागड़ के उत्थान और युवा शक्ति के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भरी हुंकार
जयपुर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने डूंगरपुर के युवाओं के साथ संवाद कर वागड़ क्षेत्र के विकास का विजन साझा किया। सीएम ने 5 साल में 6 लाख नौकरियों का लक्ष्य, पेपरलीक मुक्त राजस्थान और बेणेश्वर धाम के सौंदर्यीकरण की बड़ी घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना और कौशल विकास के जरिए आदिवासियों के सशक्तीकरण पर जोर दिया गया है।

जयपुर। राजस्थान की धरा पर बदलाव और विकास की नई इबारत लिखने के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने युवाओं को राष्ट्र की शक्ति और प्रदेश का गौरव बताया है। मंगलवार को मुख्यमंत्री निवास पर डूंगरपुर जिले से आए उत्साही युवाओं के साथ संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने न केवल वागड़ क्षेत्र के समग्र विकास का रोडमैप साझा किया, बल्कि विकसित भारत 2047 के सपने को साकार करने के लिए युवा शक्ति के योगदान को अपरिहार्य बताया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राजस्थान का भविष्य इन युवाओं की आंखों में बसता है और सरकार आदिवासियों के सशक्तीकरण के साथ-साथ प्रदेश के प्रत्येक वर्ग को उन्नति की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए पूरी तरह समर्पित है।
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने वागड़ क्षेत्र की भौगोलिक और सांस्कृतिक महत्ता को रेखांकित करते हुए कहा कि यह आदिवासी बहुल क्षेत्र अब विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे केवल रोजगार चाहने वाले ही न बनें, बल्कि कौशल प्रशिक्षण और आधुनिक तकनीक को अपनाकर नवाचार करें ताकि वे स्वयं 'रोजगार प्रदाता' बन सकें। मुख्यमंत्री ने युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के मार्ग में आने वाली बाधाओं पर प्रहार करते हुए उन्हें नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी। उन्होंने कहा कि नशा न केवल करियर और परिवार को नष्ट करता है, बल्कि पूरे समाज की नींव हिला देता है। इसी के साथ उन्होंने डिजिटल युग में सोशल मीडिया के विवेकपूर्ण उपयोग और भ्रामक खबरों से बचने की सलाह भी दी।
सरकारी प्रयासों और प्रशासनिक पारदर्शिता का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने ऐतिहासिक आंकड़ों के साथ अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि विगत दो वर्षों में प्रदेश के युवाओं को एक लाख से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं, जबकि 1 लाख 43 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया अभी भी गतिमान है। मुख्यमंत्री ने गर्व के साथ साझा किया कि उनके दो साल के कार्यकाल में प्रदेश 'पेपरलीक मुक्त' राजस्थान के रूप में उभरा है, जहां 351 परीक्षाएं पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न हुई हैं। आगामी पांच वर्षों में निजी क्षेत्र में 6 लाख रोजगार के अवसर सृजित करने का लक्ष्य रखते हुए उन्होंने बताया कि अब तक 2 लाख से अधिक अवसर दिए जा चुके हैं। 'राइजिंग राजस्थान' शिखर सम्मेलन का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि 35 लाख करोड़ रुपये के एमओयू में से 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश धरातल पर उतर चुके हैं, जिसका सीधा लाभ वागड़ के युवाओं को मिलेगा।
वागड़ की धार्मिक और सांस्कृतिक अस्मिता के प्रतीक 'बेणेश्वर धाम' को लेकर भी मुख्यमंत्री ने बड़ी घोषणाएं कीं। उन्होंने बेणेश्वर धाम को 'राजस्थान का हरिद्वार' बताते हुए इसके संरक्षण और सौंदर्यीकरण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। कार्यक्रम के दौरान इस धाम के कायाकल्प को लेकर एक विस्तृत प्रस्तुतीकरण भी दिया गया, जिसमें आधारभूत सुविधाओं के विस्तार की योजनाएं साझा की गईं। इस महत्वपूर्ण संवाद कार्यक्रम के दौरान सागवाड़ा विधायक श्री शंकरलाल डेचा सहित डूंगरपुर के सैकड़ों युवा और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे, जिन्होंने मुख्यमंत्री के इस विजन का पुरजोर स्वागत किया। यह आयोजन न केवल एक संवाद था, बल्कि राजस्थान के दक्षिणी अंचल के युवाओं के लिए स्वर्णिम भविष्य की एक ठोस आधारशिला भी साबित हुआ।

Pratahkal Bureau
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