जयपुर, 7 जनवरी। राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) में आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेस ब्रीफिंग के दौरान केंद्र सरकार के नए 'विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) गारंटी अधिनियम, 2025' (वीबी-जी राम जी) को ग्रामीण भारत के लिए क्रांतिकारी और ऐतिहासिक कदम करार दिया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह नया कानून पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय की मनरेगा की विफलताओं और भ्रष्टाचार के युग का अंत करेगा।

मनरेगा की कमियों पर कड़ा प्रहार

मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि हालांकि मनरेगा को रोजगार की गारंटी देने के उद्देश्य से शुरू किया गया था, लेकिन कांग्रेस के शासनकाल में यह योजना भ्रष्टाचार और कमजोर प्रशासन की भेंट चढ़ गई। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की गलत मंशा के कारण इस योजना के तहत केवल अस्थायी सड़कें और बिना किसी ठोस योजना के मिट्टी के कार्य किए गए, जिनकी कोई दीर्घकालिक उपयोगिता नहीं थी। मुख्यमंत्री ने खुलासा किया कि फर्जी जॉब कार्ड, नकली लाभार्थी और मनगढ़ंत हाजिरी जैसी अनियमितताओं के कारण जनता के पैसे का भारी दुरुपयोग हुआ, जबकि सोशल ऑडिट केवल एक कागजी औपचारिकता बनकर रह गई थी।

वीबी-जी राम जी: 100 की जगह अब 125 दिन का रोजगार

नए कानून की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए श्री भजनलाल शर्मा ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में लाए गए इस अधिनियम के तहत अब सालाना रोजगार की गारंटी 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है। उन्होंने कहा कि यह कानून ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी और गुणवत्तापूर्ण संपत्तियों के निर्माण पर केंद्रित है। जल संसाधन, बुनियादी ढांचा और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में अब ठोस कार्य कराए जाएंगे, जिन्हें 'पीएम गतिशक्ति' से भी जोड़ा जाएगा।

तकनीक से पारदर्शिता और किसानों को राहत

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि अब जिओ-टैगिंग, सैटेलाइट इमेजरी और एआई (AI) जैसी आधुनिक तकनीकों के माध्यम से काम की निगरानी की जाएगी। उन्होंने बताया कि किसानों और मजदूरों के हितों का ध्यान रखते हुए राज्य सरकारों को कृषि सीजन के दौरान 60 दिनों का 'कार्य विराम' घोषित करने का अधिकार दिया गया है, ताकि खेती के समय श्रमिकों की उपलब्धता बनी रहे। इसके अलावा, मजदूरी का भुगतान हर सप्ताह करना अनिवार्य होगा और दो सप्ताह से अधिक की देरी पर स्वतः मुआवजे का प्रावधान किया गया है।

विपक्ष के 'दुष्प्रचार' को बेनकाब करने का आह्वान

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष इस ऐतिहासिक सुधार को लेकर जनता के बीच भ्रम फैला रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह योजना सहकारी संघवाद (Cooperative Federalism) का उत्कृष्ट मॉडल है, जिसमें राज्यों की 40 प्रतिशत भागीदारी से जवाबदेही सुनिश्चित होगी। प्रशासनिक व्यय की सीमा 6 से बढ़ाकर 9 प्रतिशत करने से अब तकनीकी विशेषज्ञों और पर्याप्त स्टाफ की नियुक्ति हो सकेगी। श्री शर्मा ने अंत में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा जनहित में लाए गए इस कानून की खूबियों को जनता तक पहुँचाना और कांग्रेस के भ्रामक आरोपों को बेनकाब करना हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी है।

Pratahkal Bureau

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