जयपुर चेटीचंड महोत्सव: शोभायात्रा में उमड़ी 51 झांकियां, सीएम ने दी बधाई
मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा और उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने भगवान झूलेलाल की आरती कर सिंधी समाज के पुरुषार्थ को सराहा; शहरभर में भव्य स्वागत और सांस्कृतिक आयोजन।

जयपुर के चौगान स्टेडियम से शुरू हुई चेटीचंड शोभायात्रा के दौरान भगवान झूलेलाल की आरती करते अतिथि और उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़।
जयपुर, 20 मार्च 2026। चेटीचंड सिंधी मेला समिति, महानगर जयपुर के तत्वावधान में सिंधी समाज के इष्ट वरुणावतार भगवान झूलेलाल का जन्मोत्सव चेटीचंड के रूप में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। शहर के झूलेलाल मंदिरों में प्रातः काल भगवान झूलेलाल का पंचामृत अभिषेक कर नवीन वस्त्र धारण कराए गए एवं ऋतु पुष्पों से भगवान का भव्य श्रृंगार किया गया। इस अवसर पर मीठे चावल, छोले और हलवे का भोग लगाया गया तथा मंदिर के शिखर पर लाल रंग की ध्वजा फहराई गई। महिलाओं ने हाथ में चावल, चीनी और जल लेकर अखो प्रार्थना की और झोली फैलाकर विश्व के मंगल कल्याण की पल्लव प्रार्थना से कामना की। उत्सव के दौरान सिंधी शहनाई की धुन और ढोल की ताल पर सिंधी लोक नृत्य छेज की मनमोहक प्रस्तुति दी गई तथा बच्चों के जनेऊ और मुंडन संस्कार संपन्न हुए।
मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने दी शुभकामनाएं
अध्यक्ष नरेंद्र मूलचंदानी और महासचिव प्रमोद नावानी ने बताया कि चौगान स्टेडियम से पूज्य सिंधी पंचायत पुरानी बस्ती के सहयोग से दोपहर 3.00 बजे शोभायात्रा के शुभारंभ का कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य मंत्री भजन लाल शर्मा ने कहा कि "चेटीचंड का अर्थ है चैत्र मास का चंद्रमा।" उन्होंने सिंधी समाज की प्रशंसा करते हुए कहा कि "सिंधी समाज न केवल अपनी कर्मठता और ईमानदारी के लिए जाना जाता है बल्कि विभाजन की विभीषिका झेलने के बाद शून्य से शिखर तक अपने परिश्रम से पहुंचा है।" मुख्यमंत्री ने भगवान श्री झूलेलाल जी से प्रदेश की सुख समृद्धि और खुशहाली की कामना की और सभी को चेटीचंड की बधाई दी।
कार्यक्रम के दौरान संत मोनू राम जी ने मांग रखी कि "सदगुरु स्वामी टेऊँराम जी महाराज की आध्यात्मिक वाणी, दोहे, पड़ छंद, भजन आदि को पाठ्य पुस्तकों में शामिल करना चाहिए।" छोटी चौपड़ पर उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने भगवान झूलेलाल की मूर्ति पर माल्यार्पण किया और आरती उतारी। उन्होंने सभी को चेटीचंड पर्व की बधाई दी। इस भव्य आयोजन में सांसद मंजू शर्मा, विधायक बाल मुकुंदाचार्य, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी एवं पूर्व विधायक सुरेंद्र शर्मा भी सम्मिलित हुए। कार्यक्रम संयोजक नंदलाल लालवानी ने बताया कि कन्हैयालाल लखवानी को 'सिंधी सपूत' की उपाधि दी गई क्योंकि कन्हैयालाल लखवानी पिछले कई वर्षों से कई संस्थाओं से जुड़ कर समाज सेवा का कार्य कर रहे हैं। कार्यक्रम का कुशल संचालन चंद्र प्रकाश खेतानी ने किया।
शोभायात्रा में आकर्षण का केंद्र रहीं 51 झांकियां
प्रवक्ता तुलसी संगतानी और झांकी सचिव रमेश हरपलानी ने बताया कि इस बार शोभायात्रा में 51 से अधिक झांकियां निकलीं। इसमें राधा कृष्ण की रासलीला की अलौकिक झांकी ने सभी का मन मोह लिया, वहीं नरसिंह अवतार की झांकी ने श्रद्धालुओं को विशेष रूप से आकर्षित किया। महल में भगवान झूलेलाल, कमल पर भगवान झूलेलाल, श्वेत अश्व पर भगवान झूलेलाल, बाहुबली हनुमान और अघोरी की झांकी मुख्य आकर्षण का केंद्र रही। राजा दाहिर सेन की पुत्रियां सूर्या और परमाल की सजीव झांकी ने जनता को सबसे अधिक प्रभावित किया। इसके साथ ही कई अन्य कलात्मक और सजीव झांकियां भी निकाली गईं। पखवाड़ा सचिव अर्जुन मेहरचंदानी ने बताया कि पारंपरिक वेशभूषा में सजे श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते चल रहे थे और कई पंचायतों की बहिराणा साहब की झांकी को देख श्रद्धालु भाव-विभोर हो रहे थे।
व्यापार मंडलों द्वारा भव्य स्वागत और सत्कार
समन्वयक हरीश असरानी और कोषाध्यक्ष दीपक वरंदानी ने जानकारी दी कि शोभायात्रा के मार्ग में अनेकों स्वागत द्वार बनाए गए थे और स्थानीय व्यापार मंडलों ने यात्रा का अभूतपूर्व स्वागत किया। श्रद्धालुओं के लिए बिस्किट, शरबत, फल और सूखे मेवे वितरित किए गए। यह विशाल शोभायात्रा विभिन्न मार्गों से होती हुई अंततः कंवर नगर स्थित झूलेलाल मंदिर पहुंची जहां कंवर नगर पूज्य पंचायत ने सभी आगंतुकों का उत्साहपूर्वक स्वागत किया।

Pratahkal Bureau
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