जनगणना 2027: ड्यूटी से गायब 15 कार्मिकों के निलंबन का प्रस्ताव, नोटिस जारी
नगर निगम आयुक्त ने आदेशों की अवहेलना करने वाले 15 शिक्षकों और कार्मिकों के विरुद्ध सख्त रुख अपनाते हुए जिला कलेक्टर को निलंबन की कार्रवाई हेतु पत्र भेजा है।

जयपुर। राष्ट्रहित के सर्वोपरि कार्य 'जनगणना 2027' में बाधा उत्पन्न करने वाले लापरवाह कार्मिकों के विरुद्ध नगर निगम ने अब सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। जोन कार्यालयों द्वारा जारी नियुक्ति आदेशों की निरंतर अवहेलना करने और कार्यभार ग्रहण न करने के चलते नगर निगम आयुक्त ने जिला कलेक्टर को पत्र लिखकर 15 कार्मिकों के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई प्रस्तावित की है।
विभिन्न विभागों के इन कार्मिकों को जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य हेतु नियुक्त किया गया था, लेकिन बार-बार दिए गए निर्देशों के बावजूद इन्होंने ड्यूटी पर उपस्थिति दर्ज नहीं कराई। संबंधित जोन कार्यालयों द्वारा पूर्व में इन सभी को 'कारण बताओ नोटिस' जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया था, परंतु इसके पश्चात भी आदि दिनांक तक किसी भी कार्मिक ने कार्यभार ग्रहण नहीं किया। इस हठधर्मिता के कारण जनगणना की प्रक्रिया में भारी व्यवधान उत्पन्न हो रहा है।
निलंबन हेतु प्रस्तावित कार्मिकों में वरिष्ठ अध्यापक श्री लोकेंद्र असवाल, वरिष्ठ अध्यापक श्री सुनील कुमार शर्मा, अध्यापक लेवल-2 श्री पृथ्वीराज मीणा, वरिष्ठ अध्यापक श्री राजेंद्र प्रसाद गढ़वाल, अध्यापक लेवल-1 श्रीमती मंजू मेहता, वरिष्ठ अध्यापक श्रीमती इंदु कुमारी, अध्यापिका श्रीमती अंजना शर्मा, व्याख्याता श्री ब्रजकिशोर, अध्यापिका श्रीमती निर्मला छाबड़ा, कनिष्ठ सहायक श्री प्रशांत भारद्वाज, व्याख्याता श्री रोशन लाल, अध्यापक श्री कल्याण सहाय मीणा, अध्यापक श्री रंगलाल मीणा, अध्यापक श्रीमती प्रियंका रैगर एवं अध्यापक श्रीमती सुखविंद्र कौर शामिल हैं।
नगर निगम आयुक्त ने जिला कलेक्टर को प्रेषित पत्र में स्पष्ट किया है कि इन 15 कार्मिकों को अंतिम कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए इनके विरुद्ध निलंबन की दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। जनगणना जैसे संवेदनशील और राष्ट्रीय महत्व के कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन के इस कड़े कदम से सरकारी तंत्र में हड़कंप मच गया है, जो यह संदेश देता है कि राजकीय कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

