जनगणना 2027: जयपुर में 16 मई से शुरू होगा मकानों की गणना का कार्य
जिला प्रशासन ने 35.54 लाख आबादी की गणना के लिए 38 चार्ज अधिकारी और 4883 प्रगणक तैनात किए, 1 मई से पोर्टल पर स्व-गणना की मिलेगी सुविधा।

राष्ट्र के सर्वांगीण विकास और भविष्य की योजनाओं के निर्धारण की आधारशिला 'भारत की जनगणना' अब एक नए और आधुनिक स्वरूप में धरातल पर उतरने के लिए तैयार है। जिला प्रशासन जयपुर ने इस प्रशासनिक प्रक्रिया को जनसहभागिता के साथ सफल बनाने के लिए कमर कस ली है। इस महत्वपूर्ण चरण में 16 मई से 14 जून 2026 तक मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य वृहद स्तर पर आयोजित किया जाएगा। राष्ट्र की सामाजिक, आर्थिक और जनसांख्यिकीय तस्वीर पेश करने वाले इन आंकड़ों के जरिए ही केंद्र और राज्य सरकारें भविष्य में विकास योजनाओं, आधारभूत सुविधाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा जैसे जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करेंगी।
प्रमुख जनगणना अधिकारी एवं जिला कलक्टर संदेश नायक ने इस मिशन की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए जयपुर जिले के प्रत्येक नागरिक से सक्रिय सहयोग की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनगणना के संदेश को प्रभावी रूप से जन-जन तक पहुँचाना अनिवार्य है ताकि इस वैधानिक प्रक्रिया की गहराई को समझते हुए समुदाय अपनी भागीदारी सुनिश्चित करे। जिला कलक्टर के अधीन जनगणना 2027 के वैधानिक क्षेत्र में कुल 38 चार्ज अधिकारी नियुक्त किए गए हैं, जिनमें 20 तहसीलदार, 2 नगर परिषद आयुक्त और 16 अधिशाषी अधिकारी अपनी जिम्मेदारी संभालेंगे। जयपुर की लगभग 35.54 लाख की अनुमानित जनसंख्या को कवर करने के लिए 5279 हाउस लिस्टींग ब्लॉक बनाए गए हैं, जहाँ 4883 प्रगणक और 793 सुपरवाइजर 16 मई से 14 जून तक घर-घर जाकर डेटा संकलन का कार्य पूर्ण करेंगे।
डिजिटल इंडिया की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए इस बार जनगणना 2027 में डेटा की गुणवत्ता, दक्षता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए उन्नत डिजिटल प्रौद्योगिकी का सहारा लिया जा रहा है। गणकों द्वारा मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से डेटा एकत्र किया जाएगा। आधुनिकता के इसी क्रम में राजस्थान के नागरिकों के लिए स्व-गणना (Self-Enumeration) की विशेष सुविधा 1 मई से 15 मई 2026 तक उपलब्ध कराई जाएगी। आमजन समर्पित वेब पोर्टल https://se.census.gov.in पर जाकर स्वयं का विवरण दर्ज कर सकते हैं। यह पोर्टल हिंदी, अंग्रेजी और 14 क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध है, जो गणना कार्य शुरू होने से ठीक 15 दिन पूर्व तक सक्रिय रहेगा। परिवार का कोई भी सदस्य मात्र 15-20 मिनट में प्रक्रिया पूर्ण कर मोबाइल या ईमेल पर स्व-गणना पहचान संख्या प्राप्त कर सकता है। मकान सूचीकरण के समय परिवार को अपनी 'SE ID' प्रगणक के साथ साझा करनी होगी। जिला कलक्टर ने सभी अधीनस्थ कार्यालयों के अधिकारियों और कर्मचारियों को भी इस 15 दिवसीय अवधि में स्वयं की गणना करने के निर्देश दिए हैं, ताकि यह राष्ट्रीय कार्य सुगमता और सटीकता के साथ संपन्न हो सके।

Pratahkal Hub
प्रातःकाल हब, दै.प्रातःकाल की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा प्रातःकाल हब राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।"
