जयपुर में सेना के शौर्य का शंखनाद: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने किया पांच दिवसीय भव्य प्रदर्शनी का उद्घाटन
जयपुर में सेना दिवस 2026 के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की पांच दिवसीय भव्य प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। 8 से 12 जनवरी तक चलने वाली इस प्रदर्शनी में भारतीय सेना के शौर्य, आधुनिक हथियारों और नारी शक्ति के योगदान को 7 विशेष ज़ोन के माध्यम से दर्शाया गया है। इस आयोजन में विभिन्न सरकारी विभागों की जन-कल्याणकारी योजनाओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का संगम देखने को मिलेगा।

जयपुर। भारतीय सेना के अदम्य साहस, अनुशासन और राष्ट्रसेवा की गौरवशाली परंपरा को जन-जन तक पहुँचाने के ध्येय से गुलाबी नगरी जयपुर में सेना दिवस 2026 के उपलक्ष्य में एक भव्य पांच दिवसीय प्रदर्शनी का आगाज़ हुआ। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के केंद्रीय संचार ब्यूरो द्वारा आयोजित इस महत्वपूर्ण आयोजन का आधिकारिक शुभारंभ गुरुवार को राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने किया। 8 से 12 जनवरी तक चलने वाली यह प्रदर्शनी न केवल सैन्य शक्ति का प्रदर्शन है, बल्कि यह राष्ट्र निर्माण में सेना के योगदान और केंद्र सरकार की जन-कल्याणकारी नीतियों के संगम का एक जीवंत केंद्र बनकर उभरी है।
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए इसके महत्व पर प्रकाश डाला और कहा कि यह आयोजन देश के युवाओं को सेना के पराक्रम से परिचित कराने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यहाँ प्रदर्शित सेना की उपलब्धियां और आधुनिक तकनीक आमजन में देशभक्ति का संचार करेंगी और युवाओं को सेना में शामिल होकर राष्ट्र की सेवा करने के लिए प्रेरित करेंगी। इस गरिमामयी अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री श्री मदन दिलावर (विद्यालयी शिक्षा, पंचायती राज एवं संस्कृत शिक्षा), श्री सुमित गोदारा (खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति) तथा राज्य मंत्री श्री झाबर सिंह खर्रा (नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन) और श्री जवाहर सिंह बेडम (गृह एवं पशुपालन) विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। साथ ही राजस्थान राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरुण चतुर्वेदी ने भी कार्यक्रम में शिरकत की।
पत्र सूचना कार्यालय (PIB) के निदेशक श्री अनुभव बैरवा ने प्रदर्शनी की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि इसे विशेष रूप से सात महत्वपूर्ण ज़ोन में विभाजित किया गया है। 'इतिहास ज़ोन' में जहाँ सेना की सदियों पुरानी परंपराओं को संजोया गया है, वहीं 'हथियार, उपकरण एवं तकनीक ज़ोन' सेना की अत्याधुनिक मारक क्षमता का परिचय देता है। 'वीरता पुरस्कार एवं स्मारक ज़ोन' देश के अमर शहीदों को नमन करता है, तो 'भारतीय सेना में महिलाएँ ज़ोन' उभरती नारी शक्ति के योगदान को सशक्त रूप से रेखांकित करता है। इसके अतिरिक्त, युवाओं के मार्गदर्शन के लिए 'करियर एवं भर्ती ज़ोन' और सैन्य अभियानों की जानकारी हेतु 'युद्ध एवं प्रमुख अभियान ज़ोन' विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
यह प्रदर्शनी केवल सैन्य सूचनाओं तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसमें विभिन्न केंद्रीय व राज्य विभागों की भागीदारी ने इसे बहुआयामी बना दिया है। राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, भारतीय मानक ब्यूरो, डाक विभाग, दूरसंचार विभाग और एकीकृत बाल विकास सेवा (ICDS) जैसे संस्थानों ने अपने स्टॉल के माध्यम से नागरिकों को सरकारी योजनाओं और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया। प्रदर्शनी स्थल पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम राष्ट्रभक्ति के माहौल को और अधिक ऊर्जस्वित कर रहे हैं। निःशुल्क प्रवेश के साथ यह आयोजन जयपुर वासियों के लिए सेना के गौरव को करीब से महसूस करने और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने का एक सुनहरा अवसर सिद्ध हो रहा है।

