जयपुर में ब्रह्मशक्ति गरबा महोत्सव: 55 तिकड़ियों ने तीन पीढ़ियों के डांडिया से विश्व रिकॉर्ड बनाने का किया प्रयास
जयपुर के एम.आई. रोड स्थित चैम्बर भवन में सर्व ब्राह्मण महासभा द्वारा आयोजित ब्रह्मशक्ति गरबा एवं डांडिया महोत्सव में तीन पीढ़ियों की 1000 महिलाओं ने हिस्सा लिया।

जयपुर के एम.आई. रोड स्थित चैम्बर भवन में सर्व ब्राह्मण महासभा के महिला प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित ब्रह्मशक्ति गरबा एवं डांडिया महोत्सव में पारंपरिक वेशभूषा में नृत्य करती महिलाएं।
जयपुर में सर्व ब्राह्मण महासभा के जयपुर जिला महिला प्रकोष्ठ की ओर से 10 अक्टूबर को एम.आई. रोड स्थित चैम्बर भवन में ब्रह्मशक्ति गरबा एवं डांडिया महोत्सव 2026 का आयोजन उत्साह और उमंग के साथ किया गया। महोत्सव में दादी-नानी, मां और बेटियों ने एक साथ डांडिया नृत्य कर पारिवारिक एकता, लोकपरंपरा और नारी शक्ति का संदेश दिया। तीन पीढ़ियों की सामूहिक प्रस्तुति के माध्यम से विश्व रिकॉर्ड बनाने का प्रयास किया गया। आयोजन में कुल 1000 महिलाओं ने भाग लिया।
पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाओं ने गरबा और डांडिया नृत्य के जरिए भारतीय संस्कृति की झलक प्रस्तुत की। देवी आराधना और लोकनृत्य के संगम से पूरा आयोजन भक्तिमय और उत्सवपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। महोत्सव का प्रमुख आकर्षण ‘तीन पीढ़ियों का डांडिया- दादी/नानी, मां और बेटी’ रहा, जिसमें 55 तिकड़ियों की महिलाओं ने एक साथ निर्धारित डांडिया नृत्य में हिस्सा लिया।
एक ही मंच पर तीन पीढ़ियों की सामूहिक भागीदारी ने परिवार, परंपरा और नारी शक्ति का संदेश दिया। दादी-नानियों के अनुभव, माताओं के उत्साह और बेटियों की उमंग का अनूठा संगम देखने को मिला। परिवार की तीन पीढ़ियों ने एक साथ डांडिया खेलकर यह संदेश दिया कि साझा सहभागिता से सांस्कृतिक परंपराएं जीवंत रहती हैं। वरिष्ठ महिलाओं के साथ नई पीढ़ी की भागीदारी ने महोत्सव को विशेष पहचान दी।
कार्यक्रम की शुरुआत माता की पूजा-अर्चना और सामूहिक महाआरती से हुई। उपस्थित महिलाओं ने श्रद्धापूर्वक आराधना कर सुख, समृद्धि और परिवारों के कल्याण की कामना की। इसके बाद गरबा और डांडिया नृत्य की प्रस्तुतियों में प्रतिभागियों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। पारंपरिक गीतों और डांडिया की ताल से आयोजन स्थल पर उल्लास का वातावरण बना रहा।
जयपुर जिला महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष ममता शर्मा और संगठन महामंत्री डॉ. कविता शास्त्री के नेतृत्व में महोत्सव की व्यवस्थाएं की गईं। तीन पीढ़ियों वाली प्रतिभागी तिकड़ियों के पंजीकरण, समन्वय और सामूहिक प्रस्तुति के लिए विशेष प्रबंध किए गए। महिला प्रकोष्ठ की पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने प्रतिभागियों का स्वागत किया तथा कार्यक्रम के संचालन में सहयोग दिया।
महोत्सव का उद्देश्य महिलाओं को सांस्कृतिक गतिविधियों में भागीदारी के अवसर प्रदान करना, पारिवारिक संबंधों को मजबूत करना और नई पीढ़ी को भारतीय लोकपरंपराओं से जोड़ना रहा। आयोजन ने विभिन्न आयु वर्ग की महिलाओं को एक मंच पर अपनी संस्कृति का उत्सव मनाने और आपसी जुड़ाव बढ़ाने का अवसर दिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पंडित हरिशंकर बीलवाल, पंडित सुरेश मिश्रा, जयपुर की सांसद श्रीमती मंजू शर्मा, भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष राखी राठौड़, जयपुर की उपमहापौर सरोज कंवर, सर्व ब्राह्मण महासभा की महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष डॉ. शैल शास्त्री, प्रदेश अध्यक्ष दिनेश शर्मा, जयपुर शहर के अध्यक्ष अजय शर्मा और श्री बी.एम. शर्मा, सचिव नरवर आश्रम समिति सहित समाज के पदाधिकारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। आयोजक मंडल की ओर से अतिथियों का स्वागत किया गया।
महोत्सव के दौरान विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए गए। कार्यक्रम का सफल संचालन सौम्यता मिश्रा ने किया। आयोजन स्थल पर प्रवेश, सुरक्षा, स्वच्छता और अनुशासन की व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा गया। समापन पर आयोजन समिति ने सभी प्रतिभागियों, अतिथियों, सहयोगियों और कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया। तीन पीढ़ियों की सामूहिक भागीदारी और 1000 महिलाओं की उपस्थिति के साथ महोत्सव ने सांस्कृतिक परंपराओं तथा पारिवारिक एकता को मंच प्रदान किया।

