जयपुर, 08 जनवरी 2026। राजस्थान की सियासत में आरोप-प्रत्यारोप का दौर उस समय और तेज हो गया जब भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कांग्रेस की नीतियों और इतिहास पर कड़ा प्रहार करते हुए उसे विभाजन और भ्रष्टाचार का प्रतीक करार दिया। जयपुर में आयोजित एक संबोधन के दौरान राठौड़ ने न केवल वर्तमान राजनीतिक विमर्श पर अपनी बात रखी, बल्कि कांग्रेस शासनकाल के दौरान पनपे कथित माफिया राज और घोटालों की लंबी फेहरिस्त गिनाते हुए विपक्षी दल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए।

मदन राठौड़ ने कांग्रेस की राजनीति के मूल स्वभाव को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि विपक्षी दल ने हमेशा हर घटना में राजनीति खोजने और समाज को बांटने का काम किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कांग्रेस का इतिहास तुष्टिकरण और अपराधियों को संरक्षण देने का रहा है, जिससे सामाजिक समरसता को अपूरणीय क्षति पहुंची है। राठौड़ ने न्याय के सिद्धांत को सर्वोपरि बताते हुए स्पष्ट किया कि भाजपा की नीति 'जीरो टॉलरेंस' की है—जहाँ अपराध करने वाला व्यक्ति चाहे किसी भी दल या वर्ग का हो, उसे दंड मिलना सुनिश्चित है। उन्होंने पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में हो रही हिंसा का उल्लेख करते हुए कांग्रेस की चुप्पी और अपराधियों के प्रति सहानुभूतिपूर्ण रवैये को लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध बताया।

भ्रष्टाचार के मुद्दे पर चर्चा करते हुए राठौड़ ने कांग्रेस को घोटालों का पर्याय बताया। उन्होंने 2जी स्पेक्ट्रम, पनडुब्बी, बोफोर्स और चारा घोटाले जैसे प्रकरणों का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस का प्रभाव आकाश से लेकर पाताल तक भ्रष्टाचार में लिप्त रहा है। इस दौरान उन्होंने पूर्व गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे के पुराने बयान का स्मरण कराते हुए कांग्रेस की मानसिकता पर प्रहार किया, जिसमें शिंदे ने कथित तौर पर कहा था कि जनता घोटाले भूल जाती है। राठौड़ ने आरोप लगाया कि इसी सोच के कारण आज भी कांग्रेस जवाबदेही से भाग रही है।

प्रदेश में बजरी माफिया के मुद्दे पर बोलते हुए भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि इस माफिया तंत्र की जड़ें कांग्रेस शासन में ही गहरी हुई थीं। बिना किसी निविदा और पारदर्शिता के माफियाओं को दी गई खुली छूट ने ही राज्य में अराजकता पैदा की। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के कार्यकाल को याद दिलाते हुए कहा कि उस समय अपराध चरम पर था और तत्कालीन मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा पर शिक्षकों द्वारा लगाए गए लेन-देन के आरोप कांग्रेस के असली चेहरे को उजागर करते हैं।

अपने संबोधन के समापन में मदन राठौड़ ने राजनीति की परिभाषा को स्पष्ट करते हुए कहा कि सत्ता केवल साधन नहीं, बल्कि राष्ट्रीय चरित्र और सार्वजनिक आचरण की शुद्धता का माध्यम होनी चाहिए। उन्होंने विश्वास दिलाया कि भाजपा सरकार विकास और सुशासन के पथ पर अडिग है, जहाँ न तो अपराधियों के लिए कोई स्थान है और न ही भ्रष्टाचार के लिए कोई गुंजाइश।

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