जयपुर। राजस्थान की सुनहरी रेत और अरावली की पर्वतमालाओं के बीच बसा पर्यटन अब केवल ऐतिहासिक किलों और प्राचीन महलों की चारदीवारी तक सीमित नहीं रह गया है। मरूधरा की धरती पर आज निवेश, नवाचार और समृद्ध विरासत का एक ऐसा अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है, जिसने प्रदेश को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर एक सशक्त मॉडल के रूप में स्थापित कर दिया है। 'राइजिंग राजस्थान' अभियान और नई पर्यटन नीतियों की दूरदर्शिता का ही परिणाम है कि राजस्थान आज पर्यटन के एक नए स्वर्णिम युग में प्रवेश कर चुका है, जहाँ घरेलू पर्यटकों की आमद ने अब तक के सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं।

पर्यटन आयुक्त रुक्मणि रियाड़ के अनुसार प्रदेश में पर्यटन की यह तस्वीर उत्साहजनक है, जहाँ पिछले वर्ष की तुलना में पर्यटकों की संख्या में 9.74 प्रतिशत की प्रभावशाली वृद्धि दर्ज की गई है। वैश्विक स्तर पर विदेशी पर्यटकों के आवागमन में आई मंदी के बावजूद राजस्थान ने अपनी मजबूती बनाए रखी है। जहाँ संपूर्ण भारत में सितंबर 2025 तक विदेशी पर्यटकों की संख्या में 12.53 प्रतिशत की गिरावट देखी गई, वहीं राजस्थान में यह गिरावट मात्र 6.4 प्रतिशत तक ही सीमित रही, जो प्रदेश की मजबूत ब्रांडिंग और आकर्षण का प्रमाण है। घरेलू पर्यटन में आया यह 'बूम' न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे रहा है, बल्कि रोजगार सृजन के नए अवसरों के द्वार भी खोल रहा है।

राजस्थान की इस सफलता के पीछे पर्यटन विभाग की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर की गई आक्रामक मार्केटिंग और सक्रिय सहभागिता है। आईटीबी बर्लिन, बीआईटीई बीजिंग, टूरिज्म एक्सपो जापान, आईमेक्स यूएसए और डब्लूटीएम लंदन जैसे विश्वप्रसिद्ध ट्रैवल मार्ट्स में राजस्थान के शानदार प्रस्तुतिकरण ने विदेशी सैलानियों के बीच प्रदेश की नई छवि पेश की है। इसके साथ ही, हाल ही में दिसंबर 2025 में लागू की गई 'राजस्थान पर्यटन नीति 2025' और 'राजस्थान फिल्म पर्यटन प्रोत्साहन नीति 2025' ने प्रदेश को फिल्म शूटिंग के लिए एक पसंदीदा डेस्टिनेशन बना दिया है। इन नीतियों के माध्यम से विदेशी फिल्मकारों को आकर्षित कर राजस्थान के पर्यटन स्थलों को वैश्विक सिनेमा के जरिए दुनिया के कोने-कोने तक पहुँचाने की तैयारी है।

पर्यटन आयुक्त रुक्मणि रियाड़ ने भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि जयपुर में आयोजित होने वाले 'ग्रेट इंडिया ट्रैवल बाजार' के माध्यम से बड़े विदेशी टूर ऑपरेटर्स और ट्रैवल एजेंट्स के साथ समन्वय स्थापित किया जा रहा है, जिससे आगामी वर्षों में विदेशी सैलानियों की संख्या में भारी बढ़ोतरी की उम्मीद है। विभाग का मुख्य लक्ष्य अब न केवल ढांचागत विकास करना है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर की विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराना भी है ताकि राजस्थान आने वाले हर पर्यटक को एक यादगार अनुभव मिल सके। प्रदेश सरकार की यह दूरगामी सोच न केवल 'रिपीट टूरिज्म' को बढ़ावा देगी, बल्कि राजस्थान को दुनिया का सबसे पसंदीदा पर्यटन स्थल बनाने का मार्ग भी प्रशस्त करेगी।

Pratahkal Bureau

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