जयपुर के रामबाग सर्किल, जेडीए चौराहा और ओटीएस चौराहा को भिक्षावृत्ति से मुक्त करने के लिए जिला प्रशासन ने विशेष अभियान शुरू किया है। जिला कलक्टर संदेश नायक की पहल पर शुरू हुई इस कार्रवाई के तहत 30 अक्टूबर 2026 तक लगातार रेस्क्यू अभियान चलाए जाएंगे। इसमें जेडीए, नगर निगम जयपुर, पुलिस, यातायात विभाग और भिक्षावृत्ति उन्मूलन के क्षेत्र में कार्यरत गैर सरकारी संगठन सहयोग करेंगे।

भिक्षावृत्ति पुनर्वास गृह योजना के अंतर्गत गुरुवार, 8 अक्टूबर को जिला कलक्टर संदेश नायक की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जयपुर के प्रमुख चौराहों को भिक्षावृत्ति से मुक्त करने की कार्ययोजना पर चर्चा की गई। जिला कलक्टर ने कहा कि भिक्षावृत्ति एक सामाजिक अभिशाप है, जिससे जयपुर भी अछूता नहीं है। विश्व पर्यटन पटल पर गुलाबी नगरी के नाम से मशहूर जयपुर में देश-विदेश से लाखों की संख्या में पर्यटक आते हैं। ऐसे में शहर को भिक्षावृत्ति से निजात दिलाना आवश्यक है, क्योंकि इससे प्रदेश की छवि भी धूमिल होती है।

जिला कलक्टर ने बताया कि योजना के तहत रामबाग सर्किल, जेडीए चौराहा और ओटीएस चौराहा को भिक्षावृत्ति से मुक्त करने की पहल गुरुवार शाम से शुरू कर दी गई है। यह अभियान 30 अक्टूबर 2026 तक जारी रहेगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 9, 11, 13, 15, 17, 19, 21, 23, 25, 27 और 29 अक्टूबर को रामबाग सर्किल व जेडीए चौराहा पर रेस्क्यू अभियान चलाया जाएगा। वहीं, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 26, 28 और 30 अक्टूबर को ओटीएस चौराहा पर कार्रवाई की जाएगी।

इस पहल को प्रभावी बनाने के लिए संबंधित विभागों और भिक्षावृत्ति उन्मूलन के क्षेत्र में कार्य करने वाले गैर सरकारी संगठनों के बीच समन्वय स्थापित किया गया है। अभियान के तहत निर्धारित तिथियों पर तीनों प्रमुख स्थानों पर रेस्क्यू कार्रवाई की जाएगी, ताकि भिक्षावृत्ति की समस्या से निपटने के लिए जिला प्रशासन की योजना को आगे बढ़ाया जा सके।

बैठक में एडीएम साउथ युगांतर शर्मा, सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग के संयुक्त निदेशक बुद्धिप्रकाश चंदेल, यातायात विभाग से कमल कुमार मीणा (आरपीएस) और नगर निगम से ओम थानवी (आरएएस) सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। जिला प्रशासन की इस पहल के तहत 30 अक्टूबर तक निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार रेस्क्यू अभियान चलाकर रामबाग सर्किल, जेडीए चौराहा और ओटीएस चौराहा को भिक्षावृत्ति से मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है।

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