जयपुर में अम्बेडकर-फुले विचार क्रांति महोत्सव 11 अप्रैल से, जुटेगा विशेषज्ञों का जमावड़ा
जयपुर के झालाना डूंगरी में चार दिवसीय समागम के दौरान 12 संवाद सत्रों में आरक्षण, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण जैसे ज्वलंत मुद्दों पर 35 विशेषज्ञ मंथन करेंगे।

जयपुर के झालाना डूंगरी स्थित अम्बेडकर मैमोरियल वेलफेयर सोसायटी परिसर में आयोजित विचार क्रांति महोत्सव के दौरान सामाजिक मुद्दों पर चर्चा करते अतिथि और विशेषज्ञ।
जयपुर: अम्बेडकर मैमोरियल वेलफेयर सोसायटी राजस्थान की पहल पर राजधानी जयपुर में एक वैचारिक समागम होने जा रहा है। झालाना डूंगरी स्थित परिसर में 11 से 14 अप्रैल 2026 तक "अम्बेडकर-फुले विचार क्रांति महोत्सव 2026 आयोजित किया जा रहा है।" महान समाज सुधारक, विचारक और लेखक महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती से शुरू होने वाले इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य महान विभूतियों के विचारों के जरिए जनजागृति लाना है।
चार दिवसीय कार्यक्रम की रूपरेखा और मुख्य गतिविधियां
सोसायटी के अध्यक्ष सेवानिवृत्त आईपीएस श्री सत्यवीर सिंह ने कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इस महोत्सव में प्रतिदिन सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक विभिन्न ज्वलंत मुद्दों पर गहन चर्चा की जाएगी। चार दिनों की अवधि में कुल 12 संवाद सत्र आयोजित होंगे, जिनमें खेल प्रतियोगिताएं और फिल्म स्क्रीनिंग भी शामिल रहेंगी। "महान विभूतियों महात्मा ज्योतिबा फुले और डॉ. भीमराव अम्बेडकर के विचारों के जरिए जनजागृति लाने के लिए कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।"
देशभर से जुटेंगे विशेषज्ञ और वक्ता
संस्था के कोषाध्यक्ष दयानन्द सक्करवाल ने बताया कि इस महोत्सव में देशभर से आए 35 विशेषज्ञ अपनी बात रखेंगे। इन सत्रों में यूजीसी एक्ट, आरक्षण, महिला सुरक्षा व सशक्तिकरण, शिक्षा, संविधान और स्वतंत्रता सेनानियों के जीवन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श होगा। वक्ताओं की सूची में लेखक श्री बच्चा लाल उन्मेष, श्री भंवर मेघवंशी, आरपीएससी के पूर्व चेयरमैन श्री हनुमान प्रसाद, श्री पी सी हाड़िया, श्री राम चोरड़िया, श्री बी एल नवल, श्री बी एल बैरवा, पूर्व आईएएस श्री बी एल आर्य, पूर्व आईपीएस श्री कन्हैया लाल बैरवा, श्री रामेश्वर प्रसाद बैरवा, डॉ. चेतराम रायपुरिया, डॉ. महेंद्र कुमार आनंद और श्री भजन लाल रोलन समेत अन्य मशहूर हस्तियां शिरकत करेंगी।
महोत्सव के पहले दिन के प्रस्तावित सत्र
आयोजन के पहले दिन शनिवार को सुबह 11 बजे से वैचारिक मंथन का सिलसिला शुरू होगा। "पहले दिन 'शिक्षा बराबरी का अधिकार या एलीट का बिजनेस?', 'आज भी रिजर्वेशन?: सॉल्यूशन, या सिस्टम फेलियर का प्रूफ' और 'समानता हक है या अभी भी संघर्ष' जैसे विषयों पर मंथन होगा।" वैचारिक चर्चाओं के पश्चात शाम 5 बजे महात्मा ज्योतिबा फुले के जीवन संघर्षों पर आधारित "फूले" मूवी की विशेष स्क्रीनिंग की जाएगी।

Pratahkal Bureau
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