जयपुर: श्री अमरापुर स्थान में सद्गुरु स्वामी टेऊँराम चालीहा महोत्सव शुरू
जयपुर के श्री अमरापुर स्थान में 40 दिवसीय आध्यात्मिक चालीहा महोत्सव का भव्य आगाज हुआ। मंत्रोच्चारण, हवन-यज्ञ और समाज सेवा के साथ सद्गुरु स्वामी टेऊँराम जी महाराज के पावन चरणों में भक्त अर्पित कर रहे हैं श्रद्धा। जानें इस महाआयोजन की मुख्य विशेषताएं।

जयपुर के श्री अमरापुर स्थान में 9 जून 2026 को सद्गुरु स्वामी टेऊँराम जी के चालीहा महोत्सव का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चारण और विशेष पूजन के साथ किया गया।
आस्था और श्रद्धा के पावन केंद्र, जयपुर स्थित श्री अमरापुर स्थान में मंगलवार की ब्रह्म बेला में एक अत्यंत दिव्य और आध्यात्मिक वातावरण के साथ युगपुरुष आचार्य श्री सद्गुरु स्वामी टेऊँराम जी महाराज का चालीहा महोत्सव प्रारंभ हुआ। इस भव्य आयोजन का शुभारंभ विद्वान पंडितों, वेदाचार्यों और संत-महात्माओं के सान्निध्य में वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हुआ। आचार्य श्री की प्रतिमा का विधिवत पूजन कर उन्हें ऋतु पुष्पों की मोगरा और तुलसी की मालाएं अर्पित की गई, जिससे संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो उठा। इस अवसर पर गुरु प्रतिमा के समक्ष सामूहिक चालीसा पाठ और सद्गुरु टेऊँराम जी की 108 नामावली का वाचन कर आरती की गई।
पूज्य स्वामी मोहन लाल जी महाराज ने इस महोत्सव की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि सद्गुरु स्वामी टेऊँराम जी महाराज का जन्मोत्सव वर्ष में 108 बार मनाया जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसमें 40 दिनों का चालीहा महोत्सव, वर्ष की 12 मासिक जन्म चौथ, 52 साप्ताहिक शनिवार और आषाढ़ मास के चार दिवसीय जन्मोत्सव सम्मिलित हैं। सद्गुरु स्वामी टेऊँराम जी महाराज न केवल एक संत थे, बल्कि उन्होंने 800 पृष्ठीय 'श्री प्रेम प्रकाश ग्रंथ' की रचना भी की, जिसमें दोहे, पद, छंद और भजनों के माध्यम से सामाजिक समरसता और विश्व बंधुत्व का संदेश निहित है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने 'अमर कथा', 'वामन बलि', 'ब्रह्म दर्शनी' और 'साक्षी दर्शन' जैसी कालजयी रचनाओं का सृजन कर समाज को आध्यात्मिक दिशा प्रदान की है।
महोत्सव के अंतर्गत प्रतिदिन प्रातः 6 बजे से 6:40 तक 40 मिनट का विशेष हवन-यज्ञ अनुष्ठान आयोजित किया जाएगा, जिसमें संतों और भक्तों द्वारा गौ-काष्ठ, गौ-घृत और आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों की आहुतियां दी जाएंगी, जिसका उद्देश्य वातावरण को शुद्ध कर लोक कल्याण सुनिश्चित करना है। यह 40 दिवसीय महोत्सव 9 जून से 19 जुलाई तक चलेगा, जिसमें सुबह और शाम के समय भजन, संकीर्तन, सत्संग और श्री प्रेम प्रकाश ग्रंथ की वाणी का वाचन होगा। इस अवधि में गौशाला सेवा, कुष्ठ आश्रमों में भोजन, अनाथालयों में सामग्री वितरण और अस्पतालों में मरीजों के लिए सेवा कार्य किए जाएंगे। साथ ही, श्री अमरापुर जल मंदिर में भक्तों के लिए विभिन्न प्रकार के पेय पदार्थों का वितरण भी किया जाएगा। महोत्सव के दौरान स्वामी टेऊँराम जी से संबंधित चित्रकला, प्रश्नोत्तरी और भजन अंताक्षरी जैसी प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा, जबकि मंदिर के पट भक्तों के दर्शन हेतु प्रातः 5 से 12 और सायं 3 से 9 बजे तक खुले रहेंगे। यह चालीहा महोत्सव केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि मानवीय सेवा और आध्यात्मिक जागृति का एक अनुपम संगम है जो समाज में प्रेम और सद्भाव का संदेश प्रसारित कर रहा है।

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