जयपुर: कृषि विकास की रफ्तार, राजस्थान ने पीएम-आरकेवीवाई में फहराया सफलता का परचम
जयपुर में आयोजित समीक्षा बैठक में डॉ. किरोड़ी लाल ने बताया कि राजस्थान ने पीएम-आरकेवीवाई बजट का 79% सफलतापूर्वक व्यय कर लिया है। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ हुई इस वीसी में प्रदेश के किसानों के हित में सिंचाई संयंत्रों की लागत बढ़ाने और खेत तलाई अनुदान में वृद्धि की मांग रखी गई। राजस्थान की कृषि प्रगति और आगामी अमरूद महोत्सव पर केंद्रित एक विशेष रिपोर्ट।

जयपुर, 3 जनवरी। मरूधरा की धरती पर अन्नदाताओं की समृद्धि और कृषि बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के संकल्प को राजस्थान सरकार ने धरातल पर उतार कर दिखाया है। शनिवार को केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में राजस्थान की प्रगति की गूँज सुनाई दी। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में राजस्थान सहित गुजरात, महाराष्ट्र, उड़ीसा, सिक्किम, मिजोरम एवं तेलंगाना राज्यों की कृषि योजनाओं की बारीकी से समीक्षा की गई, जिसमें राजस्थान के प्रदर्शन ने विशेष ध्यान आकर्षित किया।
बैठक के दौरान राजस्थान के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल ने प्रदेश की उपलब्धि का ब्यौरा देते हुए गौरवपूर्ण आंकड़े साझा किए। उन्होंने अवगत कराया कि पीएम राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (पीएम-आरकेवीवाई) के तहत भारत सरकार से प्राप्त कुल 425 करोड़ रुपये के बजट के मुकाबले राज्य ने अब तक 333 करोड़ रुपये का कुशलतापूर्वक व्यय कर लिया है। यह व्यय कुल आवंटन का लगभग 79 प्रतिशत है, जो प्रदेश में कृषि योजनाओं के तीव्र क्रियान्वयन और प्रशासनिक तत्परता को दर्शाता है। डॉ. किरोड़ी लाल ने विश्वास दिलाया कि शेष बजट राशि का उपयोग भी अत्यंत शीघ्र और पारदर्शी तरीके से किया जाएगा ताकि प्रत्येक पात्र किसान योजना के लाभ से जुड़ सके।
प्रशासनिक दक्षता के साथ-साथ प्रदेश सरकार ने किसानों की व्यावहारिक समस्याओं को भी केंद्र के समक्ष मजबूती से रखा। कृषि मंत्री ने केंद्रीय मंत्री का ध्यान इस ओर आकृष्ट किया कि वर्ष 2017 के बाद से बाजार में सिंचाई संयंत्रों की कीमतों में भारी उछाल आया है। किसानों की आर्थिक चुनौतियों को समझते हुए उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि प्रचलित इकाई लागत में 20 से 25 प्रतिशत की वृद्धि की जाए। इसके साथ ही उन्होंने 'खेत तलाई' (फार्म पॉन्ड) के निर्माण के लिए मिलने वाले अनुदान में भी बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा, ताकि जल संचयन के प्रति किसानों का उत्साह बना रहे।
संवाद की इस कड़ी में डॉ. किरोड़ी लाल ने अपनी क्षेत्रीय जड़ों और सांस्कृतिक गौरव को साझा करते हुए श्री शिवराज सिंह चौहान को आगामी 18-19 जनवरी को सवाई माधोपुर में आयोजित होने वाले 'अमरूद महोत्सव' के लिए सादर आमंत्रित किया। इस बैठक में राजस्थान की ओर से प्रमुख शासन सचिव (कृषि एवं उद्यानिकी) श्रीमती मंजू राजपाल तथा कृषि आयुक्त सुश्री चिन्मयी गोपाल सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी शिरकत की।
यह समीक्षा बैठक केवल आंकड़ों का आदान-प्रदान नहीं थी, बल्कि यह राजस्थान के कृषि परिदृश्य को आधुनिक और लाभकारी बनाने की दिशा में एक सशक्त कदम साबित हुई है। प्रदेश द्वारा किया गया 79 प्रतिशत बजट व्यय न केवल सरकारी कार्यप्रणाली की पारदर्शिता को सिद्ध करता है, बल्कि राज्य में कृषक कल्याण की एक नई गाथा लिखने का आधार भी तैयार कर रहा है।

Pratahkal Bureau
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