जयपुर: जनगणना–2027 की तैयारियों में प्रशासन ने कसी कमर, जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने की विस्तृत समीक्षा
जयपुर में जनगणना–2027 की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने जिला परिषद सभागार में आयोजित एक दिवसीय शिविर में प्रशासनिक इकाइयों के सत्यापन, डिजिटल जनगणना प्रक्रिया और समयबद्ध कार्ययोजना की विस्तार से समीक्षा की।

जयपुर, 31 दिसंबर। आगामी जनगणना–2027 को लेकर जयपुर जिला प्रशासन ने अभी से व्यापक और ठोस तैयारियों की शुरुआत कर दी है। इसी क्रम में जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने बुधवार को जिला परिषद के सभागार में आयोजित एक दिवसीय शिविर में जनगणना की प्रशासनिक तैयारियों की गहन समीक्षा की। यह शिविर प्रशासनिक इकाइयों की सूची एवं सीमाओं से जुड़े नक्शों के सत्यापन के उद्देश्य से आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
शिविर की अध्यक्षता करते हुए जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनगणना कार्य राष्ट्रहित से जुड़ा अत्यंत महत्वपूर्ण दायित्व है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने निर्देश दिए कि वर्ष 2011 के बाद नवगठित सभी राजस्व ग्राम, ग्राम पंचायत, पंचायत समिति, नगर पालिका और नगर निगम जोन की सीमाओं एवं नक्शों का सूक्ष्मता से सत्यापन किया जाए, ताकि जनगणना के दौरान किसी प्रकार की त्रुटि की कोई गुंजाइश न रहे।
बैठक में अधिकारियों को अवगत कराया गया कि जनगणना–2027 दो चरणों में संपन्न होगी। प्रथम चरण मई से जून 2026 के बीच एक माह की अवधि में मकान सूचीकरण एवं आवास गणना के रूप में आयोजित किया जाएगा, जबकि द्वितीय चरण फरवरी से मार्च 2027 के दौरान जनसंख्या गणना की जाएगी। जिला कलक्टर ने सभी आयुक्त नगर परिषद एवं नगर जनगणना अधिकारी, जोन उपायुक्त एवं चार्ज जनगणना अधिकारी, तहसीलदार तथा अधिशासी अधिकारियों को अपने-अपने स्तर पर तत्काल ‘जनगणना सेल’ का गठन सुनिश्चित करने और आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश दिए।
शिविर के दौरान जनगणना कार्य निदेशालय, गृह मंत्रालय, भारत सरकार की टीम ने जानकारी दी कि जनगणना–2027 पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस होगी। इस बार पारंपरिक कागजी अनुसूचियों के स्थान पर मोबाइल ऐप के माध्यम से डेटा संकलन किया जाएगा, जिससे पूरी प्रक्रिया अधिक तेज, सटीक और पारदर्शी बन सकेगी। अधिकारियों को तकनीकी तैयारी और फील्ड स्तर पर कार्मिकों के प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए गए।
अधिकारियों ने यह भी बताया कि इस बार जनगणना की प्रश्नावली में समयानुसार बदलाव किए गए हैं और नागरिकों से कुल 33 प्रकार की जानकारियां एकत्र की जाएंगी। इनमें परिवार की खान-पान की आदतें, घर में उपलब्ध डिजिटल संसाधन जैसे इंटरनेट, कंप्यूटर, लैपटॉप और स्मार्टफोन, साथ ही जीवन स्तर से जुड़ी सूचनाएं—वाहन, मकान की संरचना, पेयजल का स्रोत, शौचालय और रसोई में उपयोग होने वाले ईंधन जैसी जानकारियां शामिल होंगी।
शिविर के समापन पर जिला प्रशासन ने दोहराया कि सटीक, पारदर्शी और त्रुटिरहित जनगणना सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सभी स्तरों पर सतर्कता, तकनीकी दक्षता और विभागीय समन्वय के साथ कार्य किया जाएगा, ताकि जनगणना–2027 को सफलतापूर्वक और विश्वसनीय ढंग से संपन्न कराया जा सके।

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