जयपुर: हक की हुंकार, राजधानी की सड़कों पर उतरेगा एक लाख कर्मचारियों का सैलाब
जयपुर में 12 जनवरी को अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ की 'चेतावनी महारैली' आयोजित होगी। प्रदेशाध्यक्ष महावीर शर्मा के नेतृत्व में एक लाख से अधिक कर्मचारी 11 सूत्री मांगों को लेकर राजधानी की सड़कों पर उतरेंगे। रामनिवास बाग से बाइस गोदाम तक निकलने वाली इस रैली के जरिए कर्मचारी अपनी शक्ति का प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ संघर्ष का बिगुल फूंकेंगे।

जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर सोमवार को एक ऐतिहासिक आंदोलन की साक्षी बनने जा रही है। अपनी लंबित मांगों और सरकार की कथित बेरुखी के खिलाफ अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ ने आर-पार की जंग का ऐलान कर दिया है। 12 जनवरी को आयोजित होने वाली इस 'विशाल चेतावनी महारैली' में प्रदेशभर के एक लाख से अधिक कर्मचारियों के जुटने का दावा किया गया है, जो जयपुर की सड़कों पर उतरकर अपनी शक्ति का प्रदर्शन करेंगे। इस महासंग्राम की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए रविवार को जयपुर स्थित राजस्थान बीमा एवं प्रावधायी विभाग के संगठन कार्यालय में प्रदेशाध्यक्ष महावीर शर्मा की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक संपन्न हुई, जिसके पश्चात पदाधिकारियों ने बाइस गोदाम स्थित रैली स्थल का बारीकी से निरीक्षण किया।
बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेशाध्यक्ष महावीर शर्मा ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों और निरंतर बनी हुई संवादहीनता ने प्रदेश के कर्मचारियों को आंदोलन की राह पकड़ने पर मजबूर कर दिया है। महासंघ ने पूर्व में ही सात संकल्पों और 11 सूत्री मांग पत्र पर सकारात्मक कार्यवाही का आग्रह किया था, लेकिन शासन के उदासीन रवैये ने कर्मचारियों के भीतर आक्रोश की ज्वाला भड़का दी है। शर्मा ने स्पष्ट किया कि सोमवार को होने वाली यह रैली मात्र एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष का शंखनाद है।
रैली की रूपरेखा स्पष्ट करते हुए महामंत्री महावीर सिहाग ने बताया कि यह विशाल पैदल मार्च रामनिवास बाग से प्रारंभ होकर अशोक मार्ग, गवर्नमेंट प्रेस चौराहा और सिविल लाइंस फाटक से गुजरते हुए बाइस गोदाम पुलिया के नीचे पहुंचेगा, जहाँ एक विशाल जनसभा के माध्यम से सरकार को चेतावनी दी जाएगी। वरिष्ठ उपाध्यक्ष तेज सिंह राठौड़ ने कर्मचारियों का आह्वान करते हुए कहा कि यह समय अपनी एकजुटता दिखाने का है। उन्होंने सात संकल्पों की सिद्धि के लिए किसी भी स्तर तक जाकर संघर्ष करने के महासंघ के निर्णय से सभी को अवगत कराया।
संगठन की इस वृहद योजना को सुचारू रूप से क्रियान्वित करने के लिए प्रदेश प्रवक्ता गोविंद नाटाणी ने बताया कि रैली के सफल और शांतिपूर्ण आयोजन हेतु पदाधिकारियों को पार्किंग, मंच संचालन और रैली प्रबंधन जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इस महत्वपूर्ण बैठक और तैयारियों के दौरान पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के.के. गुप्ता, अर्जुन शर्मा, मोहन सिंह, प्रहलाद जाट, धर्मेंद्र फोगाट, लेखराज वर्मा, मोहन मीणा, नरेंद्र कविया, सुरेश पाल सिंह, रमेश शर्मा, महासंघ जिला अध्यक्ष महेंद्र तिवारी, जिला मंत्री रतन प्रजापत, शिवराज चौधरी, हेमंत पालीवाल, रामकिशोर मीणा, अर्जुन कुमार और जयेश अग्रवाल सहित प्रदेश एवं जिले के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे। राजधानी में होने वाला यह शक्ति प्रदर्शन न केवल कर्मचारियों के भविष्य की दिशा तय करेगा, बल्कि आने वाले समय में सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच संबंधों की नई इबारत भी लिखेगा।

Pratahkal Bureau
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