जयपुर/सिरोही। राजस्थान की माटी और यहाँ के अन्नदाता के भाग्य में आज एक नया अध्याय जुड़ गया है। अयोध्या में प्रभु श्री रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के दो गौरवशाली वर्ष पूर्ण होने के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश के विकास की नई इबारत लिखते हुए किसानों, महिलाओं और श्रमिकों के लिए खुशियों का पिटारा खोल दिया है। सिरोही की वीर धरा से मुख्यमंत्री ने रिमोट का बटन दबाकर एक करोड़ से अधिक लाभार्थियों के बैंक खातों में 1 हजार 590 करोड़ रुपये की विशाल राशि सीधे हस्तांतरित की। यह आयोजन केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रदेश के सर्वांगीण विकास और 'अंत्योदय' के संकल्प को सिद्ध करने वाला एक उत्सव बन गया, जहाँ मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसान भारत की आत्मा हैं और उनकी समृद्धि ही प्रदेश की प्रगति का असली पैमाना है।

इस भव्य समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने 'ग्राम उत्थान शिविरों' का भी शंखनाद किया, जो 23 जनवरी यानी बसंत पंचमी के शुभ मुहूर्त से प्रत्येक गिरदावर सर्किल पर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों का उद्देश्य सरकार की योजनाओं को सीधे ग्रामीणों की चौखट तक पहुँचाना है। मुख्यमंत्री ने भावुक होते हुए स्मरण दिलाया कि आज का दिन ऐतिहासिक है, क्योंकि दो वर्ष पूर्व प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में न केवल रामलला अपने भव्य मंदिर में विराजे थे, बल्कि इसी दिन 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' जैसे क्रांतिकारी अभियान की शुरुआत भी हुई थी। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य सरकार गरीब, युवा, महिला और किसान—इन चारों स्तंभों के कल्याण के लिए पूरी तरह समर्पित है।

आर्थिक सहायता के आंकड़े इस सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। मुख्यमंत्री ने किसान सम्मान निधि की पांचवीं किस्त के रूप में 65 लाख किसानों को 653 करोड़ रुपये, फसल खराबे के मुआवजे के तौर पर 327 करोड़ रुपये और समर्थन मूल्य पर खरीद के एवज में 240 करोड़ रुपये जारी किए। इसके अतिरिक्त, दुग्ध उत्पादक संबल योजना के तहत 50 करोड़, रसोई गैस सब्सिडी के लिए 75 करोड़, प्रधानमंत्री आवास योजना हेतु 100 करोड़ और निर्माण श्रमिकों के लिए भी 100 करोड़ रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से भेजी गई। मुख्यमंत्री ने गर्व से बताया कि पिछले दो वर्षों में सरकार ने 50 हजार करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त फसली ऋण वितरित कर अन्नदाता को साहूकारों के चंगुल से मुक्त कराया है और अब गेहूं पर बोनस के साथ किसान सम्मान निधि को 6 हजार से बढ़ाकर 9 हजार रुपये कर दिया गया है।

राजनीतिक इच्छाशक्ति का परिचय देते हुए श्री शर्मा ने पूर्ववर्ती सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पिछली सरकार ने कार्यकाल के अंतिम वर्ष में निवेश के वादे किए थे, जबकि उनकी सरकार ने आते ही 'राइजिंग राजस्थान' के माध्यम से 8 लाख करोड़ के निवेश को धरातल पर उतारा है। युवाओं के लिए एक लाख नौकरियों की नियुक्तियां और आगामी भर्ती कैलेंडरों का उल्लेख करते हुए उन्होंने विकास की रफ्तार को और तेज करने का भरोसा दिया।

कार्यक्रम में सहकारिता राज्य मंत्री श्री गौतम कुमार दक, पंचायतीराज राज्य मंत्री श्री ओटा राम देवासी और राज्यसभा सांसद श्री मदन राठौड़ ने भी मुख्यमंत्री के विजन की सराहना की। मंच पर पशुपालन मंत्री श्री जोराराम कुमावत, मुख्य सचेतक श्री जोगेश्वर गर्ग, किसान आयोग अध्यक्ष श्री सी.आर. चौधरी, सांसद श्री लुम्बाराम चौधरी सहित विधायक श्री समाराम गरासिया, श्री पुष्पेन्द्र सिंह राणावत, श्री जीवाराम चौधरी, श्रीमती शोभा चौहान, श्री छगनसिंह राजपुरोहित और श्री हम्मीर सिंह भायल जैसे गणमान्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। अंत में, मुख्यमंत्री ने महाराष्ट्र के पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वर्गीय श्री राज के. पुरोहित को श्रद्धांजलि अर्पित की। यह आयोजन राजस्थान के उज्ज्वल भविष्य की ओर बढ़ते एक सशक्त कदम का प्रतीक बन गया है, जो आने वाले समय में ग्रामीण अर्थव्यवस्था की तस्वीर बदल देगा।

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Pratahkal Newsroom

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