जयपुर। राजस्थान की पावन धरा पर लोक आस्था के प्रतीक और अन्याय के विरुद्ध शंखनाद करने वाले भगवान श्री देवनारायण की जयंती के अवसर पर राजभवन से मंगलकामनाओं का प्रवाह हुआ है। राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने समस्त प्रदेशवासियों को इस पावन पर्व की पूर्व संध्या पर हार्दिक बधाई देते हुए जन-जन के आराध्य देव के प्रति अपनी गहरी श्रद्धा व्यक्त की है। 25 जनवरी को मनाई जाने वाली इस जयंती को लेकर राज्यपाल ने अपने संदेश में लोक देवता के आदर्शों को वर्तमान समय में और भी प्रासंगिक बताया है।

राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने भगवान श्री देवनारायण जी के महान व्यक्तित्व को स्मरण करते हुए उन्हें गौ रक्षक और असहायों का संबल बताया। उन्होंने कहा कि श्री देवनारायण जी ने सदैव पीड़ित मानवता की सेवा और गौवंश के संरक्षण को सर्वोपरि रखा। उनके जीवन का प्रत्येक अध्याय हमें यह सिखाता है कि समाज की बुराइयों के विरुद्ध खड़े होकर ही धर्म और सत्य की स्थापना की जा सकती है। राज्यपाल ने इस अवसर पर प्रदेश की जनता से आह्वान किया कि वे भगवान देवनारायण के दिखाए मार्ग का अनुसरण करें और अपने भीतर की बुराइयों का परित्याग कर अच्छाई की राह पर अडिग रहें।

सचिवालय द्वारा जारी इस आधिकारिक संदेश में राज्यपाल ने स्पष्ट किया कि लोक देवता देवनारायण जी मात्र एक ऐतिहासिक व्यक्तित्व नहीं, बल्कि लाखों श्रद्धालुओं की अटूट आस्था के केंद्र हैं। उनके संदेशों में सामाजिक समरसता और परोपकार की जो गूंज है, वह आज भी राजस्थान की संस्कृति को जीवंत बनाए हुए है। इस संदेश के माध्यम से राज्यपाल ने समाज में निरंतर सकारात्मक कार्य करने और निर्बलों की सहायता करने के संकल्प को दोहराया है, जो इस उत्सव की सार्थकता को और अधिक गहरा बनाता है।

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