जयपुर में इंटरनेशनल जैज़ डे पर न्यूग्रूव कलेक्टिव बैंड की प्रस्तुति
राजस्थान पर्यटन विभाग के सहयोग से राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित म्यूज़िकल नाइट में दिल्ली के बैंड ने जैज़ की विभिन्न शैलियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया।

लोक-संगीत की समृद्ध परंपराओं के लिए विख्यात जयपुर शहर ने गुरुवार की शाम जैज़ की स्वच्छंद धुनों का हृदय से स्वागत किया। इंटरनेशनल जैज़ डे के पावन अवसर पर राजस्थान पर्यटन विभाग के सहयोग से झालाना स्थित राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर के मुख्य सभागार में आयोजित जैज़ म्यूज़िकल नाइट ने श्रोताओं को संगीत के एक अनूठे और जादुई अनुभव से सराबोर कर दिया। यहाँ उपस्थित संगीत प्रेमियों ने इम्प्रोवाइज़ेशन, जटिल लय और गहरी भावनात्मक अभिव्यक्ति का आत्मिक आनंद लिया।
इस भव्य कार्यक्रम में दिल्ली के प्रख्यात 'न्यूग्रूव जैज़ कलेक्टिव' बैंड ने अपनी कला का प्रदर्शन किया, जिसका नेतृत्व कुशल वोकलिस्ट गौरव ने किया। गौरव द्वारा प्रस्तुत 'लैट्स मी प्ले एवरी मूमेंट' व 'माई वैलेन्टाइन' जैसे अंतरराष्ट्रीय गीतों के साथ ही हिंदी गीत 'बावरे' की भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने दर्शकों को अपने मोहपाश में बांधे रखा। बैंड के अन्य कलाकारों में ड्रम्स पर आदित्य, डबल ब्रास पर द्विज, सैक्सोफोन पर जोनास और गिटार पर पारिजात ने अपनी जुगलबंदी से समां बांधा। समूह ने पारंपरिक जैज़ को आधुनिक संगीत की भाषा से जोड़ते हुए रिद्म, स्वर-विस्तार और मुक्त ध्वनियों के माध्यम से सभागार को जैज़ की एक अलौकिक संगीतमय दुनिया में ले जाने का कार्य किया।
प्रस्तुति की संरचना अत्यंत अनूठी थी, जिसमें जैज़ की विभिन्न शैलियाँ मंच पर क्रमिक रूप से आकार लेती दिखाई दीं। कार्यक्रम के शुरुआती हिस्से में 'डिक्सीलैंड' शैली का समूह इम्प्रोवाइज़ेशन उभरा, जहाँ विभिन्न वाद्यों के बीच संवाद अत्यंत स्पष्ट था। इसके उपरांत 'स्विंग' की नृत्यात्मक लय पर श्रोता मंत्रमुग्ध होकर थिरकते नज़र आए। कार्यक्रम का अगला पड़ाव 'बीबॉप' शैली थी, जिसके तेज़ टेम्पो और हार्मोनी ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया, वहीं दूसरी ओर 'कूल जैज़' की मुलायमियत ने वातावरण में एक संतुलित और सौम्य स्वर बिखेरे।
कलाकारों ने आगे बढ़ते हुए 'ब्लूज़' प्रभाव वाली दमदार रिद्म के साथ 'हार्ड बीओपी' का रंग भरा, जबकि स्केल-आधारित खुलापन और कम कॉर्ड बदलाव के जरिए दर्शकों को 'मॉडल' संगीत की अनुभूति कराई गई। समापन की ओर बढ़ते हुए कलाकारों ने रॉक और फंक प्रभावों के साथ 'जैज़ फ्यूजन' तथा पर्कशन लय के माध्यम से 'लैटिन जैज़' की अनूठी झलक प्रस्तुत की। उल्लेखनीय है कि इस कार्यक्रम के वेन्यू पार्टनर के रूप में राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। राजस्थान जैसे लोकधुनों के प्रदेश में आयोजित इस कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि संगीत की भाषा भौगोलिक सीमाओं से परे होती है। वाद्यों के बीच संवाद, तात्कालिक रचना और लयात्मक स्वतंत्रता ने इस शाम को एक ऐसे सांस्कृतिक अनुभव में बदल दिया, जहाँ जैज़ ने सचमुच लोकभूमि के साथ एक गहरा संवाद स्थापित किया।

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