ब्यावर के सनातन धर्म महाविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय समागम: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और भारतीय ज्ञान परंपरा पर मंथन आज से
ब्यावर के सनातन धर्म राजकीय महाविद्यालय में आज से 31वीं अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का भव्य शुभारंभ हो रहा है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत की मौजूदगी में होने वाले इस आयोजन में AI, सतत विकास और भारतीय ज्ञान परंपरा पर वैश्विक मंथन होगा। अफगानिस्तान सहित देश-विदेश के 400 विशेषज्ञ और शोधार्थी इस अकादमिक महाकुंभ में हिस्सा लेंगे, जहाँ 140 से अधिक शोध पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे।

ब्यावर। राजस्थान के शैक्षणिक इतिहास में आज एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ने जा रहा है। ब्यावर स्थित सनातन धर्म राजकीय महाविद्यालय में समाजशास्त्र विभाग और राजस्थान समाजशास्त्रीय परिषद के संयुक्त तत्वावधान में दो दिवसीय 31वीं अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का भव्य आगाज आज शुक्रवार से होने जा रहा है। 'कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), सतत विकास एवं भारतीय ज्ञान परंपरा: राष्ट्रीय शिक्षा नीति के संदर्भ में' जैसे अत्यंत प्रासंगिक और आधुनिक विषय पर केंद्रित यह आयोजन न केवल बौद्धिक विमर्श का केंद्र बनेगा, बल्कि वैश्विक मंच पर भारतीय ज्ञान संपदा की प्रासंगिकता को भी रेखांकित करेगा।
इस महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का उद्घाटन सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत द्वारा मुख्य अतिथि के रूप में किया जाएगा, जबकि कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाने के लिए क्षेत्रीय विधायक शंकर सिंह रावत विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे। यह आयोजन ऐसे समय में हो रहा है जब पूरी दुनिया तकनीक और परंपरा के समन्वय की ओर देख रही है। गुरुवार को आयोजित एक औपचारिक प्रेस वार्ता में महाविद्यालय की प्राचार्य एवं संरक्षक डॉ. रेखा मंडोवरा ने आयोजन की व्यापकता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इस महाकुंभ में भारत के विभिन्न राज्यों के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के साथ-साथ अफगानिस्तान जैसे पड़ोसी देशों से भी लगभग 400 प्रोफेसर, शिक्षाविद और शोधार्थी सहभागिता कर रहे हैं। इस सम्मेलन की सबसे बड़ी विशेषता इसकी 'हाइब्रिड' कार्यप्रणाली है, जिसमें प्रतिभागी ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से अपने विचार साझा करेंगे।
आयोजन की तकनीकी बारीकियों को साझा करते हुए समाजशास्त्र विभागाध्यक्ष एवं आयोजन सचिव डॉ. हरीश गुजराती ने जानकारी दी कि दो दिनों के इस सघन सत्र के दौरान लगभग 140 शोध पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे, जो समाजशास्त्र और तकनीक के बदलते आयामों पर नई रोशनी डालेंगे। सेमिनार समन्वयक डॉ. दुष्यंत पारीक के अनुसार, यह मंच केवल अकादमिक चर्चा तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में अपना जीवन समर्पित करने वाले दो विशिष्ट शिक्षाविदों को 'लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड' से सम्मानित कर उनकी सेवाओं को नमन भी किया जाएगा। सह समन्वयक डॉ. एम.आर. सिंघारिया ने बताया कि इस दो दिवसीय आयोजन की रूपरेखा में तीन तकनीकी सत्र, एक व्यापक सिम्पोजियम और अंत में जीवंत सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शृंखला को पिरोया गया है।
प्रेस वार्ता के दौरान प्रो. अंजलि जयपाल, डॉ. सीमा शर्मा, प्रो. गिरीश सिंह सहित अनेक शोध छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे, जो इस आयोजन की तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। यह सेमिनार न केवल ब्यावर के लिए गौरव का विषय है, बल्कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के आलोक में आधुनिक तकनीक और प्राचीन भारतीय ज्ञान के संगम से भविष्य की नई राहें प्रशस्त करने वाला एक मील का पत्थर साबित होगा।

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
