भारतीय रेल: एलएचबी कोच और वंदे भारत ट्रेनों से यात्री सुरक्षा में सुधार
रेलवे ने 51,833 एलएचबी कोच और 162 वंदे भारत सेवाओं के जरिए कवच सुरक्षा, एंटी-क्लाइम्बिंग सिस्टम और आधुनिक यात्री सुविधाएं सुनिश्चित की हैं।

भारतीय रेल ने यात्रियों की संरक्षा, आराम और समग्र यात्रा अनुभव को बेहतर बनाने के उद्देश्य से कोचों में व्यापक सुधार और अत्याधुनिक तकनीकों को अपनाते हुए महत्वपूर्ण पहल की है। इस दिशा में रेलवे द्वारा निरंतर नवाचार किए जा रहे हैं, जिनमें एलएचबी कोचों का बढ़ता उपयोग और वंदे भारत ट्रेनों का विस्तार प्रमुख है।
रेलवे ने पारंपरिक आईसीएफ कोचों को चरणबद्ध तरीके से हटाकर अधिक सुरक्षित और आधुनिक एलएचबी (लिंक हॉफमैन बुश) कोचों को प्राथमिकता दी है। ये कोच एंटी-क्लाइम्बिंग सिस्टम, एयर सस्पेंशन और कम जंग लगने वाली विशेषताओं से लैस हैं, जिससे दुर्घटनाओं के दौरान नुकसान कम होता है और यात्रा अधिक आरामदायक बनती है। अप्रैल 2018 से रेलवे के उत्पादन इकाइयों में केवल एलएचबी कोचों का ही निर्माण किया जा रहा है। 31 मार्च 2026 तक कुल 51,833 एलएचबी कोच तैयार किए जा चुके हैं, जबकि 1,556 आईसीएफ रेक को एलएचबी में परिवर्तित किया जा चुका है।
यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं प्रदान करने के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस के चेयर कार संस्करण का संचालन देशभर में तेजी से बढ़ाया गया है। वर्तमान में 162 वंदे भारत चेयर कार सेवाएं संचालित हो रही हैं। इन ट्रेनों में कवच सुरक्षा प्रणाली, ऑटोमैटिक प्लग डोर, सीसीटीवी कैमरे, इमरजेंसी अलार्म और टॉक-बैक यूनिट जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। 180 किमी प्रति घंटा की डिजाइन स्पीड और बेहतर एक्सेलरेशन इन ट्रेनों को तेज और कुशल बनाते हैं। आग से सुरक्षा के लिए एरोसोल आधारित फायर डिटेक्शन सिस्टम भी लगाया गया है। उत्तर पश्चिम रेलवे पर वर्तमान में 5 जोड़ी वंदे भारत ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है।
लंबी दूरी की यात्रा को ध्यान में रखते हुए वंदे भारत स्लीपर संस्करण की शुरुआत भी की गई है। वर्तमान में 2 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें सेवा में हैं, जिनमें उच्च स्तर की सुरक्षा और आराम सुनिश्चित किया गया है। इन ट्रेनों में क्रैशवर्थी डिजाइन, फायर बैरियर डोर, एंटी-क्लाइंबर, सेमी-परमानेंट कपलर और सीसीटीवी जैसे फीचर्स शामिल हैं। यात्रियों और लोको पायलट के बीच आपातकालीन संचार के लिए टॉक-बैक यूनिट की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।
भारतीय रेल का यह व्यापक प्रयास न केवल यात्रियों की सुरक्षा को सुदृढ़ करता है, बल्कि उन्हें आधुनिक, तेज और आरामदायक यात्रा अनुभव प्रदान करने की दिशा में एक मजबूत कदम है। आने वाले समय में इन पहलों का और विस्तार किया जाएगा, जिससे भारतीय रेल विश्वस्तरीय सेवाओं की दिशा में निरंतर आगे बढ़ती रहेगी।

Pratahkal Bureau
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