एआई: मानव इतिहास का एक परिवर्तनकारी अध्याय

प्रधानमंत्री का कहना है कि "कृत्रिम बुद्धिमत्ता मानव इतिहास में एक परिवर्तनकारी अध्याय है।" उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि भारत विश्व की सबसे बड़ी युवा आबादी, सबसे बड़े तकनीकी प्रतिभा भंडार और एक समृद्ध प्रौद्योगिकी-आधारित पारिस्थितिकी तंत्र का घर है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि भारत न केवल नई प्रौद्योगिकियों का निर्माण करता है, बल्कि उन्हें अभूतपूर्व गति से अपनाता भी है।

  • 14 करोड़ भारतीय नई प्रौद्योगिकियों को अपनाने के लिए उत्सुक हैं।
  • शिखर सम्मेलन में राष्ट्राध्यक्षों, वैश्विक एआई पारिस्थितिकी तंत्र के नेताओं और नवप्रवर्तकों का हार्दिक स्वागत किया गया।
  • भारत में इस शिखर सम्मेलन की मेजबानी करना पूरे वैश्विक दक्षिण के लिए गर्व की बात है।

समावेशन और सशक्तिकरण के लिए लोकतंत्रीकरण

प्रधानमंत्री ने जोर दिया कि "हमें एआई का लोकतंत्रीकरण करना होगा; इसे समावेशन और सशक्तिकरण का साधन बनना चाहिए, विशेष रूप से वैश्विक दक्षिण के लिए।" उन्होंने चेतावनी दी कि मनुष्य केवल एआई के लिए डेटा पॉइंट या कच्चा माल बनकर न रह जाएं। उनके अनुसार, यदि मानवता मिलकर आगे बढ़ती है, तो कृत्रिम बुद्धिमत्ता मानव क्षमता को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।

एआई के लिए एम.ए.एन.ए.वी. (M.A.N.A.V.) विजन

प्रधानमंत्री ने एआई के लिए एम.ए.एन.ए.वी. विजन की रूपरेखा प्रस्तुत की:

  • नैतिक और आचार प्रणाली
  • जवाबदेह शासन
  • राष्ट्रीय संप्रभुता
  • सुलभ और समावेशी
  • वैध और न्यायसंगत

सह-निर्माण और सामूहिक संकल्प का युग

श्री मोदी ने कहा कि "हम एक ऐसे युग में प्रवेश कर रहे हैं जहां मनुष्य और बुद्धिमान प्रणालियां सह-निर्माण, सह-कार्य और सह-विकास करेंगी; एआई हमारे काम को अधिक स्मार्ट, अधिक कुशल और अधिक प्रभावशाली बनाएगा।" उन्होंने आगे कहा कि हमें वैश्विक भलाई के लिए एआई के प्रति सामूहिक संकल्प विकसित करना होगा, क्योंकि एआई में भारत को अवसर और भविष्य की रूपरेखा दिखाई देती है।

युवा शक्ति और 'मेड इन इंडिया' समाधान

शिखर सम्मेलन में 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए। श्री मोदी ने युवा पीढ़ी की मजबूत उपस्थिति पर प्रकाश डाला और प्रदर्शनी की सराहना की। उन्होंने कहा कि:

  • कृषि, सुरक्षा, दिव्यांगजनों की सहायता और बहुभाषी आबादी के समाधान 'मेड इन इंडिया' की ताकत को दर्शाते हैं।
  • एआई दिशाहीन होने पर व्यवधान पैदा करती है, लेकिन सही दिशा मिलने पर समाधान बन जाती है।
  • मुख्य उद्देश्य एआई को मशीन-केंद्रित के बजाय मानव-केंद्रित, संवेदनशील और जिम्मेदार बनाना है।

पारदर्शिता और ओपन कोड: "सूर्य की रोशनी सबसे अच्छा कीटाणुनाशक है"

प्रधानमंत्री ने कहा कि पारदर्शिता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है और कहावत का हवाला दिया, "सूर्य की रोशनी सबसे अच्छा कीटाणुनाशक है।" उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत का मानना है कि एआई से दुनिया को तभी लाभ होगा जब इसे साझा किया जाएगा। ओपन कोड और साझा विकास से लाखों युवा प्रतिभाओं को एआई को बेहतर और सुरक्षित बनाने का अवसर मिलेगा।

उपस्थित गणमान्य अतिथि

इस कार्यक्रम में निम्नलिखित गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे:

  • फ्रांस गणराज्य के राष्ट्रपति महामहिम श्री इमैनुएल मैक्रॉन
  • संयुक्त राष्ट्र के महासचिव
  • विभिन्न राष्ट्राध्यक्ष और मंत्रीगण
  • बहुपक्षीय संस्थानों के वरिष्ठ प्रतिनिधि
  • प्रौद्योगिकी एवं एआई उद्योग के नेता

समिट की पृष्ठभूमि और मुख्य स्तंभ

इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 का विषय 'सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय' (सभी का कल्याण, सभी की खुशी) है। इसका उद्देश्य भारत को एआई नेतृत्वकर्ता के रूप में स्थापित करना और समावेशी विकास को बढ़ावा देना है। समिट तीन मुख्य स्तंभों - लोग, ग्रह और प्रगति - पर आधारित है।

सात विषयगत कार्यकारी समूह निम्नलिखित क्षेत्रों पर केंद्रित हैं:

  1. आर्थिक विकास और सामाजिक भलाई के लिए एआई
  2. एआई संसाधनों का लोकतंत्रीकरण
  3. सामाजिक सशक्तिकरण के लिए समावेशन
  4. सुरक्षित और विश्वसनीय एआई
  5. मानव पूंजी
  6. विज्ञान
  7. लचीलापन, नवाचार और दक्षता

इस शिखर सम्मेलन में 500 से अधिक वैश्विक एआई नेता, 100 सीईओ और संस्थापक, 150 शिक्षाविद, 400 सीटीओ और 100 से अधिक सरकारी प्रतिनिधि (20 राष्ट्राध्यक्ष और 60 मंत्री) एक साथ आए हैं।

Pratahkal Bureau

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