जयपुर। वैश्विक आतंकवाद की बदलती चुनौतियों और राष्ट्रीय सुरक्षा के उभरते खतरों के बीच, राजस्थान की धरती अब 'ब्लैक कैट' कमांडोस और प्रदेश के जांबाजों के युद्धाभ्यास से गूंज रही है। मंगलवार को राजस्थान पुलिस अकादमी (RPA) के परेड ग्राउंड में एक ओर जहाँ MI-17 हेलीकॉप्टर से उतरते कमांडोज़ का पराक्रम दिखा, वहीं दूसरी ओर आतंकवाद को जड़ से मिटाने के साझा संकल्प की गूँज सुनाई दी। राजस्थान पुलिस और राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित एक माह के 'संपूर्ण सुरक्षा संवर्धन प्रशिक्षण कार्यक्रम' का भव्य आगाज़ हुआ।

आतंकवाद: एक वैश्विक चुनौती और रणनीतिक तैयारी

कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए राजस्थान के पुलिस महानिदेशक श्री राजीव कुमार शर्मा ने दो टूक शब्दों में कहा कि आतंकवाद आज एक गंभीर वैश्विक चुनौती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आधुनिक युग के आतंकी खतरों से निपटने के लिए केवल साहस ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि निरंतर सतर्कता, उच्चस्तरीय तकनीकी तैयारी और सुरक्षा बलों के बीच सटीक समन्वय अनिवार्य है। डीजीपी शर्मा के अनुसार, इस प्रशिक्षण से राजस्थान पुलिस के जवानों की व्यक्तिगत दक्षता और सामूहिक मारक क्षमता में अभूतपूर्व वृद्धि होगी।

NSG का अनुभव और गृह मंत्रालय का विज़न

NSG के महानिदेशक श्री भृगु श्रीनिवास ने इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के सुरक्षा विज़न को साझा किया। उन्होंने बताया कि पिछले एक वर्ष में देशभर के लगभग 26 हजार पुलिसकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा चुका है।

"NSG ने ऑपरेशन ब्लैक थंडर से लेकर मुंबई हमले (26/11) और पठानकोट जैसे अभियानों में अपनी लोहा मनवाया है। हमारी प्राथमिकता राज्य पुलिस बलों को 'फर्स्ट रिस्पांडर' के रूप में सशक्त बनाना है।" — श्री भृगु श्रीनिवास, महानिदेशक, NSG

लाइव डेमो: जब धरातल पर उतरा शौर्य

शुभारंभ समारोह का मुख्य आकर्षण NSG द्वारा प्रस्तुत किया गया 'लाइव डेमो' रहा। जयपुर मेडिकल कॉलेज की तर्ज पर बनाई गई एक डमी संरचना में जब आतंकियों ने नागरिकों को बंधक बनाया, तब NSG के कमांडोज़ ने MI-17 हेलीकॉप्टर से स्लिथरिंग करते हुए बिजली की गति से ऑपरेशन को अंजाम दिया।

प्रदर्शन की मुख्य विशेषताएं:

होस्टेज रेस्क्यू: बंधकों को सुरक्षित छुड़ाने और आतंकियों के खात्मे का सफल प्रदर्शन।

K-9 डॉग स्क्वाड: अभेद्य सुरक्षा घेरे और विपरीत परिस्थितियों में खोजी कुत्तों की अद्भुत कार्यक्षमता।

अनआर्म्ड कॉम्बैट: बिना हथियारों के दुश्मन को बेअसर करने की कला।

एंटी-ड्रोन तकनीक: आधुनिक तकनीकी युग में ड्रोन के खतरों से निपटने का प्रदर्शन।

चरण

अवधि

स्थान

मुख्य प्रशिक्षण मॉड्यूल

प्रथम चरण

13 जनवरी - 6 फरवरी

जयपुर (RPA)

मॉक ड्रिल, VVIP सुरक्षा, बम निरोधक (BD), टेक्निकल ड्राइविंग।

द्वितीय चरण

7 फरवरी - 14 फरवरी

जोधपुर (SVP PTS)

काउंटर ड्रोन तकनीक, स्नाइपर ट्रेनिंग, विशेष आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन।

भविष्य की सुरक्षा का मार्गप्रशस्त

समारोह के समापन पर महानिदेशक पुलिस (स्पेशल ऑपरेशन्स) श्री आनन्द कुमार श्रीवास्तव ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। यह न केवल जवानों की प्रोफेशनल दक्षता बढ़ाएगा बल्कि राजस्थान को सुरक्षा के लिहाज से एक 'अभेद्य दुर्ग' में तब्दील करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

Pratahkal Newsroom

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