जयपुर की प्रतिष्ठित आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी ने प्रबंधन शिक्षा के क्षेत्र में एक साहसिक और दूरदर्शी कदम उठाते हुए अपने प्रमुख एमबीए (डेवलपमेंट मैनेजमेंट) कार्यक्रम का व्यापक पुनर्गठन किया है। यह पहल न केवल शिक्षा की गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का प्रयास है, बल्कि 'विकसित भारत @2047' के राष्ट्रीय विजन को साकार करने की दिशा में एक सशक्त योगदान भी है। बदलती वैश्विक परिस्थितियों और सामाजिक प्रभाव परिदृश्य की जटिलताओं को समझते हुए, विश्वविद्यालय ने पाठ्यक्रम को इस प्रकार तैयार किया है कि वह भविष्य के ऐसे कुशल नेतृत्व को जन्म दे सके जो राष्ट्र निर्माण के मूल मंत्र के साथ देश को आगे ले जाने में सक्षम हो।

विश्वविद्यालय के प्रेसिडेंट डॉ. पी. आर. सोडानी ने इस परिवर्तन के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि प्रबंधन शिक्षा अब केवल व्यवसाय तक सीमित नहीं रह सकती, बल्कि उसे समाज के प्रति संवेदनशील और राष्ट्र निर्माण का उत्प्रेरक होना चाहिए। इसी उद्देश्य के साथ, पुनर्कल्पित एमबीए (डेवलपमेंट मैनेजमेंट) कार्यक्रम सामाजिक रूप से जागरूक और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी पेशेवर तैयार करने के संकल्प पर आधारित है। यह नया पाठ्यक्रम उभरती हुई सामाजिक चुनौतियों के व्यावहारिक समाधान खोजने और भारत की विकास यात्रा में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए छात्रों को प्रशिक्षित करेगा।

इस शैक्षणिक नवाचार के अंतर्गत छात्रों को तीन विशिष्ट क्षेत्रों में विशेषज्ञता हासिल करने का अवसर मिलेगा, जिनमें सीएसआर एवं ईएसजी प्रबंधन, सतत व्यवसाय प्रबंधन, तथा आजीविका एवं उद्यमिता विकास शामिल हैं। यह विशेषीकृत दृष्टिकोण छात्रों को वर्तमान उद्योग जगत की आवश्यकताओं और सामाजिक उत्तरदायित्वों के बीच सामंजस्य बिठाने की क्षमता प्रदान करेगा। विश्वविद्यालय ने घोषणा की है कि यह संशोधित और उन्नत पाठ्यक्रम आगामी सत्र 2026–28 के बैच से आधिकारिक रूप से प्रभावी कर दिया जाएगा, जो प्रबंधन की पढ़ाई के पारंपरिक ढांचे को बदलकर भविष्योन्मुखी बनाने की एक नई शुरुआत है।

आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी का यह कदम शैक्षणिक जगत में एक मील का पत्थर सिद्ध होने वाला है, जो न केवल छात्रों के करियर को एक नई दिशा प्रदान करेगा, बल्कि भविष्य के सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य में एक सकारात्मक प्रभाव भी छोड़ेगा। 'विकसित भारत' के स्वप्न को हकीकत में बदलने की दिशा में कुशल नेतृत्व को तैयार करना, इस पहल का अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण लक्ष्य है।

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