IICT में राष्ट्रीय एआई कौशल कार्यक्रम के लिए नामांकन और छात्रवृत्ति शुरू
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और आईआईसीटी गूगल व यूट्यूब के साथ मिलकर मीडिया और गेमिंग क्षेत्र की 15 हजार प्रतिभाओं को जनरेटिव एआई में प्रशिक्षित करेंगे।

भारतीय रचनात्मक प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईसीटी) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. विश्वास देओस्कर मुंबई में राष्ट्रीय एआई कौशल कार्यक्रम के कार्यान्वयन की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए।
नई दिल्ली: सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने भारतीय रचनात्मक प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईसीटी) के सहयोग से सृजनात्मक क्षेत्र की प्रतिभाओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने हेतु 'राष्ट्रीय एआई कौशल पहल' के लिए नामांकन प्रक्रिया का आधिकारिक शुभारंभ कर दिया है। पीआईबी दिल्ली द्वारा 4 मई 2026 को जारी सूचना के अनुसार, गूगल और यूट्यूब के साथ साझेदारी में विकसित इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम के अंतर्गत मीडिया, मनोरंजन, एनीमेशन, गेमिंग और डिजिटल स्टोरीटेलिंग के क्षेत्र में उभरते कलाकारों एवं पेशेवरों को उद्योग की आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में दक्ष बनाने के लिए 15 हजार छात्रवृत्तियां प्रदान की जा रही हैं। सरकार द्वारा स्थापित और मुंबई स्थित आईआईसीटी, जो मुख्य रूप से एवीजीसी-एक्सआर (एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स और विस्तारित वास्तविकता) क्षेत्र के लिए समर्पित प्रमुख संस्थान है, इस कार्यक्रम के माध्यम से रचनात्मक क्षेत्रों में पेशेवरों की कुशलता को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को दो-चरणों वाले एक सुदृढ़ और वैज्ञानिक ढांचे में विभाजित किया गया है ताकि प्रशिक्षुओं को बुनियादी समझ के साथ-साथ व्यावहारिक विशेषज्ञता भी प्राप्त हो सके। कार्यक्रम का प्रथम चरण 'फाउंडेशन' पूरी तरह ऑनलाइन होगा, जिसमें 15 हजार प्रतिभागियों को गूगल करियर प्रमाणपत्र और गूगल क्लाउड के 'जेन एआई लर्निंग पाथ' के लिए छात्रवृत्ति दी जाएगी। लगभग 33 घंटे के इस गहन प्रशिक्षण में जनरेटिव एआई की अवधारणाओं, प्रॉम्टिंग तकनीकों और उत्तरदायी एआई प्रथाओं (Responsible AI) पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जिससे प्रशिक्षुओं को वास्तविक परिस्थितियों में समस्या समाधान का कौशल प्राप्त हो सके। इसके पश्चात द्वितीय चरण 'विशेषज्ञता' के अंतर्गत हाइब्रिड मॉडल का उपयोग किया जाएगा, जहाँ बुनियादी चरण उत्तीर्ण करने वाले प्रतिभागियों को कहानी कहने, रचनात्मक निर्माण और उन्नत एआई तकनीकी उपकरणों के माध्यम से परियोजना-आधारित शिक्षा दी जाएगी। आईआईसीटी और यूट्यूब द्वारा सह-विकसित इस चरण में यूट्यूब प्लेटफॉर्म की सर्वोत्तम प्रथाओं और गूगल डेवलपर्स कोडलैब्स जैसे निर्देशित मॉड्यूल के जरिए कौशल प्रदान किया जाएगा।
यह संपूर्ण पहल "एआई स्किल्स हाउस" प्लेटफॉर्म द्वारा समर्थित है, जो जनरेटिव एआई एप्लिकेशन, वर्कफ़्लो ऑटोमेशन और निर्णय लेने वाले उपकरणों के लिए एक सुव्यवस्थित लर्निंग ट्रैक सुनिश्चित करता है। भारत की रचनात्मक अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के सरकार के विजन के अनुरूप यह कदम आर्टिफिशिल इंटेलिजेंस को मुख्यधारा के दृश्य-श्रव्य सामग्री निर्माण से जोड़ने की दिशा में एक ऐतिहासिक संस्थागत प्रयास है। आईआईसीटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. विश्वास देओस्कर ने इस पहल के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह कार्यक्रम सामग्री निर्माण, प्रोडक्शन और वितरण में एआई के वास्तविक अनुप्रयोगों हेतु पेशेवरों को तैयार करने की राष्ट्रीय आवश्यकता को पूरा करेगा। इच्छुक प्रतिभागी कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी प्राप्त करने और आवेदन करने हेतु एआई स्किल्स हाउस के आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध क्यूआर कोड के माध्यम से प्रक्रिया पूर्ण कर सकते हैं, जो भारत के तेजी से विकसित हो रहे डिजिटल नवाचार के क्षेत्र में एक नए अध्याय की शुरुआत करेगा।

