जयपुर की धरा पर रचेगा इतिहास: जन-भागीदारी के साथ पहली बार आमजन के बीच सैन्य शौर्य का होगा भव्य शंखनाद
जयपुर में 8 से 15 जनवरी तक आयोजित होने वाली ऐतिहासिक 'सेना दिवस परेड 2026' की तैयारियों को लेकर सचिवालय में उच्चस्तरीय बैठक संपन्न हुई। अतिरिक्त मुख्य सचिव भास्कर ए. सावंत और कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने जन-भागीदारी और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर चर्चा की। भारत के इतिहास में पहली बार आम जनता के बीच होने वाली यह परेड 'मातृशक्ति' को समर्पित होगी। जानिए इस भव्य आयोजन की पूरी कार्ययोजना।

जयपुर। गुलाबी नगरी के इतिहास में एक ऐसा स्वर्णिम अध्याय जुड़ने जा रहा है, जो न केवल राजस्थान बल्कि समूचे राष्ट्र के लिए गर्व और उल्लास का प्रतीक बनेगा। आगामी 8 से 15 जनवरी, 2026 तक आयोजित होने वाली 'सेना दिवस परेड' इस बार अपने पारंपरिक स्वरूप से इतर एक नए और भव्य कलेवर में नजर आएगी। भारत के सैन्य इतिहास में यह पहला अवसर होगा जब सेना दिवस की परेड सेना के बंद परिसरों से बाहर निकलकर सीधे आमजन के बीच आयोजित की जाएगी। इस ऐतिहासिक आयोजन की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए शनिवार को शासन सचिवालय में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह विभाग) श्री भास्कर आत्माराम सावंत ने की।
अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री भास्कर आत्माराम सावंत ने बैठक के दौरान इस आयोजन की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की मंशा के अनुरूप भारतीय सेना के अदम्य साहस, शौर्य और अनुशासन को जन-जन तक पहुँचाने के लिए सरकार पूरी तरह संकल्पित है। मुख्यमंत्री ने स्वयं इस आयोजन की सफलता के लिए जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ व्यापक संवाद स्थापित किया है ताकि नागरिक सेना के गौरव को करीब से महसूस कर सकें। बैठक की शुरुआत में सामान्य प्रशासन विभाग के प्रमुख शासन सचिव श्री नवीन जैन ने एक विस्तृत प्रस्तुतीकरण के माध्यम से आयोजन की रूपरेखा साझा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बार की परेड का सबसे विशिष्ट पहलू इसकी जन-भागीदारी है, जो राजस्थान सरकार के विशेष प्रयासों का प्रतिफल है।
व्यवस्थाओं की कमान संभाल रहे जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने दर्शकों की बैठक व्यवस्था, सुचारू प्रवेश और निकास मार्गों की बारीकियों से अवगत कराया। उन्होंने शिक्षा जगत और सामाजिक संगठनों से अपील की है कि वे सोमवार तक अपने प्रतिभागियों की निश्चित संख्या साझा करें ताकि प्रशासनिक स्तर पर व्यवस्थाएं त्रुटिहीन रहें। विशेष रूप से 9 जनवरी का दिन इस आयोजन में मील का पत्थर साबित होगा, क्योंकि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार यह दिन 'मातृशक्ति' को समर्पित किया गया है। इस दिन महिलाओं और बालिकाओं की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, जो नारी शक्ति के प्रति सेना और सरकार के सम्मान को प्रदर्शित करेगा।
सुरक्षा और यातायात प्रबंधन को लेकर भी प्रशासन बेहद मुस्तैद है। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (यातायात) श्री योगेश दाधीच ने रूट डायवर्जन और पार्किंग स्थलों की विस्तृत जानकारी साझा की, ताकि आम नागरिकों को असुविधा न हो। बैठक में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि सेना भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं, विश्वविद्यालयी छात्रों और स्कूली बच्चों को इस परेड के लिए प्रेरित किया जाए, ताकि वे सेना के अनुशासन और आचरण से रूबरू हो सकें। इस महत्वपूर्ण समन्वय बैठक में जयपुर के साथ-साथ अलवर, अजमेर, टोंक, सीकर, कोटपूतली, झुंझुनूं, सवाई माधोपुर और कुचामन-डीडवाना जिलों के अतिरिक्त जिला कलक्टरों सहित आईसीडीएस, चिकित्सा, शिक्षा और उच्च शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। यह आयोजन न केवल सैन्य शक्ति का प्रदर्शन होगा, बल्कि राष्ट्रभक्ति के उस ज्वार को भी जन्म देगा जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
