जयपुर में मंत्रिमंडल की ऐतिहासिक बैठक: वाहन स्क्रैपिंग नीति-2025 से लेकर एआई एमएल पॉलिसी-2026 तक बड़े फैसले, रिफाइनरी लागत 79,459 करोड़ पहुंची
जयपुर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल बैठक में राजस्थान वाहन स्क्रैपिंग नीति-2025, एआई एमएल पॉलिसी-2026, ग्रीन क्रेडिट योजना और राजस्थान रिफाइनरी की संशोधित लागत 79,459 करोड़ रुपये को मंजूरी मिली।

जयपुर, 30 दिसम्बर। राजस्थान की प्रशासनिक, औद्योगिक और पर्यावरणीय दिशा को नई मजबूती देने की दिशा में मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में मंगलवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक कई ऐतिहासिक निर्णयों की साक्षी बनी। इस बैठक में पर्यावरण संरक्षण, हरित एवं टिकाऊ विकास, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित गवर्नेंस, कर्मचारी कल्याण और राज्य की सबसे बड़ी औद्योगिक परियोजना राजस्थान रिफाइनरी से जुड़े अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
बैठक के बाद उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, संसदीय कार्य मंत्री श्री जोगाराम पटेल और जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री श्री कन्हैया लाल ने संयुक्त रूप से प्रेसवार्ता कर कैबिनेट के निर्णयों की जानकारी दी।
डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने बताया कि बजट वर्ष 2025-26 की घोषणा की अनुपालना में राजस्थान वाहन स्क्रैपिंग नीति-2025 को स्वीकृति दी गई है, जिसका उद्देश्य अपंजीकृत, अनफिट और प्रदूषणकारी वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाकर उन्हें वैज्ञानिक, सुरक्षित और पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप स्क्रैप करना है। इस नीति के तहत प्रदेश में रजिस्टर्ड व्हीकल स्क्रैपिंग फैसिलिटीज की स्थापना को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे पूरी प्रक्रिया डिजिटल, पारदर्शी और ट्रेस योग्य होगी तथा वाहन पोर्टल से एकीकृत रहेगी।
उन्होंने बताया कि 15 वर्ष से अधिक पुराने सरकारी वाहन, फिटनेस अथवा पंजीकरण रहित वाहन, दुर्घटनाग्रस्त या क्षतिग्रस्त वाहन, नीलामी में खरीदे गए कबाड़ वाहन तथा स्वेच्छा से दिए गए वाहन स्क्रैप किए जा सकेंगे। अधिकृत स्क्रैप सेंटर से वाहन स्वामी को सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट और सर्टिफिकेट ऑफ व्हीकल स्क्रैपिंग जारी किया जाएगा, जिसके आधार पर नए वाहन की खरीद पर मोटर वाहन कर में 50 प्रतिशत तक, अधिकतम एक लाख रुपये की छूट मिलेगी।
डॉ. बैरवा ने यह भी स्पष्ट किया कि स्क्रैप किए गए वाहन के चैसिस नंबर का कट पीस छह माह तक स्क्रैपर की सेफ कस्टडी में और उसके बाद 18 माह तक जिला परिवहन अधिकारी के पास सुरक्षित रखा जाएगा। इस नीति से सर्कुलर इकॉनॉमी को मजबूती मिलेगी और स्क्रैप से प्राप्त स्टील, एल्युमिनियम, प्लास्टिक और रबर जैसे संसाधनों का पुनः उपयोग संभव होगा। पंजीकृत स्क्रैपिंग यूनिट्स को पूंजी निवेश सब्सिडी, कर छूट, ब्याज अनुदान, स्टाम्प ड्यूटी और विद्युत शुल्क में विशेष रियायतें भी दी जाएंगी।
इसी बैठक में राजस्थान एआई एमएल पॉलिसी-2026 को भी मंजूरी दी गई। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि यह नीति राजस्थान को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग के क्षेत्र में निवेश एवं नवाचार का उभरता केंद्र बनाएगी। नीति का उद्देश्य एआई के उत्तरदायी, नैतिक और सुरक्षित उपयोग के माध्यम से सार्वजनिक सेवा वितरण को अधिक पारदर्शी, त्वरित और नागरिक-केंद्रित बनाना है। इसके तहत डेटा सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, पक्षपात नियंत्रण और निर्णय प्रक्रिया की स्पष्टता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा तथा प्रदेश में एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना भी की जाएगी।
उन्होंने बताया कि स्कूलों, आईटीआई, पॉलिटेक्निक और कॉलेजों में एआई शिक्षा को बढ़ावा दिया जाएगा और युवाओं, शिक्षकों तथा सरकारी कार्मिकों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाएंगे। उद्योग, एमएसएमई, स्टार्टअप और रिसर्च संस्थानों को भी एआई आधारित पहलों के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन मिलेगा।
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री श्री कन्हैया लाल ने बताया कि मंत्रिमंडल ने ग्रीन क्रेडिट वाउचर इनिशिएटिव-2025 को मंजूरी दी है, जिसके माध्यम से उद्यमों और शहरी निकायों को नवीकरणीय ऊर्जा, अपशिष्ट प्रबंधन, जल संरक्षण, वायु प्रदूषण नियंत्रण और सस्टेनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी गतिविधियों के लिए आर्थिक प्रोत्साहन मिलेगा। पात्र निवेशकों को पर्यावरणीय योगदान के आधार पर ट्रेडेबल और रिडीमेबल ग्रीन क्रेडिट वाउचर जारी किए जाएंगे, जो राज्य में ग्रीन और सर्कुलर इकोनॉमी को नई गति देंगे।
संसदीय कार्य मंत्री श्री जोगाराम पटेल ने बताया कि पचपदरा में निर्माणाधीन 9 मिलियन मैट्रिक टन वार्षिक क्षमता की राजस्थान रिफाइनरी सह पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स परियोजना के द्वितीय संशोधित लागत प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। अब इस परियोजना की संशोधित लागत 79 हजार 459 करोड़ रुपये हो गई है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार और एचपीसीएल के बीच 18 अप्रैल 2017 को एमओयू हुआ था और परियोजना की लागत पहले 43 हजार 129 करोड़ रुपये आंकी गई थी, जो पूर्ववर्ती सरकार के समय बढ़कर 72 हजार 937 करोड़ रुपये हो गई थी। मेकॉन लिमिटेड की रिपोर्ट के परीक्षण के बाद राज्य हित में यह संशोधित प्रस्ताव स्वीकृत किया गया है, जिसमें राज्य सरकार की इक्विटी हिस्सेदारी 26 प्रतिशत रहेगी।
इसके अलावा मंत्रिमंडल ने राजस्थान राजस्व लेखा (राज्य एवं अधीनस्थ) सेवा नियम-2025 को मंजूरी दी, जिससे राजस्व लेखा संवर्ग के कार्मिकों को पदोन्नति के बेहतर अवसर मिल सकेंगे। राजस्थान विधानसभा सचिवालय (भर्ती तथा सेवा की शर्तें) नियम, 1992 में संशोधन कर मार्शल, अतिरिक्त मार्शल और उप मार्शल के पदों पर अब राजस्थान पुलिस सेवा के साथ-साथ सैन्य और अर्द्धसैन्य बलों के अधिकारियों की नियुक्ति का रास्ता भी खोला गया है।
बैठक में राज्य विशेष शाखा, स्पेशल सिक्योरिटी विंग में पदस्थापित कार्मिकों का विशेष भत्ता 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 25 प्रतिशत करने तथा इसे 1 अप्रैल 2025 से प्रभावी मानने का निर्णय भी लिया गया। साथ ही सप्तम राज्य वित्त आयोग की वर्ष 2025-26 की अंतरिम रिपोर्ट को भी मंत्रिमंडल ने अनुमोदन प्रदान किया, जिसे आगामी विधानसभा सत्र में प्रस्तुत किया जाएगा।
कुल मिलाकर, जयपुर में हुई यह मंत्रिमंडल बैठक राजस्थान के प्रशासनिक सुधार, पर्यावरणीय संतुलन, तकनीकी नवाचार और औद्योगिक विकास की दिशा में एक निर्णायक कदम के रूप में दर्ज की गई है, जिसके दूरगामी प्रभाव प्रदेश के आर्थिक और सामाजिक परिदृश्य पर स्पष्ट रूप से दिखाई देंगे।

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