राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्री हरिभाऊ बागडे ने शुक्रवार को लोकभवन में आयोजित विशेष दीक्षांत समारोह में राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष, विदुषी और चिंतक श्रीमती विजया राहटकर तथा प्रख्यात शिक्षाविद एवं पूर्व सांसद श्री अच्युत सामंत को महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय, बीकानेर की विद्यावाचस्पति की मानद उपाधि प्रदान कर सम्मानित किया। श्रीमती विजया राहटकर को महिला अधिकार, महिला सुरक्षा और महिलाओं के संरक्षण के लिए तीन दशक से अधिक के महत्वपूर्ण योगदान के लिए, जबकि श्री अच्युत सामंत को 90 हजार से अधिक आदिवासी बच्चों की शिक्षा और समाज सेवा में विशिष्ट योगदान के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया।

समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने कहा कि श्रीमती विजया राहटकर का नैतिकता से जुड़ा सार्वजनिक जीवन और महिला सरोकारों के लिए किया गया कार्य मिसाल है। उन्होंने कहा कि तहसील, जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर महिलाओं के लिए निरंतर कार्य करने के साथ उनमें नेतृत्व के नैसर्गिक गुण हैं। वहीं, शिक्षाविद एवं समाजसेवी श्री अच्युत सामंत द्वारा आदिवासी क्षेत्रों में किए गए कार्यों को अनुकरणीय बताते हुए उन्होंने कहा कि साधारण परिवार से आने के बावजूद आदिवासी समाज की उन्नति के लिए उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। राज्यपाल ने महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय द्वारा सम्मान से जुड़ी इस पहल की भी सराहना की।

राज्यपाल ने कहा कि शुक्रवार को उनके कार्यकाल के दो वर्ष पूर्ण हुए हैं और इन दो वर्षों में उन्हें राजस्थान से बहुत प्यार मिला है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष उनकी तीन प्राथमिकताएं हैं। इनमें राजस्थान को नशामुक्त बनाना, टीबी मुक्त करना और शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश को अग्रणी बनाना शामिल है। उन्होंने री नीट परीक्षा में पूरे देश में राजस्थान के शानदार प्रदर्शन को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि परीक्षा में प्रदेश का सफलता प्रतिशत राष्ट्रीय औसत से काफी ऊपर, लगभग 69 प्रतिशत रहा है, जो राजस्थान के लिए बड़ी उपलब्धि है।

उन्होंने महाराजा गंगासिंह जी द्वारा गंग नहर की स्थापना को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि अगले वर्ष गंग नहर का शताब्दी वर्ष मनाया जाएगा। उनके अनुसार यह अवसर केवल नहर पूजन का नहीं, बल्कि सिंचाई से आई समृद्धि के साथ जल संरक्षण की परंपराओं को अपनाने का भी है। राज्यपाल ने राजस्थान में यमुना जल योजना के साथ गुजरात से नर्मदा जल के माध्यम से गांव-ढाणी तक पेयजल पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की। उन्होंने यह भी कहा कि अगले माह प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी नशामुक्ति अभियान के अंतर्गत एक करोड़ लोगों को संबोधित करेंगे और सभी को उनका संबोधन सुनना चाहिए।

उप मुख्यमंत्री श्री प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि जिन विभूतियों को मानद उपाधियां प्रदान की गई हैं, उन्होंने संघर्ष और साधना से अपना जीवन बिताते हुए अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि माताएं अबला नहीं, बल्कि सबला हैं। श्रीमती विजया राहटकर और श्री अच्युत सामंत के जीवन को उन्होंने प्रकाश पुंज बताते हुए उनसे प्रेरणा लेने का आह्वान किया।

महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय, बीकानेर के कुलगुरु आचार्य मनोज दीक्षित ने कहा कि विश्वविद्यालय ने असाधारण योगदान देने वाली विशिष्ट विभूतियों को सम्मानित करने की पहल के तहत विशेष दीक्षांत समारोह में मानद उपाधियां प्रदान की हैं। समारोह में श्रीमती विजया राहटकर और श्री अच्युत सामंत ने सम्मान के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर मंत्री श्री जोराराम, श्री अविनाश गहलोत सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और गणमान्यजन उपस्थित रहे। विशेष दीक्षांत समारोह में सम्मानित विभूतियों के योगदान के साथ राज्यपाल द्वारा शिक्षा, नशामुक्ति, टीबी उन्मूलन और जल संरक्षण जैसे विषयों पर रखी गई प्राथमिकताओं ने कार्यक्रम को विशेष महत्व प्रदान किया।

Pratahkal Bureau

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