जयपुर, 28 मई 2026। राजस्थान की राजनीति में सांसद हनुमान बेनीवाल द्वारा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के लिए की गई अभद्र एवं अमर्यादित टिप्पणी ने एक बड़े विवाद को जन्म दे दिया है। इस बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी ने आक्रामक रुख अपनाते हुए इसे लोकतांत्रिक मर्यादाओं का उल्लंघन और राजनीतिक संस्कृति को दूषित करने वाला कृत्य करार दिया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि कुछ राजनेता केवल टीआरपी बढ़ाने और सुर्खियों में बने रहने के लिए घटिया शब्दावली का सहारा ले रहे हैं। राठौड़ ने स्पष्ट किया कि राजनीति में विरोध होना स्वाभाविक है, लेकिन शब्दों की मर्यादा और संवाद में शालीनता बनाए रखना एक अनिवार्य आवश्यकता है। उन्होंने इसे अत्यंत शर्मनाक बताते हुए कहा कि बेनीवाल को पद की गरिमा का ध्यान रखना चाहिए और यदि राजनेता इसी प्रकार की भाषा का प्रयोग जारी रखेंगे, तो जनता का राजनीति से विश्वास उठ जाएगा। मदन राठौड़ ने राहुल गांधी के बयानों का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि उसी निम्न स्तर की भाषा का अनुसरण अब अन्य नेता भी कर रहे हैं। उन्होंने मीडिया से आग्रह किया कि ऐसी अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने वाले नेताओं का सामाजिक एवं वैचारिक बहिष्कार किया जाना चाहिए।

इस प्रकरण पर भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने एकजुट होकर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी ने इसे मुख्यमंत्री के पद की गरिमा के विरुद्ध बताते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन में जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी है कि वह तथ्यों और विचारों के आधार पर बहस करे, न कि व्यक्तिगत अपमानजनक टिप्पणियों के माध्यम से। राजस्थान राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अरुण चतुर्वेदी ने कहा कि भारतीय राजनीति की पहचान शालीन संवाद रही है, लेकिन राजनीतिक लाभ के लिए कुछ नेता सभी सीमाएं पार कर रहे हैं, जो लोकतंत्र को कमजोर करने का कार्य है। वहीं, गृहराज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने बेहद तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि हनुमान बेनीवाल का बयान अत्यंत बेतुका है और उनके संबोधन को सुनकर पूरा राजस्थान यह चर्चा कर रहा है कि वे नशे में चूर होकर इस तरह की बातें कर रहे हैं। उन्होंने उन्हें सांसद की गरिमा में रहने की नसीहत दी।

पार्टी के अन्य पदाधिकारियों ने भी इस घटनाक्रम की कड़ी निंदा की है। भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश दाधीच ने इसे स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ बताते हुए कहा कि जनता ऐसे नेताओं को कभी स्वीकार नहीं करेगी। भाजपा प्रदेश महामंत्री श्रवण सिंह बगड़ी ने कहा कि यह राजनीतिक संस्कृति को दूषित करने वाला कृत्य है, जबकि प्रदेश महामंत्री भूपेंद्र सैनी ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को विकास और सुशासन के मुद्दों पर बात करनी चाहिए, न कि विवादित बयानों से सुर्खियां बटोरने का प्रयास करना चाहिए। भाजपा महामंत्री डॉ. मिथिलेश गौतम ने भी सांसद के बयानों को भारतीय राजनीतिक संस्कृति के विरुद्ध बताते हुए निंदनीय करार दिया है। भाजपा प्रदेश मीडिया विभाग द्वारा जारी इस आधिकारिक बयान के माध्यम से पार्टी ने स्पष्ट कर दिया है कि विरोध के नाम पर अनर्गल और असभ्य भाषा किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी।

Pratahkal Newsroom

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