गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर जयपुर के ज्योतिषाचार्य डॉ. पंडित पुरुषोत्तम गौड़ ने अपने सभी शिष्यों, श्रद्धालुओं एवं सनातन धर्मावलंबियों से माता एवं पिता के नाम पर एक-एक पौधा लगाने और उसका नियमित संरक्षण करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि यही गुरु पूर्णिमा पर गुरु-दक्षिणा का श्रेष्ठ स्वरूप और प्रकृति की सच्ची सेवा है।

डॉ. गौड़ ने कहा कि सनातन धर्म एवं ज्योतिष शास्त्र में वृक्षों को देवतुल्य माना गया है। उनके अनुसार पीपल, बरगद, बेल, नीम, आंवला, शमी एवं अन्य पुण्यदायी वृक्षों का रोपण और उनकी सेवा करने से अनेक ग्रहों की अशुभता शांत होती है। इससे जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, सुख, समृद्धि और मानसिक शांति का संचार होता है।

उन्होंने बताया कि जिन लोगों की कुंडली में पितृ दोष होता है अथवा जो अपने पितरों का आशीर्वाद प्राप्त करना चाहते हैं, उनके लिए माता-पिता एवं पूर्वजों की स्मृति में पौधारोपण करना अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। उन्होंने कहा कि वृक्षों की सेवा से पितरों की कृपा प्राप्त होती है, पारिवारिक सुख-शांति बढ़ती है तथा जीवन की अनेक बाधाओं में कमी आने की मान्यता है।

ज्योतिषाचार्य डॉ. पंडित पुरुषोत्तम गौड़ ने कहा कि यदि प्रत्येक शिष्य और प्रत्येक परिवार इस गुरु पूर्णिमा पर दो पौधे लगाने का संकल्प ले, तो यह अभियान पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ भारतीय संस्कृति, पितृ सम्मान और आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा।

Pratahkal Bureau

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