जीएसटी विभाग की बड़ी कार्रवाई: 7 प्रतिष्ठानों पर सर्वे, 159.95 लाख की संभावित देनदारी
जीएसटी विभाग ने 18 सितंबर को प्रदेश के 7 प्रतिष्ठानों पर सर्वे और निरीक्षण किया। कार्रवाई में 159.95 लाख रुपए की संभावित कर देनदारी सामने आई, जबकि 70.59 लाख रुपए स्वैच्छिक रूप से जमा कराए गए।

18 सितंबर को वाणिज्यिक कर विभाग ने प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर जीएसटी राजस्व में अनियमितताओं, कर अपवंचना, अपात्र इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) और बिना वास्तविक आपूर्ति के टैक्स इनवॉइस जारी करने जैसी गतिविधियों के खिलाफ विशेष अभियान के तहत 7 प्रतिष्ठानों का सर्वे/निरीक्षण किया। कार्रवाई में प्रथम दृष्टया करीब 159.95 लाख रुपए की संभावित कर देनदारी सामने आई है। संबंधित करदाताओं ने कार्रवाई के दौरान 70.59 लाख रुपए स्वैच्छिक रूप से जमा कराए। कई मामलों में महत्वपूर्ण दस्तावेज और रिकॉर्ड भी जब्त/अभिलेखित किए गए हैं तथा जांच जारी है।
जयपुर के प्रथम मोबिटल प्राइवेट लिमिटेड के विरुद्ध ब्लॉक क्रेडिट/ITC रिवर्सल के संबंध में निरीक्षण किया गया। मामले में करीब 21.60 लाख रुपए की संभावित देनदारी सामने आई। इसके विरुद्ध करदाता ने 4.74 लाख रुपए जमा कराए, जिसमें 1 लाख रुपए ITC और 3.74 लाख रुपए नकद शामिल हैं। पुस्तकों, खरीद बिलों और अन्य अभिलेखों की विस्तृत जांच की जा रही है।
अजमेर के M/s Arsh Fashion Couture LLP के यहां टेक्सटाइल कारोबार में स्टॉक और टर्नओवर संबंधी अनियमितताओं की जांच की गई। भौतिक स्टॉक के सत्यापन में घोषित स्टॉक की तुलना में अधिक स्टॉक पाया गया। मौके से लूज पेपर और रजिस्टर/नोटबुक सहित संबंधित रिकॉर्ड जब्त किए गए। मामले में करीब 15 लाख रुपए की संभावित देनदारी के विरुद्ध करदाता ने 10.90 लाख रुपए स्वैच्छिक रूप से जमा किए हैं।
बोरावड़, डीडवाना-कुचामन के M/s Vinod Kumar Agarwal के यहां खाद्य तेल, चीनी, गुड़, चावल, पोहा और मसालों के कारोबार में कर अपवंचना की आशंका के आधार पर कार्रवाई की गई। बिना उचित बिल के खरीद-बिक्री और देनदारी के समायोजन से संबंधित तथ्यों की जांच की गई। मामले में करीब 7–8 लाख रुपए की संभावित देनदारी के विरुद्ध 6.50 लाख रुपए नकद जमा कराए गए।
केकड़ी स्थित Vijay Manufacturing Industries में आयरन गुड्स, वेल्ड मेश, बार्ब्ड वायर और बेड आदि के निर्माण संबंधी कारोबार में कम कैश रेशियो और टर्नओवर छिपाने की आशंका पर सर्वे किया गया। मौके पर उपलब्ध भौतिक स्टॉक और व्यावसायिक दस्तावेजों को रिकॉर्ड में लिया गया। मामले में 15 लाख रुपए की स्वैच्छिक राशि जमा की गई।
किशनगढ़ स्थित Ranka Tiles के मामले में रद्द GST पंजीयन वाले सप्लायर्स से खरीद और उससे संबंधित ITC की जांच की गई। जांच में करीब 15.85 लाख रुपए की संभावित देनदारी सामने आई। इसके विरुद्ध करदाता ने 8.45 लाख रुपए नकद जमा कराए।
हनुमानगढ़ स्थित Jeet Trailers के यहां ट्रेलर निर्माण इकाई में खरीद और ITC से संबंधित अनियमितताओं की जांच की गई। साथ ही पिछले तीन वर्षों में 100 प्रतिशत ITC का उपयोग किए जाने की भी जांच की जा रही है। कार्रवाई के दौरान पंचनामा तैयार कर रिकॉर्ड की जांच की गई तथा करदाता ने 25 लाख रुपए जमा किए। मामले की जांच जारी है।
कोटा स्थित Gulab Traders के यहां बिना वास्तविक माल की आपूर्ति के टैक्स इनवॉइस जारी करने के मामले में कार्रवाई की गई। जांच में प्रथम दृष्टया ऐसे इनवॉइस जारी किए जाने के तथ्य सामने आए, जिनके पीछे वास्तविक माल की आपूर्ति नहीं थी। मामले में करीब 40 लाख रुपए की संभावित कर देनदारी सामने आई है। फिलहाल इस मामले में कोई स्वैच्छिक जमा राशि नहीं हुई है और आगे की जांच जारी है।
वाणिज्यिक कर विभाग के अनुसार सभी मामलों में पुस्तकों, खरीद-बिक्री अभिलेखों, स्टॉक, ITC और संबंधित दस्तावेजों की विस्तृत जांच की जा रही है। जांच के दौरान सामने आने वाली वास्तविक कर देनदारी के आधार पर CGST/RGST Act के प्रावधानों के तहत आगामी कार्रवाई की जाएगी।

