जीएसटी धारा 9(5) का नया फेरबदल सब्सक्रिप्शन आधारित ऐप टैक्सी मॉडल पर डाल सकता है बड़ा असर
एस्या सेंटर की रिपोर्ट में दावा, जीएसटी धारा 9(5) के तहत सब्सक्रिप्शन आधारित ऐप टैक्सी प्लेटफॉर्म पर टैक्स लागू होने से ड्राइवरों और यात्रियों पर बढ़ सकता है आर्थिक बोझ।

तस्वीर में एस्या सेंटर की डायरेक्टर मेघना बाल एक कार्यक्रम के दौरान अपनी बात रखते हुए दिखाई दे रही हैं।
एस्या सेंटर की नई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि जीएसटी कानून की धारा 9(5) के तहत सब्सक्रिप्शन आधारित ऐप टैक्सी प्लेटफॉर्म पर जीएसटी लागू किए जाने से ड्राइवरों और आम जनता पर भारी आर्थिक बोझ पड़ सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, इस बदलाव से ऑफ-प्लेटफॉर्म टैक्सी सेवाओं को भी बढ़ावा मिलने की आशंका है। एस्या सेंटर की डायरेक्टर मेघना बाल ने बताया कि यह अध्ययन 13 भारतीय शहरों के 1,044 ड्राइवरों और 1,059 यात्रियों से बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि सब्सक्रिप्शन मॉडल पर संचालित प्लेटफॉर्म के किराए पर धारा 9(5) के तहत जीएसटी लगाना व्यावहारिक रूप से एक बड़ी चुनौती है। इसका प्रमुख कारण यह बताया गया है कि यह सेवा स्वतंत्र रूप से ड्राइवरों द्वारा प्रदान की जा रही है और उनमें से अधिकांश की वार्षिक आय जीएसटी पंजीकरण के लिए निर्धारित सीमा से कम है। रिपोर्ट के अनुसार, अलग-अलग राज्यों में टैक्स अथॉरिटी के विरोधाभासी फैसलों के कारण भी व्यापक असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
इस मुद्दे पर एस्या सेंटर की डायरेक्टर मेघना बाल ने कहा, “भारत का मोबिलिटी सेक्टर बहुत तेजी से बदल रहा है। नए प्लेटफॉर्म मॉडल ड्राइवरों और ग्राहकों दोनों को ज्यादा सहूलियत और विकल्प दे रहे हैं।”
वहीं, इस विषय पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए ईवाई की टैक्स पार्टनर जयश्री पार्थसारथी ने कहा, “डिजिटल मोबिलिटी प्लेटफॉर्म्स के विकास ने हमें यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि नए जमाने के इन बिजनेस मॉडलों पर इनडायरेक्ट टैक्स (अप्रत्यक्ष कर) के नियमों को कैसे लागू किया जाए। जैसे-जैसे प्लेटफॉर्म्स का ढांचा सब्सक्रिप्शन की तरफ बढ़ रहा है, वैसे-वैसे टैक्स के नियमों को भी इसी के मुताबिक ढालने की जरूरत है।”
रिपोर्ट का निष्कर्ष है कि धारा 9(5) के तहत सब्सक्रिप्शन आधारित ऐप टैक्सी प्लेटफॉर्म पर जीएसटी लागू करने का प्रस्ताव केवल कर व्यवस्था का विषय नहीं है, बल्कि इसका सीधा प्रभाव ड्राइवरों, यात्रियों और डिजिटल मोबिलिटी प्लेटफॉर्म के संचालन मॉडल पर भी पड़ सकता है।

Pratahkal Bureau
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