मोकलसर के रेल यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी: अब आपकी दहलीज पर ठहरेगी चेन्नई-भगत की कोठी एक्सप्रेस
रेलवे ने मोकलसर वासियों को दी बड़ी सौगात! अब एमजीआर चेन्नई सेंट्रल-भगत की कोठी रेलसेवा का मोकलसर स्टेशन पर होगा ठहराव। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री शशि किरण ने गाड़ी संख्या 20625 और 20626 के समय और तारीखों की घोषणा की है। इस नए स्टॉपेज से दक्षिण भारत की यात्रा होगी आसान और व्यापार को मिलेगा नया आयाम। पूरी समय-सारणी यहाँ पढ़ें।

मोकलसर/बाड़मेर। रेल सफर करने वाले यात्रियों और क्षेत्रीय जनता की लंबे समय से चली आ रही मांग को रेलवे ने आखिरकार हरी झंडी दिखा दी है। मारवाड़ के रेल नेटवर्क में एक महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ते हुए उत्तर पश्चिम रेलवे ने एमजीआर चेन्नई सेंट्रल-भगत की कोठी-एमजीआर चेन्नई सेंट्रल रेलसेवा के मोकलसर स्टेशन पर ठहराव की घोषणा की है। यह निर्णय न केवल यात्रियों की सुविधा को बढ़ाएगा, बल्कि क्षेत्र के व्यापारिक और सामाजिक संपर्कों को दक्षिण भारत के प्रमुख महानगर चेन्नई से सीधे और सुगम तरीके से जोड़ेगा। रेलवे का यह कदम मोकलसर स्टेशन के महत्व को रेखांकित करता है और आगामी आदेशों तक प्रायोगिक आधार पर दी गई यह सौगात भविष्य में इस रूट की जीवनरेखा बन सकती है।
उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री शशि किरण ने इस महत्वपूर्ण विकास की आधिकारिक पुष्टि करते हुए परिचालन संबंधी विस्तृत जानकारी साझा की है। रेलवे प्रशासन द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, गाड़ी संख्या 20625, एमजीआर चेन्नई सेंट्रल-भगत की कोठी रेलसेवा आगामी 27 जनवरी 2026 से अपनी निर्धारित यात्रा के दौरान सुबह 09:19 बजे मोकलसर स्टेशन की पटरियों पर दस्तक देगी और ठीक दो मिनट के ठहराव के बाद 09:21 बजे अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान करेगी। इसी क्रम में, वापसी की राह पर गाड़ी संख्या 20626, भगत की कोठी-एमजीआर चेन्नई सेंट्रल रेलसेवा 25 जनवरी 2026 से ही अपनी सेवाएं शुरू कर देगी। यह ट्रेन सुबह 07:18 बजे मोकलसर स्टेशन पहुंचेगी और यात्रियों को चढ़ने-उतरने की सुविधा प्रदान कर 07:20 बजे आगे की यात्रा के लिए रवाना होगी।
इस आधिकारिक ठहराव का सबसे महत्वपूर्ण पहलू इसका प्रशासनिक ढांचा है, जिसे उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री शशि किरण के नेतृत्व में पारदर्शी रूप से लागू किया गया है। यह निर्णय रेलवे की उस नीति का हिस्सा है जिसके तहत स्थानीय जनभावनाओं और यात्रियों के घनत्व को ध्यान में रखते हुए प्रायोगिक आधार पर ठहराव सुनिश्चित किए जाते हैं। रेलवे विभाग का मानना है कि इस ठहराव से बाड़मेर और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को दक्षिण भारत की लंबी दूरी तय करने के लिए अब दूरदराज के बड़े स्टेशनों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इस रेल सेवा का मोकलसर में रुकना केवल एक तकनीकी ठहराव नहीं है, बल्कि यह स्थानीय विकास और रेल कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने की दिशा में उठाया गया एक दूरगामी कदम है जो निश्चित रूप से आम आदमी के सफर को अधिक सुलभ और आरामदायक बनाएगा।

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