जयपुर में 15वें ग्रेट इंडियन ट्रैवल बाज़ार का सफल आयोजन
राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने जीआईटीबी के 15वें संस्करण का उद्घाटन किया, जिसमें 50 देशों के प्रतिनिधियों ने पर्यटन निवेश और साझेदारी पर संवाद किया।

जयपुर में आयोजित 15वें ग्रेट इंडियन ट्रैवल बाज़ार के उद्घाटन अवसर पर उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी और अन्य गणमान्य अतिथि रिबन काटकर प्रदर्शनी का शुभारंभ करते हुए।
जयपुर, 29 अप्रैल। गुलाबी नगरी जयपुर एक बार फिर वैश्विक पर्यटन संवाद के वैश्विक केंद्र के रूप में उभरी है, जहाँ 26 से 28 अप्रैल तक जयपुर एग्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर (जेईसीसी) में आयोजित 15वें ग्रेट इंडियन ट्रैवल बाज़ार (जीआईटीबी) ने यह स्पष्ट कर दिया कि पर्यटन अब मात्र दर्शनीय स्थलों का भ्रमण नहीं, अपितु नीति, निवेश, संस्कृति और कूटनीति का एक सशक्त संगम बन चुका है। राजस्थान पर्यटन विभाग, भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय और फिक्की के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस भव्य समागम ने राजस्थान को एक अनुभव-आधारित, निवेश-उन्मुख और रणनीतिक साझेदारी-केंद्रित गंतव्य के रूप में वैश्विक पटल पर प्रतिष्ठित किया है। यह आयोजन सार्वजनिक–निजी भागीदारी के एक परिपक्व और सफल मॉडल का अनुपम उदाहरण बनकर उभरा है।
पर्यटन के इस महाकुंभ का औपचारिक आगाज होटल जय महल पैलेस में आयोजित उद्घाटन सत्र के साथ हुआ, जहाँ राजस्थान की उपमुख्यमंत्री तथा पर्यटन, कला एवं संस्कृति मंत्री दिया कुमारी ने राज्य को विश्व-स्तरीय पर्यटन गंतव्य बनाने की अपनी अटूट प्रतिबद्धता दोहराई। उपमुख्यमंत्री ने पर्यटन को विकास का ‘ग्रोथ इंजन’ करार देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के विज़न के अनुरूप यह क्षेत्र अब केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि रोजगार, निवेश और सांस्कृतिक आत्मविश्वास का प्रमुख आधार है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व में पारदर्शी प्रशासन और सस्टेनेबिलिटी को प्राथमिकता देने की बात कही। उपमुख्यमंत्री ने विशेष रूप से अनुभव-आधारित पर्यटन, झील संरक्षण, मरुस्थलीय पारिस्थितिकी, किलों एवं हवेलियों के संरक्षण सहित एमआईसीई, फिल्म, आध्यात्मिक और वन्यजीव पर्यटन के विस्तार पर बल दिया ताकि यह लाखों लोगों की आजीविका का समावेशी आधार बन सके।
प्रशासनिक स्तर पर मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने निवेश-अनुकूल नीतियों, सुदृढ़ कनेक्टिविटी, पीपीपी मॉडल और डिजिटल प्रबंधन को पर्यटन की रीढ़ बताया। वहीं, भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी सुमन बिल्ला ने राष्ट्रीय लक्ष्य साझा करते हुए कहा कि आगामी वर्षों में पर्यटन का जीडीपी में योगदान दोगुना करने का लक्ष्य है, जिसमें जीआईटीबी जैसे मंच छोटे हितधारकों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने का कार्य करते हैं। शासन सचिव शुचि त्यागी ने राजस्थान को एक समेकित और निवेश-उन्मुख गंतव्य के रूप में प्रस्तुत करने की रणनीति साझा की। 27 अप्रैल को प्रदर्शनी के उद्घाटन के साथ ही जेईसीसी में 50 देशों के लगभग 195 विदेशी टूर ऑपरेटर्स और देशभर के पर्यटन बोर्डों, होटल समूहों एवं ट्रैवल टेक कंपनियों का जमावड़ा लगा। दो दिनों के भीतर संपन्न हुई 10,000 से अधिक प्री-शेड्यूल्ड बी2बी बैठकों ने इस आयोजन को केवल औपचारिक भाषणों तक सीमित न रखकर वास्तविक व्यावसायिक परिणामों में तब्दील कर दिया। यहाँ राजस्थान की छवि पारंपरिक ‘किले-महलों’ से ऊपर उठकर एक ‘ईयर-राउंड एक्सपीरियंस डेस्टिनेशन’ के रूप में निखरी।
इस अवसर पर फिक्की और ईवॉय का नॉलेज पेपर भी जारी किया गया, जिसमें इनबाउंड पर्यटन के भविष्य और टेक्नोलॉजी के महत्व पर प्रकाश डाला गया। आयोजन की सांस्कृतिक संध्या ‘एकम द स्पिरिट ऑफ वननेस’ ने शास्त्रीय और लोक नृत्यों के माध्यम से राजस्थान की आत्मा और विविधता में एकता का संदेश दिया। वहीं, ‘ट्रैवल एंड टूरिज्म एक्सीलेंस अवॉर्ड्स’ के जरिए उद्योग में नवाचार और गुणवत्ता लाने वाले संस्थानों को सम्मानित किया गया। समापन दिवस पर विदेशी प्रतिनिधियों को खातीपुरा स्टेशन पर विश्वप्रसिद्ध लग्ज़री ट्रेन ‘पैलेस ऑन व्हील्स’ का अवलोकन कराया गया, जिसने राजस्थानी वैभव और शाही आतिथ्य की अमिट छाप छोड़ी।
जीआईटीबी 2026 की सफलता को धरातल पर उतारने हेतु 29 अप्रैल को 45 विदेशी टूर ऑपरेटर्स को तीन विशेष फैम टूअर सर्किट्स—जयपुर–कोटा–उदयपुर–देवगढ़, जयपुर–आभानेरी–सरिस्का–रणथंभौर, और जयपुर–पुष्कर–जोधपुर–जैसलमेर–बीकानेर–मंडावा के लिए रवाना किया गया। इस पहल का उद्देश्य विदेशी प्रतिनिधियों को प्रत्यक्ष अनुभव के माध्यम से गंतव्यों का भरोसा दिलाना है। पूरे आयोजन ने स्थानीय गाइडों, उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों को जोड़कर पर्यटन को सीधे आजीविका से जोड़ने का सफल संदेश दिया। वैश्विक भू-राजनीतिक अस्थिरता के दौर में 50 देशों की सक्रिय भागीदारी ने भारत की सांस्कृतिक ‘सॉफ्ट पावर’ को सिद्ध किया है। जीआईटीबी 2026 ने यह प्रमाणित कर दिया है कि राजस्थान अब पारंपरिक प्रचार की सीमाओं को लांघकर संरचित वैश्विक सहभागिता और निवेश-अनुकूल मॉडल के साथ विश्व के सर्वश्रेष्ठ पर्यटन केंद्रों की श्रेणी में मजबूती से खड़ा है।

Pratahkal Newsroom
प्रातःकाल न्यूज़-रूम, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, समयबद्ध और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा न्यूज़-रूम राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
