पाली। शौर्य और भक्ति की धरा पाली में गणतंत्र दिवस का राष्ट्रीय पर्व अपार हर्षोल्लास और गौरवमयी छटा के साथ मनाया गया। जिला मुख्यालय पर आयोजित इस गरिमामयी समारोह में राजस्थान सरकार के पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान विभाग के कैबिनेट मंत्री श्री जोराराम कुमावत ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। सुबह की पहली किरण के साथ ही समूचा वातावरण देशभक्ति के तरानों से गुंजायमान हो उठा, जब मंत्री कुमावत ने राष्ट्रीय ध्वज फहराकर तिरंगे को सलामी दी और मार्च पास्ट का निरीक्षण किया। इस गौरवशाली क्षण से पूर्व, मंत्री ने शहीद स्मारक पहुंचकर देश के अमर बलिदानियों को पुष्पचक्र अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी, जिसने उपस्थित जनसमूह की आंखों में कृतज्ञता के भाव भर दिए।

समारोह के दौरान प्रशासनिक और राजनीतिक जगत की प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं, जिनमें जिला कलेक्टर श्री एल एन मंत्री की गरिमामयी उपस्थिति विशेष रही। कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत के साथ अतिरिक्त जिला कलेक्टर प्रशासन डॉ. बजरंग सिंह ने प्रदेश के राज्यपाल का संदेश पढ़कर सुनाया, जिसमें राज्य की प्रगति और संवैधानिक मूल्यों के संरक्षण का संकल्प दोहराया गया। अपने संबोधन में कैबिनेट मंत्री श्री जोराराम कुमावत ने संविधान की शक्ति को रेखांकित करते हुए कहा कि आज के दिन हमारा देश गणतंत्र बना और हमें वह शक्ति मिली जिससे हम अपने भाग्य का निर्माण स्वयं कर सकें। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली सरकारों की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान में जनहित के ऐतिहासिक निर्णय लिए जा रहे हैं और जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है।

इस समारोह का सबसे भावुक और प्रेरणादायक क्षण वह था जब मुख्य अतिथि ने शहीद की वीरांगना और स्वतंत्रता सेनानी को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। यह दृश्य राष्ट्र के प्रति उनके बलिदान के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का जीवंत उदाहरण बना। इसके साथ ही, जिले की प्रगति में अपना अमूल्य योगदान देने वाली 86 प्रतिभाओं को जिला स्तर पर सम्मानित किया गया। समाजसेवा, खेल, शिक्षा और उत्कृष्ट राजकीय सेवा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले इन व्यक्तियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। यह आयोजन न केवल एक औपचारिक उत्सव रहा, बल्कि इसने पाली के नागरिकों में देश के गणतंत्र और संविधान को और अधिक मजबूत करने के उत्तरदायित्व का नया संचार किया, जो अंततः एक सशक्त और समृद्ध भारत की नींव को पुख्ता करता है।

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