जयपुर। राजस्थान की गुलाबी नगरी जयपुर के ग्रामीण अंचलों में विकास की एक नई इबारत लिखी जाने वाली है। राज्य सरकार के महत्वाकांक्षी 'ग्राम-2026' (ग्लोबल राजस्थान एग्री-टेक मीट-2026) के शंखनाद के साथ ही जयपुर जिले की ग्राम पंचायतों में खुशहाली का सूरज उगने को तैयार है। जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के नेतृत्व में प्रशासन ने एक ऐसी कार्ययोजना तैयार की है, जो न केवल किसानों की आय दोगुनी करने का मार्ग प्रशस्त करेगी, बल्कि ग्रामीण सशक्तीकरण की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी। आगामी 23 जनवरी को बसंत पंचमी के पावन अवसर पर जयपुर के गिरदावर सर्किलों में 'ग्राम उत्थान शिविरों' का भव्य आगाज होने जा रहा है, जहां एक ही छत के नीचे 12 से अधिक विभागों की योजनाओं का लाभ सीधे ग्रामीणों की झोली में गिरेगा।

इस वृहद अभियान की रूपरेखा को अंतिम रूप देने के लिए मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में एक उच्च स्तरीय समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि कोई भी पात्र व्यक्ति योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए। राजस्थान के माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा द्वारा 'ग्राम-2026' की समीक्षा बैठक में दिए गए विजन को धरातल पर उतारने के लिए यह शिविर 23 जनवरी से शुरू होकर फरवरी माह के प्रथम सप्ताह तक कुल 10 दिनों तक चलेंगे। प्रशासन ने पारदर्शिता और गति सुनिश्चित करने के लिए इन शिविरों में मौके पर ही स्वीकृतियां जारी करने की व्यवस्था की है, जिससे ग्रामीणों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति मिलेगी।

शिविरों के विधिवत शुभारंभ से पहले 22 जनवरी को जिले की समस्त ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाएगा, ताकि सूचना का प्रसार अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक हो सके। इन शिविरों में कृषि और उद्यानिकी विभाग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रहने वाली है, जहां तारबंदी, फार्म पॉण्ड और सौर पंप संयंत्र जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं की स्वीकृतियां दी जाएंगी। विशेष रूप से, बैलों से खेती करने वाले पारंपरिक किसानों के लिए 30 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि का प्रावधान किया गया है, जो हमारी कृषि संस्कृति को सहेजने की एक अनूठी पहल है। इसके साथ ही, बसंत पंचमी के दिन सहकारिता विभाग द्वारा मुख्यमंत्री किसान निधि का डीबीटी सीधे किसानों के खातों में हस्तांतरित किया जाएगा, जिसका लाइव प्रदर्शन एलईडी स्क्रीनों पर होगा।

यह अभियान केवल खेती-किसानी तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण बुनियादी ढांचे और पशुधन संरक्षण को भी समान प्राथमिकता दी गई है। पशुपालन विभाग जहाँ मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना और स्वास्थ्य परीक्षण पर केंद्रित रहेगा, वहीं डेयरी विभाग नए सरस बूथों और सदस्यता के माध्यम से स्वरोजगार के अवसर पैदा करेगा। ग्रामीण विकास विभाग द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभार्थियों को उनके सपनों के घर की चाबियां सुपुर्द की जाएंगी। इसके अतिरिक्त, ऊर्जा विभाग 'पीएम सूर्य घर योजना' के तहत पंजीकरण कर गांवों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास करेगा। जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने सभी क्षेत्रीय अधिकारियों को इन शिविरों में अनिवार्य उपस्थिति दर्ज कराने और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने की सख्त हिदायत दी है, ताकि जयपुर जिला ग्रामीण विकास के मॉडल के रूप में पूरे प्रदेश में उभर सके।

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