जयपुर, 13 जनवरी। राजस्थान के राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने मकर संक्रांति के पावन अवसर पर समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। सूर्य के उत्तरायण होने के इस विशेष कालखंड को उन्होंने जीवन में 'उजास' और नई ऊर्जा का प्रतीक बताया। अपने संदेश में राज्यपाल ने न केवल पर्व के आध्यात्मिक महत्व को रेखांकित किया, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी और सुरक्षा के प्रति भी जनता को जागरूक किया।

सूर्य उपासना और सकारात्मकता का प्रतीक

राज्यपाल श्री बागडे ने मकर संक्रांति की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पर्व भगवान भास्कर की आराधना का उत्सव है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार सूर्य अंधकार को मिटाकर जगत को आलोकित करता है, उसी प्रकार यह पर्व हमें अपने जीवन में नकारात्मकता को त्याग कर सकारात्मक सोच के साथ निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कामना की कि यह त्यौहार हर नागरिक के जीवन में सौभाग्य, उत्तम स्वास्थ्य और समृद्धि लेकर आए।

जनहित में अपील: 'चाइनीज मांझे' से रहें दूर

त्यौहार के हर्षोल्लास के बीच राज्यपाल ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील अपील भी जारी की। उन्होंने पतंगबाजी के दौरान 'चाइनीज मांझे' (धातु मिश्रित धागा) के प्रयोग पर चिंता व्यक्त की। राज्यपाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि:

पतंगबाजी के उत्साह में पक्षियों और मनुष्यों की सुरक्षा का ध्यान रखना अनिवार्य है।

चाइनीज मांझे का उपयोग जानलेवा हो सकता है, अतः पारंपरिक और सुरक्षित धागों का ही प्रयोग करें।

उत्सव की खुशी किसी के लिए दुख का कारण न बने, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।

उत्सव की गरिमा और सामाजिक संदेश

राज्यपाल का यह संदेश न केवल एक औपचारिक शुभकामना है, बल्कि यह राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं को संजोने और पर्यावरण के प्रति सचेत रहने का आह्वान भी है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि दान-पुण्य और परोपकार का यह पर्व समाज में समरसता और बंधुत्व की भावना को और अधिक प्रगाढ़ करेगा।

Pratahkal Newsroom

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