। राजस्थान के राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने शनिवार को समाज सुधार की मशाल जलाने वाले महान क्रांतिसूर्य महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धा-सुमन अर्पित किए। जयपुर स्थित महात्मा ज्योतिबा फुले सर्किल पहुंचकर राज्यपाल ने उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और नमन करते हुए उनके आदर्शों को याद किया। इस गरिमामय समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने स्पष्ट किया कि वंचितों और शोषितों के कल्याण के लिए समर्पित महात्मा फुले का संपूर्ण जीवन मानवता के लिए एक महान प्रेरणा स्रोत है।

श्री बागडे ने महात्मा ज्योतिबा फुले के विराट व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए उन्हें केवल एक व्यक्ति नहीं, अपितु एक 'महामानव' की संज्ञा दी। उन्होंने कहा कि महिला शिक्षा के अग्रदूत और 'सत्यशोधक समाज' के संस्थापक के रूप में फुले का योगदान अविस्मरणीय है। उनका जीवन हमें सामाजिक समरसता के सूत्र में बंधने और ज्ञान के प्रकाश से दूसरों के कल्याण के लिए समर्पित रहने का आदर्श प्रस्तुत करता है। राज्यपाल ने जोर देकर कहा कि महात्मा फुले ने तत्कालीन समाज की रूढ़िवादी परंपराओं का डटकर विरोध किया और शिक्षा को समाज में जागृति लाने का मुख्य आधार बनाया।

राज्यपाल ने अपने संबोधन में महात्मा फुले के जीवन प्रसंगों को साझा करते हुए उनके संघर्षों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि ज्योतिबा फुले ने अपना समस्त जीवन पीड़ित, पिछड़े और शोषित वर्ग के उत्थान हेतु न्योछावर कर दिया। महाराष्ट्र में स्थित महात्मा ज्योतिबा फुले स्मारक की चर्चा करते हुए श्री बागडे ने उन्हें एक 'युग प्रवर्तक' बताया। उन्होंने प्रदेशवासियों का आह्वान किया कि महात्मा फुले के बताए आदर्श मार्ग पर चलना और उनके पदचिह्नों का अनुसरण करते हुए उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर होना ही उनके प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

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