जयपुर में आयोजित Global RISE 2026 के सातवें संस्करण में पारंपरिक उद्योगों को नई तकनीक, निर्यात और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने पर व्यापक चर्चा हुई। 7 अक्टूबर 2026 को आयोजित इस कार्यक्रम में 110 से अधिक उद्योग प्रतिनिधियों, उद्यमियों, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs), नीति-निर्माताओं और सरकारी अधिकारियों ने हिस्सा लिया। जेम्स-ज्वेलरी, हस्तशिल्प, फर्नीचर, गारमेंट्स और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र के कारोबार को विस्तार देने, नई तकनीक अपनाने और विदेशी बाजारों तक पहुंच बढ़ाने के अवसरों पर विचार-विमर्श किया गया।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि जयपुर के कारोबारों के पास अनुभव, पारंपरिक हुनर और उत्पादन क्षमता पहले से मौजूद है। अब इन क्षमताओं को बड़े बाजारों तक पहुंचाने और बदलती कारोबारी जरूरतों के अनुरूप विकसित करने की आवश्यकता है। SMBConnect की ओर से आयोजित Global RISE 2026 – The Next Phase of India's Growth देश के 15 शहरों में आयोजित की जा रही व्यावसायिक कार्यक्रमों की श्रृंखला है। जयपुर इसका सातवां पड़ाव रहा। इस पहल के तहत मुक्त व्यापार समझौतों (FTAs), तकनीक, वित्त, व्यापार, निर्यात और नए बाजारों से जुड़े अवसरों पर चर्चा की जा रही है। श्रृंखला का अगला आयोजन 27 अक्टूबर को इंदौर में होगा।

SMBConnect के संस्थापक एवं निदेशक संदीपन रे ने कहा कि जेम्स-ज्वेलरी, गारमेंट्स और हस्तशिल्प जयपुर की पहचान का अहम हिस्सा हैं, लेकिन यहां इंजीनियरिंग, मैन्युफैक्चरिंग और कई अन्य उद्योगों का भी मजबूत आधार है। जयपुर संस्करण से सामने आया कि यहां के कारोबारों में आगे बढ़ने की क्षमता पहले से मौजूद है। जरूरत उन्हें नए और बड़े बाजारों से जोड़ने की है। उन्होंने कहा कि Global RISE के माध्यम से तकनीक, व्यापार, साझेदारी और बाजार से जुड़े अवसरों को एक मंच पर लाया जा रहा है, ताकि स्थापित कारोबार विस्तार के नए रास्ते तलाश सकें।

कार्यक्रम के शुरुआती सत्रों में जयपुर के औद्योगिक सामर्थ्य, राजस्थान में उद्योगों के विकास की संभावनाओं और MSMEs को मिलने वाले सरकारी सहयोग पर चर्चा हुई। राजस्थान चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (RCCI) के अध्यक्ष डॉ. के. एल. जैन ने बताया कि जयपुर के कारोबारी अपनी मौजूदा क्षमताओं के आधार पर अंतरराष्ट्रीय बाजारों में किस तरह आगे बढ़ सकते हैं। इसके बाद उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के सहायक आयुक्त हिमांशु जोशी ने राजस्थान में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने वाली सरकारी नीतियों और योजनाओं की भूमिका पर जानकारी दी। उन्होंने MSMEs को कारोबार बढ़ाने और नए बाजारों तक पहुंचने में मिलने वाले संस्थागत सहयोग पर भी प्रकाश डाला।

तकनीक की भूमिका पर चर्चा करते हुए Radius Systems Pvt. Ltd. के SMB प्रमुख सुमित कुमार ने बताया कि नई तकनीक का प्रभावी इस्तेमाल कारोबार के संचालन को बेहतर बनाने, विस्तार करने और बाजार में प्रतिस्पर्धा बनाए रखने में किस तरह मदद कर सकता है।

जयपुर के पारंपरिक शिल्प को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के विषय पर Jaipur Rugs की क्रिएटिव हेड (Arts & Culture) अनुप्रिया राजावत ने कंपनी की यात्रा साझा की। उन्होंने बताया कि पारंपरिक भारतीय शिल्प को आधुनिक कला और डिजाइन से जोड़कर नए बाजारों तक पहुंचाया जा सकता है। इस सत्र में कारीगरों के काम को बेहतर पहचान और बाजार मूल्य दिलाने पर भी चर्चा हुई। साथ ही, पारंपरिक पहचान बनाए रखते हुए नए डिजाइन, ब्रांडिंग और बाजारों के माध्यम से हस्तशिल्प कारोबार को आगे बढ़ाने के तरीकों पर विचार किया गया।

जयपुर के जेम्स-ज्वेलरी और हस्तशिल्प उद्योगों के भविष्य पर आयोजित पैनल चर्चा में बदलती तकनीक, ग्राहकों की नई जरूरतों और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा के मुद्दे उठे। इसमें RCCI के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता डॉ. अरुण अग्रवाल, Amrapali Jewels के संस्थापक राजीव अरोड़ा, Derewala Industries Limited के निदेशक हर्षित गर्ग और Vaibhav Global Ltd. के R&D प्रमुख थॉमस जोस शामिल हुए। चर्चा का संचालन Sigma Synergy LLP के सह-संस्थापक एवं प्रबंध साझेदार प्रवीण शर्मा ने किया। वक्ताओं ने कारीगरी और विशेषज्ञता को बनाए रखते हुए नई तकनीक तथा नवाचार अपनाने की संभावनाओं पर चर्चा की। इससे उत्पादन क्षमता बढ़ाने, प्रतिस्पर्धा मजबूत करने और विदेशी बाजारों में कारोबार का विस्तार करने के अवसरों पर जोर दिया गया।

कार्यक्रम में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के व्यावहारिक इस्तेमाल पर विशेष सत्र भी आयोजित किया गया। Interakt by Jio Haptik के प्रबंधक कुनाल कोली ने 'Build Your AI Business Team in Minutes' विषय पर बताया कि AI की मदद से कारोबारी कामकाज और टीमों की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।

फर्नीचर और हस्तशिल्प कारोबार को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने के अनुभव साझा करते हुए Sankalp International के संस्थापक गिरीश अग्रवाल ने अपनी कारोबारी यात्रा पर चर्चा की। वह COA के सदस्य एवं उत्तर-पश्चिम क्षेत्र के क्षेत्रीय संयोजक भी हैं। उन्होंने बताया कि कारीगरी, नए विचारों और निर्यात के माध्यम से स्थानीय कारोबार को विदेशी बाजारों तक पहुंचाया जा सकता है। इस सत्र में जयपुर के हस्तशिल्प और फर्नीचर उद्योग के लिए नए बाजार तलाशने तथा मौजूदा कारोबारी क्षमताओं का बेहतर उपयोग करने पर जोर दिया गया।

राजस्थान में गारमेंट उद्योग की संभावनाओं पर Cheer Sagar Exports के निदेशक एवं Garment Exporters Association of Rajasthan (GEAR) के अध्यक्ष रक्षित पोद्दार ने विचार रखे। उन्होंने राज्य में गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग और निर्यात की मौजूदा क्षमता के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों में हिस्सेदारी बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा की। इस दौरान बड़े स्तर पर उत्पादन, लागत, गुणवत्ता, अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा और विदेशी खरीदारों तक पहुंच जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ।

राजस्थान के MSMEs को अगले दस वर्षों में कारोबार बढ़ाने और प्रतिस्पर्धा में बने रहने के लिए आवश्यक बदलावों पर दूसरी पैनल चर्चा आयोजित की गई। इसमें Sekawati Impex के संस्थापक एवं अध्यक्ष और 'Bagman of India' के नाम से पहचाने जाने वाले डॉ. दिनेश गुप्ता, Swishin Ventures के संस्थापक महावीर प्रताप शर्मा और Arihant Group के निदेशक रिपुल गोयल शामिल हुए। चर्चा का संचालन Simply Jaipur Publications की लेखिका, प्रकाशक एवं वक्ता अंशु हर्ष ने किया। वक्ताओं ने कहा कि कारोबार बढ़ाने के लिए केवल नए ग्राहक या बाजार तलाशना पर्याप्त नहीं है। कंपनियों को अपनी कार्यप्रणाली बेहतर बनाने, मजबूत ब्रांड पहचान विकसित करने, नवाचार अपनाने और नए क्षेत्रों में विस्तार की तैयारी भी करनी होगी।

विदेशी बाजारों में जयपुर के MSMEs के लिए उपलब्ध अवसरों पर Federation of Indian Export Organisations (FIEO), राजस्थान के सहायक निदेशक भूपिंदर सिंह ने चर्चा की। उन्होंने घरेलू बाजार से आगे बढ़कर निर्यात शुरू करने और मौजूदा निर्यात कारोबार को विस्तार देने की संभावनाओं पर जानकारी दी। सत्र में इस बात पर भी विचार हुआ कि मैन्युफैक्चरिंग, हस्तशिल्प और व्यापार से जुड़े उद्योग अपनी मौजूदा क्षमताओं का इस्तेमाल करके नए विदेशी बाजारों तक कैसे पहुंच सकते हैं।

कार्यक्रम के अंतिम ज्ञान सत्र में भारत सरकार के MSME मंत्रालय के अंतर्गत MSME Development & Facilitation Office, जयपुर के निदेशक प्रदीप ओझा ने छोटे और मध्यम उद्योगों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि कारोबार को लंबे समय तक आगे बढ़ाने के लिए उद्यमियों के प्रयासों के साथ वित्त, तकनीक, कौशल विकास, बाजार और सरकारी संस्थाओं से सहयोग भी जरूरी है।

कार्यक्रम के समापन पर RISE Awards 2026 आयोजित किए गए, जिनमें उद्यमिता और कारोबार के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वालों को सम्मानित किया गया। इसके बाद हाई टी और नेटवर्किंग सत्र के दौरान प्रतिभागियों ने एक-दूसरे से मुलाकात की और कारोबारी सहयोग की संभावनाओं पर बातचीत की।

अहमदाबाद, पुणे, भुवनेश्वर, पटना, कोयंबटूर और हैदराबाद के बाद जयपुर में Global RISE 2026 का आयोजन हुआ। जयपुर संस्करण में जेम्स-ज्वेलरी, हस्तशिल्प, गारमेंट्स और मैन्युफैक्चरिंग जैसे स्थापित उद्योगों को तकनीक, नवाचार और निर्यात के जरिए आगे बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया। अब इस श्रृंखला का अगला आयोजन 27 अक्टूबर को इंदौर में होगा। इसके बाद देश के अन्य शहरों में व्यापार, उद्योग और नए कारोबारी अवसरों पर चर्चा आगे बढ़ाई जाएगी।

Global RISE 2026 – The Next Phase of India's Growth, SMBConnect की ओर से आयोजित 15 शहरों की व्यावसायिक कार्यक्रम श्रृंखला है। इसका उद्देश्य भारतीय कारोबारियों को वैश्विक व्यापार, मुक्त व्यापार समझौतों (FTAs), तकनीक, वित्त, निर्यात और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जुड़े अवसरों, संस्थानों तथा विशेषज्ञों से जोड़ना है। SMBConnect पिछले 13 वर्षों से छोटे और मध्यम कारोबारों को जोड़ने वाले बिजनेस नेटवर्किंग और ज्ञान मंच के रूप में काम कर रहा है। इसके माध्यम से उद्यमियों को उद्योग विशेषज्ञों से जुड़ने, जानकारी साझा करने, नए संपर्क बनाने और कारोबारी अवसर तलाशने का मंच मिलता है।

कार्यक्रम से संबंधित मीडिया संपर्क के लिए रंजीता रस्तोगी, संचार विशेषज्ञ, रीडिफाइन से ईमेल ranjeeta.rastogi@redefine.in और फोन नंबर 9650-302-564 पर संपर्क किया जा सकता है।

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