ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट 2026: जयपुर में 23 मई से जुटेगा कृषि जगत
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ग्राम-2026 की घोषणा की, कृषि क्षेत्र में निवेश और नई तकनीक के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने पर केंद्रित होगा तीन दिवसीय आयोजन।

नई दिल्ली/जयपुर, 23 अप्रेल। राजस्थान सरकार के मुख्यमंत्री जनसम्पर्क प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट (ग्राम)-2026 को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि जयपुर में 23 से 25 मई तक आयोजित होने वाला यह सम्मेलन किसानों, कृषि विशेषज्ञों, नीति निर्माताओं और निवेशकों को एक साझा मंच प्रदान करेगा, जहां कृषि प्रौद्योगिकी के माध्यम से किसानों की मजबूती और आय वृद्धि पर ठोस चर्चा होगी।
नई दिल्ली में आयोजित ग्राम-2026 इन्वेस्टर मीट को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘सशक्त किसान-समृद्ध भारत’ विजन को धरातल पर उतारने की प्रतिबद्धता दोहराई और निवेशकों व उद्यमियों को इस आयोजन में भाग लेने का आमंत्रण दिया। उन्होंने बताया कि ‘ग्राम’ के अंतर्गत गिरदावर सर्किल, उपखण्ड और जिला स्तर तक गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं, ताकि अधिकतम किसानों को लाभ मिल सके।
मुख्यमंत्री ने राजस्थान की कृषि क्षमता को रेखांकित करते हुए कहा कि राज्य बाजरा, सरसों, तिलहन, जौ, ग्वार, ईसबगोल और जीरे के उत्पादन में देश में प्रथम स्थान पर है। इस विविधता के चलते फूड प्रोसेसिंग, स्पाइस पार्क और एग्री-एक्सपोर्ट जैसे क्षेत्रों में व्यापक निवेश संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के तहत कृषि क्षेत्र में लगभग 44 हजार करोड़ रुपये के एमओयू साइन किए गए, जिनमें से 9 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश धरातल पर उतर चुका है और ग्राम-2026 इस निवेश यात्रा को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण मंच बनेगा।
उन्होंने यह भी बताया कि राजस्थान में पहली बार पश्चिम क्षेत्रीय जोनल कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई है और झालावाड़ व टोंक जिलों को दलहन उत्पादन के लिए मॉडल जिलों के रूप में विकसित किया जा रहा है। केंद्र सरकार द्वारा प्रदेश में 3 लाख क्विंटल से अधिक बीज वितरण के लिए किसानों को अनुदान दिया जाएगा।
कृषि से जुड़ी गतिविधियों पर सरकार के फोकस को स्पष्ट करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सौर ऊर्जा उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं। पिछले दो वर्षों में एक हजार करोड़ रुपये से अधिक का अनुदान जारी कर 65 हजार से अधिक सौर पंप संयंत्र स्थापित किए गए हैं, जिससे किसानों की बिजली लागत में कमी और उत्पादकता में वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि किसानों को निकटतम प्रसंस्करण इकाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रोसेसिंग यूनिट, वेयरहाउस, डेयरी, मछली पालन और पशुपालन जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रदेश में डेढ़ हजार से अधिक कृषि प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित की जा चुकी हैं और फूड पार्कों के लिए भूमि चिन्हित की गई है। साथ ही मसाला प्रकोष्ठ की स्थापना, राजस्थान स्पाइस कॉन्क्लेव और राजस्पाइस मोबाइल एप्लिकेशन जैसे नवाचार भी किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने किसानों के हित में किए गए कार्यों का उल्लेख करते हुए बताया कि किसान सम्मान निधि की राशि बढ़ाकर 9 हजार रुपये की गई है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत राज्य में 2 करोड़ 19 लाख पॉलिसी जारी की गई हैं और 6 हजार 500 करोड़ रुपये से अधिक के क्लेम वितरित किए गए हैं, जो देश में सर्वाधिक हैं। इसके अतिरिक्त गेहूं खरीद पर 150 रुपये बोनस, 24 जिलों में दिन में बिजली आपूर्ति, राजस्थान सहकारी गोपाल क्रेडिट कार्ड ऋण योजना के तहत पशुपालकों को 1 लाख रुपये तक ब्याज मुक्त ऋण और मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के तहत 20 लाख से अधिक पशुओं का पंजीकरण किया गया है।
कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने कहा कि कृषि के लाभदायक होने पर ही देश का वास्तविक विकास संभव है। उन्होंने वैज्ञानिकों से प्रदेश की भौगोलिक आवश्यकताओं के अनुरूप सुलभ तकनीक विकसित करने का आह्वान किया। कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने बताया कि ग्राम-2026 के अंतर्गत अहमदाबाद, हैदराबाद और पुणे सहित देश के विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। यह मंच नीति निर्माताओं, वैज्ञानिकों और कृषि विशेषज्ञों को जोड़ते हुए नई तकनीकों के प्रसार, महिला उद्यमिता और स्टार्टअप को बढ़ावा देने का अवसर प्रदान करेगा।
कार्यक्रम में ग्राम 2026 पर लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत, सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम कुमार, राजस्थान किसान आयोग अध्यक्ष सी.आर. चौधरी, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक एम.एल. जाट, प्रमुख शासन सचिव कृषि मंजू राजपाल, फिक्की के महासचिव अनन्त स्वरूप सहित बड़ी संख्या में उद्यमी, निवेशक, विशेषज्ञ और किसान उपस्थित रहे।
ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट-2026 न केवल कृषि क्षेत्र में तकनीकी नवाचार और निवेश को नई दिशा देगा, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने और ‘सशक्त किसान-समृद्ध भारत’ के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक निर्णायक पहल साबित होगा।

Pratahkal Bureau
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